नई दिल्ली : दलीप ट्रॉफी 2026 का फाइनल मुकाबला ईस्ट जोन और साउथ जोन के बीच ड्रॉ पर समाप्त हुआ, लेकिन पहली पारी में मिली बढ़त के आधार पर इशान किशन की कप्तानी वाली ईस्ट जोन टीम को चैंपियन घोषित किया गया। वहीं, तिलक वर्मा की अगुआई वाली साउथ जोन टीम को उप-विजेता बनकर संतोष करना पड़ा। ईस्ट जोन की खिताबी जीत में कप्तान इशान किशन के दोहरे शतक के अलावा कुमार कुशाग्र और मोहम्मद कौनैन कुरैशी की शतकीय पारियों का भी अहम योगदान रहा। शानदार प्रदर्शन के लिए इशान किशन को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया, जबकि तिलक वर्मा को पूरे टूर्नामेंट में बेहतरीन प्रदर्शन के लिए प्लेयर ऑफ द सीरीज का पुरस्कार मिला।
इशान किशन की कप्तानी में ईस्ट जोन ने दलीप ट्रॉफी का खिताब 13 साल के बाद जीता। इस मैच में ईस्ट जोन ने टॉस जीतकर पहले बैटिंग का फैसला किया और फिर पहली पारी में 708 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। इसके जवाब में साउथ जोन ने पहली पारी में 336 रन बनाए और ईस्ट जोन को पहली पारी में 372 रन की लीड मिली। इसके बाद ईस्ट जोन ने दूसरी पारी में 7 विकेट पर 388 रन बनाए और फिर दोनों टीमों के कप्तानों ने हाथ मिला लिया और मैच ड्रॉ पर समाप्त हुआ।
इशान के दोहरे शतक के बाद कुशाग्र और कौनैन कुरैशी ने ठोके शतक
साउथ जोन के खिलाफ इस मैच की पहली पारी में इशान किशन ने 270 रन की शानदार पारी खेली जबकि कुमार कुशाग्र ने पहली पारी में शतकीय पारी खेलते हुए 101 रन बनाए। इसके बाद ईस्ट जोन के लिए दूसरी पारी में मोहम्मद कुनैन कुरैशी ने नाबाद 116 रन बनाए जबकि कप्तान इशान किशन ने भी 80 रन की शानदार पारी खेली। दूसरी पारी में शिखर मोहन ने भी 52 रन जबकि अनुकूल रॉय ने 64 रन की पारी खेली। इस मैच में वैभव सूर्यवंशी ने पहली पारी में 44 रन बनाए जबकि वो दूसरी पारी में 8 रन बनाकर आउट हुए।
साउथ जोन की टीम इस मुकाबले में शुरुआत से ही दबाव में नजर आई। हालांकि कप्तान तिलक वर्मा ने क्रीज पर टिककर संघर्ष किया, लेकिन वह शतक से महज एक रन दूर रह गए और 99 रन के स्कोर पर आउट हो गए। साउथ जोन की ओर से देवदत्त पडिक्कल ने भी पहली पारी में 62 रन का महत्वपूर्ण योगदान दिया। ईस्ट जोन के गेंदबाजों में मुकेश कुमार ने पहली पारी में तीन विकेट झटके, जबकि मोहम्मद शमी को दो सफलताएं मिलीं। वहीं, साउथ जोन की पहली पारी में त्रिपुराना विजय ने शानदार गेंदबाजी करते हुए चार विकेट अपने नाम किए। दूसरी पारी में ईस्ट जोन की ओर से एमडी निधीश सबसे सफल गेंदबाज रहे और उन्होंने दो विकेट चटकाए।


