नई दिल्ली : स्टार भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी लक्ष्य सेन ने मंगलवार, 18 अगस्त को दिल्ली में शानदार वापसी करते हुए बीडब्ल्यूएफ विश्व चैंपियनशिप के पुरुष एकल के दूसरे दौर में जगह बना ली। लक्ष्य ने ऑस्ट्रिया के कॉलिन्स वैलेंटाइन फिलिमोन के खिलाफ मुकाबले में पहला गेम गंवा दिया, लेकिन इसके बाद दमदार प्रदर्शन करते हुए तीन गेम तक चले कड़े मुकाबले में जीत दर्ज की। शुरुआती झटके के बावजूद लक्ष्य ने धैर्य बनाए रखा और लगातार दो गेम जीतकर मुकाबला अपने नाम किया। लक्ष्य ने 45 मिनट तक चले मुकाबले में फिलिमोन को 16-21, 21-8, 21-4 से हराया। दूसरे दौर में लक्ष्य का सामना अमेरिका के गैरेट टैन से होगा जिन्होंने स्विट्जरलैंड के टोबियास कुएंजी को 21-4, 21-15 से हराया। लक्ष्य ने धीमी शुरुआत की और उनके कम रैंकिंग वाले प्रतिद्वंद्वी ने पहले गेम में उन्हें लगातार दबाव में रखा।
लक्ष्य सेन की वापसी बेअसर, बड़ा उलटफेर करने से चूके
स्टार भारतीय खिलाड़ी लय हासिल करने के लिए जूझता दिखा। दोनों खिलाड़ी एक समय लगभग बराबरी पर चल रहे थे लेकिन लक्ष्य के लचर खेल और सहज गलतियों का फायदा उठाते हुए फिलिमोन ने लगातार छह अंक जुटाकर 17-12 की बढ़त बना ली। लक्ष्य ने कुछ अंक जुटाकर वापसी की कोशिश की, लेकिन ऑस्ट्रियाई खिलाड़ी ने धैर्य बरकरार रखते पहला गेम अपने नाम कर लिया।
दूसरे गेम में दोनों खिलाड़ी 7-7 की बराबरी पर थे
दूसरे गेम में दोनों खिलाड़ी 7-7 की बराबरी पर थे जिसके बाद भारतीय खिलाड़ी ने आक्रामक खेल के दम पर 11-8 की बढ़त हासिल कर ली। इसके बाद लक्ष्य ने अपने अनुभव का इस्तेमाल करते हुए लगातार 10 अंक जुटाए और प्रतिद्वंद्वी को कोई मौका नहीं देते हुए दूसरा गेम जीतकर स्कोर 1-1 कर दिया। इस दौरान फिलिमोन की लय भी टूटती नजर आई।
लक्ष्य का पलटवार ऐसा कि फिर उन्हें रोकना मुश्किल हो गया
इसके बाद लक्ष्य को रोकना मुश्किल हो गया। उन्होंने अपना आक्रामक खेल जारी रखा और फिलिमोन से लगातार सहज गलतियां कराईं। भारतीय खिलाड़ी ने 15-1 की बढ़त के साथ मैच पर पूरी तरह पकड़ बना ली और आसानी से मुकाबला अपने नाम कर लिया। इससे पहले त्रिसा जॉली और गायत्री गोपीचंद की गैरवरीयता प्राप्त भारतीय जोड़ी ने महिला युगल में लॉरेन लैम और एलिसन क्विन ली की अमेरिका की 16वीं वरीय जोड़ी को सीधे गेम में हराकर प्री क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया।
त्रिसा-गायत्री का जलवा, महज 38 मिनट में विरोधी जोड़ी को दी मात
त्रिसा और गायत्री ने दूसरे दौर में महज 38 मिनट में विरोधी जोड़ी को 21-15, 21-12 से हराकर अगले दौर में जगह बनाई। भारतीय जोड़ी ने शुरुआत से ही आक्रामक रवैया अपनाते हुए आत्मविश्वास के साथ खेल शुरू किया। त्रिसा ने अपने दमदार स्मैश से अंक जुटाए जबकि गायत्री ने शटल को खेल में बनाए रखने के साथ सटीक ड्रॉप शॉट लगाए और दोनों ने पहला गेम आसानी से अपने नाम किया।
कविप्रिया सेल्वम और सिमरन सिंघी की जोड़ी को मिली हार
दूसरे गेम में भी भारतीय जोड़ी ने इसी अंदाज में शुरुआत की और ब्रेक तक 11-4 की बढ़त बना ली। भारतीय खिलाड़ियों ने आक्रामक खेल जारी रखा और उनकी प्रतिद्वंद्वियों की कुछ सहज गलतियों का भी उन्हें फायदा मिला। कविप्रिया सेल्वम और सिमरन सिंघी को दूसरे दौर में हार का सामना करना पड़ा। उन्हें गैब्रिएला स्टोएवा और स्टेफनी स्टोएवा की बुल्गारिया की नौवीं वरीय जोड़ी ने 32 मिनट में सीधे गेम में 21-7, 21-14 से हराया।
असित-अमृता की चुनौती खत्म, दूसरे दौर में हारकर हुए बाहर
मिश्रित युगल में भारत का प्रदर्शन निराशाजनक रहा। रोहन कपूर और रुत्विका शिवानी गड्डे तथा असित सूर्या और अमृता प्रमुथेश की जोड़ियां पहले दौर में ही बाहर हो गईं। रोहन और रुत्विका की जोड़ी को जोनाथन बिंग सान लाई और क्रिस्टल लाई की कनाडा की जोड़ी के खिलाफ कड़े मुकाबले में 22-20, 19-21, 17-21 से हार मिली। असित और अमृता को एमरे सोनमेज और यासेमेन बेक्टास की तुर्किये की जोड़ी के खिलाफ कड़े मुकाबले में 21-16, 29-30, 22-24 से हार का सामना करना पड़ा।
ध्रुव कपिला-तनिषा क्रास्टो की जोड़ी अभी भी प्रतियोगिता में कायम
भारत की एक अन्य मिश्रित युगल जोड़ी ध्रुव कपिला और तनिषा क्रास्टो की चुनौती विश्व चैंपियनशिप में बरकरार है। 15वीं वरीय इस जोड़ी को पहले दौर में बाई मिली थी और अब दूसरे दौर में उसका सामना मकाऊ के इओक चोंग लियोंग और वेंग ची एनजी से होगा। वहीं, उभरती हुई भारतीय महिला एकल खिलाड़ी उन्नति हुड्डा ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए दूसरे दौर में जगह बना ली। उन्होंने 40 मिनट तक चले मुकाबले में म्यांमार की थेट हतार थुजार को 22-20, 21-16 से हराया। उन्नति के सामने अगले दौर में कनाडा की 13वीं वरीय मिशेल ली की चुनौती होगी।


