नई दिल्ली : भारतीय क्रिकेट टीम के विकेटकीपर-बल्लेबाज इशान किशन बेहद प्रतिभाशाली और बहुमुखी खिलाड़ी हैं। उनकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि वह टीम की जरूरत के मुताबिक अलग-अलग भूमिकाएं निभाने की क्षमता रखते हैं। इशान पारी की शुरुआत कर सकते हैं, मध्य या निचले क्रम में बल्लेबाजी की जिम्मेदारी संभाल सकते हैं और विकेटकीपिंग में भी टीम को मजबूती देते हैं। इतना ही नहीं, जरूरत पड़ने पर वह कप्तानी की भूमिका भी निभा सकते हैं। भले ही उन्हें अब तक भारतीय टीम की कप्तानी करने का मौका नहीं मिला है, लेकिन घरेलू क्रिकेट में कप्तान के तौर पर उन्होंने खुद को साबित किया है। यही बहुमुखी प्रतिभा उन्हें टीम के लिए एक उपयोगी और भरोसेमंद विकल्प बनाती है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार दलीप ट्रॉफी 2026 में इशान किशन ने क्या शानदार कप्तानी की और अपनी टीम को यानी ईस्ट जोन के 13 साल के बाद चैंपियन बनाया। इशान ने इस टूर्नामेंट में दिखाया कि एक कप्तान के रूप में वो किसी से भी कम नहीं हैं। रेड बॉल क्रिकेट हो या फिर व्हाइट बॉल क्रिकेट वो किसी भी प्रारूप में कप्तानी करने की काबिलियत रखते हैं। ये तो रही उनकी कप्तानी की बात, लेकिन दलीप ट्रॉफी 2026 में उन्होंने शानदार बल्लेबाजी की और फाइनल मैच में तो उन्होंने झंडा ही गाड़ दिया।
इशान किशन ने साउथ जोन के खिलाफ दलीप ट्रॉफी 2026 के फाइनल में बल्ले से ऐसा प्रदर्शन किया, जिसने उनकी टेस्ट दावेदारी को मजबूत कर दिया। उन्होंने पहली पारी में 270 रन की शानदार पारी खेली और दूसरी पारी में भी 80 रन बनाए। इस तरह पूरे मुकाबले में इशान ने कुल 350 रन जुटाए और कई रिकॉर्ड अपने नाम किए। उनकी इस पारी ने साफ कर दिया कि इशान सिर्फ टी20 और वनडे जैसे छोटे प्रारूपों के ही खिलाड़ी नहीं हैं, बल्कि लंबे प्रारूप में भी बड़ी पारियां खेलने की क्षमता रखते हैं। दलीप ट्रॉफी में उनके इस शानदार प्रदर्शन ने टेस्ट टीम में वापसी का दरवाजा खोल दिया है। ऐसे में आने वाले समय में ऋषभ पंत के लिए विकेटकीपर-बल्लेबाज के रूप में प्रतिस्पर्धा और चुनौती दोनों बढ़ सकती हैं।
इशान किशन देते हैं बाएं हाथ के बल्लेबाज का विकल्प
ऋषभ पंत भारतीय टेस्ट टीम में मध्यक्रम में खेलते हैं और वो बाएं हाथ के विस्फोटक बल्लेबाज के रूप में जाने जाते हैं। हालांकि पंत कई मौकों पर अपना विकेट सस्ते में गंवाते नजर आते हैं और इस पर कई बार सवाल भी खड़े हो चुके हैं। पंत कई बार मैच को हल्के में लेते हुए भी नजर आते हैं जिससे टीम को नुकसान पहुंचता है। अब इशान किशन भी बाएं हाथ के आक्रामक विकेटकीपर-बल्लेबाज हैं जिससे टीम का संतुलन बिगाड़े बिना भी सेलेक्टर्स उन्हें पंत के सीधे विकल्प के रूप में देख सकते हैं।
टीम के लिए ज्यादा फ्लेक्सिबल विकल्प हैं इशान किशन
ऋषभ पंत टेस्ट क्रिकेट में नंबर 5 या फिर 6 पर बैटिंग करते हैं, लेकिन इशान किशन की ये खूबी है कि वो इंटरनेशनल क्रिकेट से लेकर घरेलू क्रिकेट तक में ओपन करने से लेकर नंबर 5 या फिर 6 पर भी खेल चुके हैं। यानी वो टीम को ज्यादा फ्लेक्सिबिलिटी प्रदान कर सकते हैं और ये खासियत ऋषभ पंत में नहीं है। पंत टीम के लिए ओपन नहीं कर सकते, लेकिन इशान के पास ओपन करने की काबिलियत और अनुभव दोनों है। इस मामले में भी इशान किशन, पंत पर हावी नजर आते हैं।
आक्रामक खेल में माहिर हैं इशान किशन
ऋषभ पंत एक आक्रामक बल्लेबाज के रूप में देखे जाते हैं और मैदान पर इसी अंदाज में वो बल्लेबाजी करते हैं, लेकिन इशान किशन भी इसी उसी आक्रामक रवैये के साथ बैटिंग करते हैं। जिस तरह से पंत विरोधी टीम पर तेजी से बैटिंग करते हुए दवाब डाल सकते हैं इशान में भी ऐसी काबिलियत है। जब भी टीम को कम समय में तेजी से रन बनाने या फिर विरोधी टीम पर दवाब डालने की जरूरत होगी, इशान भी पंत जैसा ही एक्स फैक्टर देने में पूरी तरह से सक्षम हैं।
लंबी पारियां खेलने में माहिर हैं इशान किशन
इशान किशन भी लंबी-लंबी पारियां खेल सकते हैं। वनडे प्रारूप में वो दोहरा शतक लगा चुके हैं, लेकिन रेड बॉल क्रिकेट में उन्होंन अब तक ज्यादा मौका नहीं मिल पाया है, लेकिन दलीप ट्रॉफी 2026 के फाइनल में 270 रन की पारी खेलकर उन्होंने बता दिया कि वो जरूरत पड़ने पर लंबी पारी भी खेल सकते हैं। यही नहीं इशान किशन में लाल गेंद (रेड-बॉल) के क्रिकेट में लंबी पारियां खेलने का धैर्य और टेम्परामेंट भी मौजूद है।
इशान किशन के फर्स्ट क्लास क्रिकेट के आंकड़े
फर्स्ट क्लास क्रिकेट में इशान किशन का प्रदर्शन अब तक शानदार रहा है। उन्होंने 67 मैचों की 110 पारियों में 4302 रन बनाए हैं। इस दौरान इशान के बल्ले से 10 शतक और 20 अर्धशतक निकले हैं, जबकि उनका बल्लेबाजी औसत 42.17 रहा है। फर्स्ट क्लास क्रिकेट में उनका सर्वोच्च स्कोर 273 रन है। वह अपनी आक्रामक बल्लेबाजी के लिए भी जाने जाते हैं और अब तक 502 चौके तथा 102 छक्के लगा चुके हैं। विकेटकीपर के तौर पर भी इशान का रिकॉर्ड प्रभावशाली है। उन्होंने 138 कैच पकड़े हैं और 14 बल्लेबाजों को स्टंप आउट किया है। ये आंकड़े बताते हैं कि लंबे प्रारूप में इशान बल्ले और विकेटकीपिंग, दोनों से टीम को मजबूत विकल्प दे सकते हैं।


