नई दिल्ली : इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में खिलाड़ियों के ट्रेड को लेकर चल रही अटकलों के बीच भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर ने लीग की पारदर्शिता पर सवाल उठाया है। मुंबई इंडियंस के कप्तान हार्दिक पंड्या के गुजरात टाइटंस में संभावित वापसी की चर्चाओं के बीच गावस्कर ने कहा कि खिलाड़ियों के ट्रेड से जुड़े वित्तीय विवरण सार्वजनिक किए जाने चाहिए। उनके मुताबिक ट्रेड के दौरान खिलाड़ी की रकम और अन्य वित्तीय आंकड़ों की जानकारी सामने आने से प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी और प्रशंसकों को भी सौदे की वास्तविक तस्वीर समझने में मदद मिलेगी।
सुनील गावस्कर का मानना है कि जब इन आंकड़ों की जानकारी सिर्फ दोनों फ्रेंचाइजी, खिलाड़ी और बीसीसीआई तक सीमित रहती है तो बाकी टीमों के लिए यह जानना मुश्किल होता है कि सैलरी कैप के नियमों का सही तरीके से पालन हुआ है या नहीं। आईपीएल (IPL) 2026 के बाद ट्रेड विंडो के तहत खिलाड़ियों के केवल दो ही ट्रांसफर हुए हैं। इसमें लखनऊ सुपर जायंट्स और दिल्ली कैपिटल्स के बीच ऋषभ पंत और कुलदीप यादव का ट्रेड हुआ है। सुनील गावस्कर ने आईपीएल पदाधिकारियों से अपील की है कि वे लीग में दो टीमों के बीच खिलाड़ियों के ट्रेड में पूरी पारदर्शिता रखें।
सुनील गावस्कर ने ‘मिड-डे’ के लिए अपने कॉलम में लिखा, ‘‘मीडिया में इस बात की चर्चा हो रही है कि खिलाड़ी एक फ़्रेंचाइजी से दूसरी फ्रेंचाइजी में जा सकते हैं। बेशक, उस विंडो के बंद होने में अभी कुछ समय है। हालांकि, जब कोई खिलाड़ी एक फ्रेंचाइी से दूसरी फ्रेंचाइजी में जाता है तो यह बात सार्वजनिक होती है, लेकिन जब ट्रेड होता है तो उससे जुड़ी रकम की जानकारी सिर्फ दोनों फ्रेंचाइजी, खिलाड़ी और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) को ही होती है।’’
सुनील गावस्कर ने लिखा, ‘‘ऐसे में दूसरी फ्रेंचाइजी को यह पता नहीं चल पाता कि हर फ्रेंचाइजी के स्क्वाड के लिए तय सैलरी कैप का पालन किया गया या उसका उल्लंघन हुआ, इसलिए पूरी पारदर्शिता के लिए यह जरूरी है कि ये आंकड़े भी सार्वजनिक किए जाए। आईपीएल दुनिया की सबसे बड़ी टी20 लीग है और इसलिए पूरी पारदर्शिता बनाए रखना बहुत जरूरी है, ताकि इससे जलने वाले लोग इस पर अंगुली न उठा पाएं।’’
भारतीय टीम शुभमन गिल की कप्तानी में श्रीलंका के खिलाफ दो टेस्ट मैचों की सीरीज खेल रही है। घुटने की चोट के कारण तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह टीम में नहीं हैं, वहीं कुल 13 खिलाड़ी बेंगलुरु में बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) में रिहैब से गुजर रहे हैं। जसप्रीत बुमराह और बल्लेबाज साई सुदर्शन को शुरू में श्रीलंका टेस्ट सीरीज के लिए चुना गया था, लेकिन फिटनेस क्लीयरेंस न मिलने और समय पर ठीक न हो पाने के कारण उन्हें सीरीज से बाहर कर दिया गया।
सुनील गावस्कर ने भारतीय खिलाड़ियों को बार-बार होने वाली चोटों पर भी अपनी राय रखी। सुनील गावस्कर ने कहा, ‘‘जसप्रीत बुमराह को घुटने की चोट है, लेकिन देखा गया है कि ज्यादातर भारतीय खिलाड़ियों को हैमस्ट्रिंग की चोट लगती है। साफ है कि उनकी ट्रेनिंग में कुछ गड़बड़ है, इसलिए उन्हें बार-बार हैमस्ट्रिंग की चोट लगती है। ये चोटें तब लगती हैं जब वह भारत के लिए खेल रहे होते हैं, लेकिन दुर्भाग्य से इसका दोष बीसीसीआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के फिजियो पर मढ़ दिया जाता है।
सुनील गावस्कर ने गेंदबाजों के अभ्यास और फिटनेस को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अभ्यास के दौरान गेंदबाजों के लिए गेंदों की संख्या तय करने वाली कुछ पाबंदियां समझ से परे हैं। गावस्कर के मुताबिक, आईपीएल में कुछ विदेशी फिजियो गेंदबाजों को नेट्स में 20 से ज्यादा गेंदें फेंकने की अनुमति नहीं देते, जबकि मैच में एक गेंदबाज आसानी से 24 या उससे अधिक गेंदें एक स्पेल में फेंक सकता है। ऐसे में अगर अभ्यास के दौरान मैच की तुलना में कम गेंदें फेंकाई जाएंगी, तो गेंदबाज मुकाबले के लिए खुद को पूरी तरह कैसे तैयार कर पाएंगे? उन्होंने गेंदबाजों की मैच जैसी तैयारी और फिटनेस पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत बताई।
सुनील गावस्कर ने कहा कि भारतीय खिलाड़ियों को बार-बार होने वाली चोटों के कारणों पर गंभीरता से विचार करने की जरूरत है। उनके मुताबिक, सिर्फ जिम में फिट रहने से ज्यादा महत्वपूर्ण यह है कि खिलाड़ी मैच की परिस्थितियों में खेलने के लिए पूरी तरह तैयार और फिट हो। हालांकि, गावस्कर ने यह भी माना कि उनकी सोच उस दौर से प्रभावित हो सकती है, जब खिलाड़ियों की फिटनेस को लेकर दृष्टिकोण आज की तुलना में अलग था। इसके बावजूद उन्होंने खिलाड़ियों की मैच फिटनेस और लगातार चोटों के मुद्दे पर गंभीरता से विचार करने की जरूरत पर जोर दिया।


