नई दिल्ली : यूपी टी20 लीग 2026 में लखनऊ फाल्कन्स के कप्तान भुवनेश्वर कुमार ने रविवार, 23 अगस्त को खास उपलब्धि हासिल की। अनुभवी तेज गेंदबाज यूपी टी20 लीग के इतिहास में 400 से ज्यादा डॉट बॉल फेंकने वाले पहले गेंदबाज बन गए। मौजूदा सीजन के पांचवें मुकाबले के बाद भुवनेश्वर के नाम इस लीग में 35 मैचों में कुल 408 डॉट बॉल दर्ज हो गई हैं। भुवनेश्वर कुमार ने यूपी टी20 लीग में अब तक 124 ओवर गेंदबाजी की है। इस दौरान 408 गेंदों पर बल्लेबाजों को कोई रन नहीं बनाने दिया। यह आंकड़ा टी20 जैसे तेज फॉर्मेट में उनकी निरंतरता और नियंत्रण को दर्शाता है।
हर सीजन में चमके भुवनेश्वर कुमार
भुवनेश्वर कुमार का यूपी टी20 लीग में प्रदर्शन किसी एक सीजन तक सीमित नहीं रहा है। भुवनेश्वर कुमार ने पहले सीजन में नौ मैचों में 118 डॉट गेंदें फेंकी थीं। दूसरे सीजन में उन्होंने 11 मैच में 120 डॉट बॉल फेंकी। भुवनेश्वर कुमार ने अपनी सटीक गेंदबाजी का मुजाहिरा पेश करते हुए तीसरे सीजन में 10 मैच में 117 डॉट बॉल फेंकीं। भुवनेश्वर कुमार ने मौजूदा चौथे सीजन में सिर्फ पांच मैच में ही 53 डॉट बॉल फेंकी हैं। ये आंकड़े दर्शाते हैं भुवनेश्वर कुमार की गेंदबाजी का प्रभाव हर सीजन में देखने को मिला है।
हर ओवर में औसतन तीन डॉट बॉल का कमाल
भुवनेश्वर कुमार ने यूपी टी20 लीग में अब तक 124 ओवर में 408 डॉट बॉल फेंकी हैं। मतलब उन्होंने औसतन हर ओवर में तीन से ज्यादा डॉट बॉल फेंकी हैं। टी20 क्रिकेट में जहां बल्लेबाज लगातार रन बनाने के मौके तलाशते हैं, वहां इतनी बड़ी संख्या में गेंदों पर रन नहीं बनने देना गेंदबाज के नियंत्रण को दर्शाता है। भुवनेश्वर कुमार की खासियत शुरुआती ओवरों में स्विंग हासिल करना और बल्लेबाजों को रन बनाने के लिए मुश्किल गेंदें देना रही है। पावरप्ले के साथ-साथ पारी के अहम मौकों पर उनकी कसी हुई गेंदबाजी विपक्षी टीम पर दबाव बनाने में अहम भूमिका निभाती है।
डॉट बॉल को क्यों माना जाता है इतना अहम?
टी20 क्रिकेट में डॉट बॉल सिर्फ रन न बनने का आंकड़ा नहीं है, बल्कि यह बल्लेबाज पर दबाव बनाने का प्रभावी हथियार भी है। लगातार डॉट गेंदें बल्लेबाज को अगली गेंद पर जोखिम भरा शॉट खेलने के लिए मजबूर कर सकती हैं, जिससे विकेट मिलने की संभावना बढ़ जाती है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार भुवनेश्वर कुमार लंबे समय से इसी रणनीति के जरिए बल्लेबाजों को परेशान करते आए हैं। उनकी सटीक लाइन और लेंथ के कारण बल्लेबाजों के लिए आसानी से रन बनाना मुश्किल होता है। यही वजह है कि यूपी टी20 लीग में भी भुवनेश्वर लगातार प्रभावी गेंदबाज साबित हुए हैं।


