नई दिल्ली : विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप 2026 का चौथा दिन भारतीय दल के लिए निराशाजनक रहा। दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधु को गुरुवार, 20 अगस्त को तीसरे दौर में हार का सामना करना पड़ा और उनका टूर्नामेंट सफर समाप्त हो गया। सिंधु को विश्व नंबर-3 चीन की वांग झी यी ने मात दी। वहीं, तीसरे दौर में ही आयुष शेट्टी को भी हार का सामना करना पड़ा। इससे पहले शेट्टी ने विश्व नंबर-1 खिलाड़ी को हराकर बड़ा उलटफेर किया था। इन दोनों के बाहर होने के साथ ही विश्व चैंपियनशिप के महिला और पुरुष एकल वर्ग में भारत की चुनौती समाप्त हो गई।
इससे पहले बुधवार को लक्ष्य सेन और उन्नति हुड्डा को हार का सामना करना पड़ा था। अब सिंधु और आयुष की हार से मौजूदा विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप में भारतीय चुनौती समाप्त हो चुकी है। डबल्स में भारत को सात्विक-चिराग और त्रिसा जॉली व गायत्री गोपीचंद से पदक की उम्मीद है। यह दोनों जोड़ियां क्वार्टर फाइनल में पहुंच चुकी हैं और मेडल पक्का करने से एक-एक जीत दूर हैं।
पीवी सिंधु का विश्व चैंपियनशिप में रिकॉर्ड छठा पदक जीतने का सपना टूट गया। महिला एकल के कड़े मुकाबले में उन्हें चीन की विश्व नंबर-3 खिलाड़ी वांग झी यी के खिलाफ 11-21, 21-15, 17-21 से हार का सामना करना पड़ा। वांग ने दोनों पैरों में जकड़न की समस्या से जूझने के बावजूद मुकाबला अपने नाम करते हुए क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार मैच के बाद सिंधु ने कहा कि उन्हें नहीं पता कि वांग वास्तव में चोट से परेशान थीं या यह उनकी रणनीति का हिस्सा था, लेकिन उन्हें अपना ध्यान केंद्रित रखना था और उन्होंने ऐसा ही करने की कोशिश की।
“यह हार तकलीफ देती है…”
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार पीवी सिंधु ने मैच के बाद कहा कि यह हार उन्हें ज्यादा तकलीफ दे रही है, क्योंकि लंबे समय तक ट्रेनिंग और कड़ी मेहनत करने के बाद इस तरह के मुकाबले में हारना निश्चित रूप से निराशाजनक है। हालांकि, उन्होंने इसे खेल का हिस्सा बताते हुए स्वीकार किया कि कभी-कभी परिणाम आपके पक्ष में नहीं होते। इस हार के साथ वांग झी यी के खिलाफ सिंधु का 8-0 का जीत-हार रिकॉर्ड भी टूट गया। चीनी शटलर ने पहली बार सिंधु को हराने में सफलता हासिल की।
सिंधु के अलावा शुरुआती दौर में गत चैंपियन और दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी चीन के शी यू कि को हराकर उलटफेर करने वाले 21 वर्षीय शेट्टी को दुनिया के 12वें नंबर के खिलाड़ी फरहान ने आसानी से 21-19, 21-11 से शिकस्त दी। यह 11वीं वरीयता प्राप्त इंडोनेशियाई खिलाड़ी के खिलाफ आठ मुकाबलों में शेट्टी की पांचवीं हार है। इस नतीजे के साथ भारत का पुरुष एकल अभियान समाप्त हो गया। लक्ष्य सेन बुधवार को ही प्रतियोगिता से बाहर हो गए थे।
वहीं, विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप के चौथे दिन त्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद की भारतीय महिला युगल जोड़ी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई। गैर वरीयता प्राप्त भारतीय जोड़ी ने जापान की सातवीं वरीयता प्राप्त रिन इवानागा और की नाकानिशी की विश्व नंबर-7 जोड़ी को सीधे गेम में 21-16, 21-12 से हराया। इस जीत के साथ त्रीसा-गायत्री ने अंतिम आठ में प्रवेश किया। 2015 में ज्वाला गुट्टा और अश्विनी पोनप्पा के क्वार्टर फाइनल में पहुंचने के बाद यह पहली बार है, जब किसी भारतीय महिला युगल जोड़ी ने विश्व चैंपियनशिप के अंतिम आठ में जगह बनाई है।


