नई दिल्ली : एशियन गेम्स 2026 में भारत का स्वर्ण पदक जीतने का इंतजार सोमवार (21 सितंबर) को भी खत्म नहीं हो सका। हालांकि, निशानेबाजी में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए देश की पदक संख्या में इजाफा किया। वहीं, मिश्रित मार्शल आर्ट्स (एमएमए) में भारत ने पहली बार पोडियम पर जगह बनाई। सुचिका तारियाल ने कांस्य पदक जीतकर इतिहास रचा, लेकिन सेमीफाइनल में हार के कारण वह रजत पदक की दौड़ से बाहर हो गईं।
इस तरह भारत के लिए यह उपलब्धि ऐतिहासिक होने के साथ-साथ भावनात्मक रूप से चुनौतीपूर्ण भी रही। सुचिका तारियाल सुबह कराए गए वजन में सिंगापुर की हुई हून तेओ से सिर्फ 700 ग्राम अधिक वजन होने के कारण फाइनल में जगह बनाने से चूक गईं। सेमीफाइनल का यह मुकाबला बराबरी पर छूटा था, लेकिन अधिक वजन होने के कारण भारतीय खिलाड़ी को कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा जो एमएमए में भारत का पहला पदक है।
पदक मिल रहे, लेकिन स्वर्ण की तलाश बरकरार
भारतीय खिलाड़ी का थोड़ा अधिक वजन निर्णायक साबित हुआ क्योंकि तकनीकी नियमों के अनुसार मुकाबला ड्रॉ होने की स्थिति में कम वजन वाले खिलाड़ी को आगे बढ़ने का मौका मिलता है। भारत के कुल पदकों की संख्या अब छह हो गई है, जिनमें चार रजत और दो कांस्य पदक शामिल हैं। स्वर्ण पदक का इंतजार जारी रहा।
पदक तालिका
| रैंक | देश | स्वर्ण | रजत | कांस्य | कुल पदक |
| 1 | चीन | 23 | 10 | 5 | 38 |
| 2 | जापान | 8 | 12 | 12 | 32 |
| 3 | दक्षिण कोरिया | 5 | 3 | 15 | 23 |
| 4 | कजाकिस्तान | 4 | 1 | 3 | 8 |
| 5 | थाईलैंड | 3 | 1 | 0 | 4 |
| 6 | हॉन्गकॉन्ग | 2 | 3 | 3 | 8 |
| 7 | चीनी ताइपे | 1 | 3 | 2 | 6 |
| 8 | मकाऊ | 1 | 3 | 0 | 4 |
| 9 | म्यांमार | 1 | 1 | 1 | 3 |
| 10 | उज्बेकिस्तान | 1 | 1 | 1 | 3 |
| 11 | कुवैत | 1 | 0 | 2 | 3 |
| 12 | भारत | 0 | 4 | 2 | 6 |
भारत की झोली में आए 3 और पदक
भारत ने निशानेबाजी में दो रजत और एक कांस्य सहित तीन पदक हासिल किए। युवा खिलाड़ी हिमांशु ढिल्लों और रुद्रांक्ष पाटिल ने रोमांचक शूटआउट में संयम बनाए रखते हुए क्रमशः व्यक्तिगत रजत और कांस्य पदक जीते। इससे पहले उन्होंने किशोर खिलाड़ी पार्थ माने के साथ मिलकर टीम रजत पदक हासिल किया था।
निशानेबाजी में भारत का शानदार प्रदर्शन, जीते 5 पदक
इन तीन पदकों के साथ भारत के निशानेबाजी में कुल पदकों की संख्या पांच हो गई है जिसमें चार रजत और एक कांस्य पदक शामिल है लेकिन वह फिर से स्वर्ण पदक से चूक गया क्योंकि चीन ने विश्व नंबर एक शेंग लिहाओ के शानदार प्रदर्शन के साथ एक बार फिर नया मानक स्थापित किया। शेंग, चांगहोंग झांग और सिहान मा ने 1899 अंक हासिल कर स्वर्ण पदक जीता और इस तरह से पिछले साल काहिरा में बनाए गए अपने ही विश्व रिकॉर्ड 1898.4 में सुधार किया।
एशियाड में सुचिका का ऐतिहासिक कमाल
सुचिका ने महिलाओं के 60 किलोग्राम वर्ग में एमएमए में एशियाई खेलों की पहली पदक विजेता बनकर इतिहास रचा, लेकिन जश्न मनाने के बजाय, वह उस पदक के गम में डूबी हुई थीं जो फाइनल में पहुंचने पर उन्हें मिल सकता था। हरियाणा के रोहतक जिले के किलोई गांव की रहने वाली 36 वर्षीय सुचिका का जीवन परिस्थितियों से सामंजस्य बिठाने का एक अद्भुत उदाहरण है।
विश्व चैंपियन रह चुकी हैं सुचिका
सुचिका 2024 में जिउ-जित्सु की विश्व चैंपियन रह चुकी हैं, उन्होंने 2022 के राष्ट्रमंडल खेलों में जूडो में और 2022 के एशियाई खेलों में कुराश फाइटर के रूप में देश का प्रतिनिधित्व किया था। सोमवार को उन्होंने जी-जान से मुकाबला किया, लेकिन तकनीकी खामियों के कारण उन्हें पदक से वंचित रहना पड़ा। शुक्र है कि पदक पक्का हो चुका था और खुद को संभालते हुए उन्होंने स्वीकार किया कि यह पदक उनके लिए कितना मायने रखता है।
भारत की कबड्डी टीमों का जीत के साथ आगाज
बैडमिंटन, हॉकी और टेबल टेनिस में भारत ने शानदार प्रदर्शन किया। कबड्डी टीमों ने भी जीत के साथ शुरुआत की। महिला हॉकी टीम ने इंडोनेशिया पर 17-1 से शानदार जीत हासिल की, जिससे उनके आत्मविश्वास का पता चलता है। अगर भारतीय टीम स्वर्ण पदक जीत लेती है तो उसे 2028 के ओलंपिक खेलों के लिए टिकट भी मिल सकता है।
भारतीय पुरुष बैडमिंटन टीम की दमदार एंट्री, क्वार्टर फाइनल में जापान से मुकाबला
बैडमिंटन में पुरुष टीम ने बांग्लादेश को 3-0 से हराकर क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया, जिसमें लक्ष्य सेन, के श्रीकांत और आयुष शेट्टी ने एकल मैचों में आसान जीत हासिल की। मुक्केबाजी में भी इसी तरह की आत्मविश्वासपूर्ण शुरुआत देखने को मिली, जिसमें सुमित कुंदू (70 किलोग्राम) ने आसानी से जीत हासिल की। भारत की महिला और पुरुष टेबल टेनिस टीमें भी अपने-अपने पाकिस्तानी प्रतिद्वंद्वियों पर 3-0 की समान जीत के बाद क्वार्टर फाइनल में पहुंच गईं।
तैराकी में भारतीय खिलाड़ियों को नहीं मिली सफलता
महिला टीम ने एकतरफा मुकाबले में पाकिस्तान को 3-0 से हराकर लगातार तीसरी जीत के साथ ग्रुप एफ में शीर्ष स्थान हासिल किया, जबकि पुरुष टीम ने भी इसी अंतर से जीत दर्ज की। कबड्डी में गत चैंपियन भारतीय पुरुष टीम ने जापान को 49-24 से जबकि महिला टीम ने बांग्लादेश की चुनौती को 42-21 से ध्वस्त करते हुए जीत के साथ अपने अभियान का आगाज किया। हालांकि, तैराकी में भारत को निराशा ही हाथ लगी।
एशियाड में सॉफ्ट टेनिस से भारत को निराशा
एशियन गेम्स 2026 में तैराकी और सॉफ्ट टेनिस में भारतीय खिलाड़ियों को निराशा का सामना करना पड़ा। पुरुषों की 50 मीटर बैकस्ट्रोक स्पर्धा के फाइनल में 2 बार के ओलंपियन श्रीहरि नटराज 25.52 सेकंड के समय के साथ 10वें स्थान पर रहे। उनका यह प्रदर्शन दिन में पहले हुई हीट में दर्ज किए गए 25.37 सेकंड के समय से भी धीमा रहा। वहीं, सॉफ्ट टेनिस की मिश्रित युगल स्पर्धा में आध्या तिवारी और जय मीना को फिलीपींस के क्रिस्टी सनोसा और शेरविन रे नुगिट के खिलाफ 2-5 से हार का सामना करना पड़ा।


