नई दिल्ली : आईपीएल 2026 के दौरान से ही इम्पैक्ट प्लेयर नियम को लेकर लगातार चर्चा होती रही है। कई खिलाड़ी भी इस नियम के विरोध में अपनी राय जाहिर कर चुके हैं। अब भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने भी इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार करना शुरू कर दिया है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार बोर्ड ने आईपीएल की सभी फ्रेंचाइजियों से इम्पैक्ट प्लेयर नियम समेत कई अहम मामलों पर उनकी राय और सुझाव मांगे हैं। जानकारी के मुताबिक, सभी टीमों को 31 अगस्त 2026 तक अपने विचार साझा कर रिपोर्ट बीसीसीआई को सौंपने के लिए कहा गया है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार पिछले सीजन कई हाई स्कोरिंग मैच के बाद गेंदबाजों की दुर्दशा पर सवाल उठे थे। इम्पैक्ट प्लेयर नियम इसका सबसे बड़ा दुश्मन भी माना जा रहा था। यही कारण है कि अब बोर्ड ने सभी टीमों से जवाब मांगा। वहीं बीसीसीआई ने सभी टीमों से PMOA, अंपायरिंग, अभ्यास सत्र और खेलने की परिस्थितियों से जुड़े मामलों पर भी प्रतिक्रिया देने की बात कही है।
क्या IPL से खत्म होगा इम्पैक्ट प्लेयर नियम?
आपको बता दें आईपीएल में ऐसे मुद्दों पर टीमों से जवाब मांगना एक नॉर्मल प्रक्रिया है, लेकिन इम्पैक्य प्लेयर नियम पर विशेष रूप से प्रतिक्रिया मांगना इस क्लॉज के भविष्य पर सवाल खड़े करता है। बीसीसीआई के इस स्टेप के बाद ऐसा कहना गलत नहीं होगा कि शायद अगले एक सीजन तक अधिकतम यह नियम और देखने को मिलेगा। बीसीसीआई/IPL के मैनेजरों द्वारा इस मामले में उस मीटिंग की ओर भी इशारा किया गया है जिसमें पिछले सीजन से पहले टीमों के कप्तानों ने इसके अधिकतम एक साल तक और बने रहने की बातें कही थीं।
गौरतलब है कि रोहित शर्मा, हार्दिक पंड्या, अक्षर पटेल, शुभमन गिल जैसे कई बड़े भारतीय खिलाड़ी भी इस नियम का विरोध कर चुके हैं। इस नियम के कई पक्ष लेने वाले भी हैं। जब पिछले सीजन के बाद यह मामला शांत होता दिख रहा था, अचानक बीसीसीआई का इस पर जवाब मांगना नए सवाल उठा रहा है। अगले सीजन के लिए इस नियम की समीक्षा होगी या नहीं, यह नियम लागू होगा या नहीं, यह अभी भी अनसुलझे सवाल हैं।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार बीसीसीआई/IPL के मेल को कोट करते हुए लिखा गया,”जैसा कि आईपीएल 2026 में कप्तानों की मीटिंग में इस पर सहमति बनी थी कि टूर्नामेंट के बाद सभी टीमों से इसका आंकलन करवाया जाएगा और फीडबैक मांगा जाएगा। उसी आधार पर हम सभी से मांग करते हैं कि, अपनी क्रिकेट ऑपरेशन्स टीमों के साथ चर्चा करके सभी निम्नलिखित मामलों पर अपनी राय व्यक्त करें। इसका ध्यान रखा जाए कि सभी फीडबैक 31 अगस्त तक हम तक पहुंच जाएं। इससे हमें जल्द से जल्द अगले सीजन से पहले सभी प्रतिक्रियाओं का आंकलन करके कोई हल निकालने में मदद मिलेगी। “
इम्पैक्ट प्लेयर नियम के अलावा पिछले आईपीएल सत्र के दौरान एक और बड़ा मुद्दा सामने आया था। प्लेइंग एरिना और टीमों के होटलों में अनजान लोगों के पकड़े जाने के साथ-साथ भ्रष्टाचार विरोधी नियमों के उल्लंघन के कई मामले सामने आए थे। इन घटनाओं के बाद बीसीसीआई को खिलाड़ियों, सहायक स्टाफ और टीम मालिकों के लिए सीजन के बीच कुछ नए दिशा-निर्देश जारी करने पड़े थे। बीसीसीआई ने पीएमओए से जुड़ी चिंताओं को ‘मैच डे मैटर्स’ के उपशीर्षक के तहत शामिल किया है, जिसमें कैटरिंग, पीएमओए और इससे जुड़े अन्य मामलों पर भी राय मांगी गई है।


