नई दिल्ली : भारत और श्रीलंका के बीच दो मैचों की टेस्ट सीरीज का पहला मुकाबला गॉल में खेला जा रहा है। मैच के तीसरे दिन पहले सत्र में भारतीय टीम की पहली पारी 462 रन पर समाप्त हुई। भारत के लिए इस पारी में 11 में से 10 बल्लेबाजों ने दहाई का आंकड़ा पार किया, जबकि प्रसिद्ध कृष्णा एकमात्र ऐसे बल्लेबाज रहे जो सिर्फ 2 रन बना सके। अगर प्रसिद्ध भी दहाई का आंकड़ा छूने में सफल रहते तो टीम इंडिया 19 साल पुराना इतिहास दोहरा सकती थी। भारत के पास एक ही पारी में सभी बल्लेबाजों के दहाई का आंकड़ा छूने का खास मौका था, लेकिन प्रसिद्ध कृष्णा के जल्दी आउट होने से यह उपलब्धि हासिल नहीं हो सकी।
आपको बता दें भारतीय टीम ने टेस्ट क्रिकेट में अभी तक चार बार ऐसा किया है जब सभी 11 खिलाड़ियों ने दहाई का आंकड़ा छुआ है। आखिरी बार 2007 में टीम इंडिया ने इंग्लैंड के खिलाफ केनिंग्टन ओवल लंदन में ऐसा किया था। उस मैच में दिग्गज गेंदबाज अनिल कुंबले ने शतक भी जड़ा था। इस मैच में भारत ने पहली पारी में 664 रन बनाए थे। सभी खिलाड़ियों ने इस पारी में दहाई का आंकड़ा छुआ था। गॉल टेस्ट में देवदत्त पडिक्कल टॉप स्कोरर रहे और उन्होंने 167 रन की पारी खेली।
एक कदम दूर रह गया भारत, साउथ अफ्रीका को पीछे छोड़ने का मौका गंवाया
अगर भारत इस मुकाबले में अपने सभी बल्लेबाजों से दहाई का आंकड़ा पार कराने में सफल रहता, तो वह टेस्ट क्रिकेट में यह उपलब्धि सबसे ज्यादा बार हासिल करने वाला अकेला देश बन जाता। फिलहाल भारत और दक्षिण अफ्रीका संयुक्त रूप से चार-चार बार यह कारनामा कर चुके हैं। वहीं इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया की टीमों ने तीन-तीन बार यह उपलब्धि हासिल की है। बांग्लादेश और वेस्टइंडीज की टीमें भी एक-एक बार अपनी पूरी पारी में सभी बल्लेबाजों से दहाई का आंकड़ा पार कराने में सफल रही हैं।
टेस्ट क्रिकेट में वह मौके जब सभी 11 खिलाड़ियों ने छुआ दहाई का आंकड़ा
| टीम | स्कोर | खिलाड़ी | पारी | नतीजा | विपक्षी टीम | मैदान | मैच की तारीख |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| इंग्लैंड | 475 | 11 | 3 | जीता | ऑस्ट्रेलिया | मेलबर्न | 29 दिसंबर 1894 |
| दक्षिण अफ्रीका | 385 | 11 | 1 | जीता | इंग्लैंड | जोहान्सबर्ग | 10 मार्च 1906 |
| इंग्लैंड | 636 | 11 | 2 | जीता | ऑस्ट्रेलिया | सिडनी | 14 दिसंबर 1928 |
| दक्षिण अफ्रीका | 358 | 11 | 2 | हारा | ऑस्ट्रेलिया | मेलबर्न | 31 दिसंबर 1931 |
| ऑस्ट्रेलिया | 575/8d | 11 | 1 | जीता | भारत | मेलबर्न | 6 फरवरी 1948 |
| भारत | 397 | 11 | 2 | ड्रॉ | पाकिस्तान | ईडन गार्डन्स | 12 दिसंबर 1952 |
| भारत | 359 | 11 | 2 | जीता | न्यूजीलैंड | डुनेडिन | 15 फरवरी 1968 |
| भारत | 524/9d | 11 | 1 | ड्रॉ | न्यूजीलैंड | कानपुर | 18 नवंबर 1976 |
| ऑस्ट्रेलिया | 471 | 11 | 3 | जीता | श्रीलंका | कोलंबो (SSC) | 17 अगस्त 1992 |
| इंग्लैंड | 470 | 11 | 1 | जीता | वेस्टइंडीज | द ओवल | 19 अगस्त 2004 |
| भारत | 664 | 11 | 1 | ड्रॉ | इंग्लैंड | द ओवल | 9 अगस्त 2007 |
| वेस्टइंडीज | 449/9d | 11 | 1 | हारा | ऑस्ट्रेलिया | ब्रिजटाउन | 7 अप्रैल 2012 |
| दक्षिण अफ्रीका | 313 | 11 | 1 | हारा | इंग्लैंड | जोहान्सबर्ग | 14 जनवरी 2016 |
| बांग्लादेश | 508 | 11 | 1 | जीता | वेस्टइंडीज | मीरपुर | 30 नवंबर 2018 |
| दक्षिण अफ्रीका | 431 | 11 | 2 | जीता | पाकिस्तान | केपटाउन | 3 जनवरी 2019 |
| ऑस्ट्रेलिया | 511 | 11 | 2 | जीता | इंग्लैंड | ब्रिस्बेन | 4 दिसंबर 2025 |


