नई दिल्ली: भारत ने श्रीलंका के खिलाफ दो मैचों की टेस्ट सीरीज का पहला मुकाबला गॉल में 165 रन से जीतकर सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है। अब 23 अगस्त से कोलंबो में होने वाले दूसरे और निर्णायक टेस्ट में भारतीय टीम की नजरें सीरीज 2-0 से अपने नाम करने पर होंगी। इस मुकाबले से पहले सबसे बड़ा सवाल यही है कि टीम प्रबंधन प्लेइंग इलेवन में कोई बदलाव करेगा या पहले टेस्ट की विजयी टीम पर ही भरोसा जताएगा। ऐसे में कोलंबो टेस्ट से पहले कप्तान शुभमन गिल और कोच गौतम गंभीर के सामने तीन बड़े सवाल होंगे, जिनका जवाब अंतिम एकादश के चयन में देखने को मिल सकता है।
सरफराज खान की वापसी प्लेइंग इलेवन में हो पाएगी या नहीं, सारांश जैन को डेब्यू का मौका मिलेगा या नहीं और अगर उन्हें मौका मिलता है तो किस खिलाड़ी की जगह वह टीम में शामिल होंगे—दूसरे टेस्ट से पहले भारतीय टीम में ये बड़े चर्चा के विषय हैं। सरफराज को साई सुदर्शन के चोटिल होने के बाद भारतीय टेस्ट स्क्वाड में शामिल किया गया है। वहीं, कुलदीप यादव के प्रदर्शन को लेकर सवाल उठने के बीच सारांश जैन को कोलंबो टेस्ट में मौका दिए जाने की चर्चा भी तेज है। अब एक-एक करके विस्तार से जानते हैं उन तीन बड़े सवालों के बारे में, जो दूसरे टेस्ट से पहले कप्तान शुभमन गिल और टीम प्रबंधन के सामने होंगे।
1- सरफराज की वापसी या जुरेल पर भरोसा, किसे मिलेगी जगह?
सरफराज खान को चोटिल साई सुदर्शन की जगह भारतीय टीम में शामिल किया गया था। पहले मुकाबले में उन्हें मौका नहीं मिल पाया और ध्रुव जुरेल को प्लेइंग 11 में जगह मिली। अब एक मैच जुरेल ने खेला और गॉल टेस्ट की पहली पारी में अर्धशतक भी लगाया, मगर दूसरी पारी में वह फ्लाप रहे। ऐसे में सरफराज खान को कोलंबो टेस्ट में क्या मैनेजमेंट आजमा सकता है यह देखने वाली बात होगी।
सरफराज ने आखिरी मुकाबला 2024 में खेला था और अब तक वह भारत के लिए 6 टेस्ट मैच ही खेले हैं और 11 पारियों में 371 रन बना चुके हैं। उनको स्पिन का एक अच्छा खिलाड़ी भी बताया जाता है, गॉल टेस्ट की दूसरी पारी में जिस तरह मध्यक्रम लड़खड़ाया, उसको देखते हुए सरफराज नंबर 6 या नंबर 7 की पोजिशन पर कारगर भी साबित हो सकते हैं। अब मैनेजमेंट उनको जुरेल या किसकी जगह खिलाएगा या नहीं खिलाएगा यह 23 अगस्त को ही पता चलेगा।
2- सारांश जैन की एंट्री या कुलदीप पर गिरेगी गाज?
गॉल टेस्ट में मानव सुतार और रविंद्र जडेजा ने पहली पारी में 20 से ज्यादा ओवर फेंके, जबकि कुलदीप ने केवल 14 ओवर गेंदबाजी की। वहीं दूसरी पारी में सुतार ने लगभग 24 और जडेजा 23 ओवर डाले, इस पारी में कुलदीप यादव को सिर्फ 11 ओवर गेंदबाजी दी गई। सबसे बड़ा सवाल यह है कि उन्हें गेंदबाजी 29वें ओवर में मिली। यह सवाल उठाता है कि या तो कुलदीप पूरी तरह फिट नहीं हैं, या फिर कप्तान को उन पर ज्यादा भरोसा नहीं है? यही कारण है कि कोलंबो टेस्ट में सारांश जैन के डेब्यू का मौका मिल सकता है।
सारांश एक अच्छे बल्लेबाज भी हैं और निचले क्रम पर उनकी बल्लेबाजी भी भारत के काम आ सकती है। इसके अलावा भारत ने गॉल में तीनों लेफ्ट आर्म स्पिनर खिलाए थे और यह प्लानिंग मध्य के ओवर्स में श्रीलंका के लिए फायदेमंद रही थी। ऐसे में सारांश एक दाएं हाथ के ऑफ स्पिन गेंदबाज हैं और यह भारतीय स्पिन अटैक को नई वैराएटी भी देगा। इसलिए उनको मैडेन टेस्ट कैप मिलने के काफी आसार हैं।
3- गुरनूर बराड़ की होगी एंट्री, क्या मिलेगा डेब्यू का मौका?
भारतीय टीम कोलंबो टेस्ट में भी दो तेज गेंदबाजों के साथ उतर सकती है, लेकिन इन दो गेंदबाजों में कौन शामिल होगा, यह बड़ा सवाल है। अगर टीम प्रबंधन तीसरे पेसर को प्लेइंग इलेवन में शामिल करने का फैसला करता है तो गुरनूर बराड़ को मौका मिलने के आसार बढ़ जाएंगे। हालांकि, यदि भारत दो ही तेज गेंदबाजों के साथ उतरता है तो गुरनूर को प्लेइंग इलेवन में जगह मिलना मुश्किल हो सकता है। गॉल टेस्ट में मोहम्मद सिराज ने दोनों पारियों को मिलाकर 18 ओवर गेंदबाजी की और 44 रन देकर दो विकेट हासिल किए थे।
प्रसिद्ध कृष्णा ने भी गॉल टेस्ट में प्रभावी गेंदबाजी करते हुए अहम मौकों पर तीन विकेट हासिल किए थे। ऐसे में दोनों तेज गेंदबाजों में से किसी एक को बाहर करना टीम प्रबंधन के लिए आसान फैसला नहीं होगा। खासकर जब भारत के लिए WTC 2025-27 के फाइनल की दौड़ में हर मुकाबला महत्वपूर्ण है, तब टीम प्रबंधन अपने सफल संयोजन में बड़ा बदलाव करने से बचना चाहेगा। ऐसे में गुरनूर बराड़ को प्लेइंग इलेवन में मौका देने के लिए किसी प्रमुख खिलाड़ी को बाहर करना एक बड़ा फैसला साबित हो सकता है।


