नई दिल्ली : भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने एशियन गेम्स में देश का पहला स्वर्ण पदक जीतकर अपना दबदबा बरकरार रखा। वहीं, पुरुष बैडमिंटन टीम ने जापान को हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई और पदक पक्का किया। इन उपलब्धियों ने मंगलवार (22 सितंबर) को निशानेबाजी में अपेक्षाकृत फीके दिन और महिला बैडमिंटन टीम के क्वार्टर फाइनल में बाहर होने की भरपाई की। हरमनप्रीत कौर की अगुआई वाली भारतीय टीम ने फाइनल में श्रीलंका को 147 रन से हराकर लगातार दूसरी बार एशियन गेम्स में महिला क्रिकेट का स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
इस जीत के साथ ही एशियन गेम्स 2026 में भारत का स्वर्ण पदक का खाता खुल गया। बैडमिंटन और वुशु में भी भारत के पदक पक्के हो गए हैं। वहीं, पुरुष हॉकी टीम ने शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए पूल मुकाबले में श्रीलंका को 16-1 से करारी शिकस्त दी। लक्ष्य सेन की जीत के बाद भारतीय पुरुष बैडमिंटन टीम ने शुरुआती उतार-चढ़ाव से उबरते हुए जापान के खिलाफ दमदार वापसी की और मुकाबला अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ भारतीय टीम ने कम से कम कांस्य पदक पक्का कर लिया है।
एशियन गेम्स 2026 पदक तालिका
| रैंक | देश | स्वर्ण | रजत | कांस्य | कुल |
| 1 | चीन | 32 | 13 | 8 | 53 |
| 2 | जापान | 11 | 16 | 19 | 46 |
| 3 | दक्षिण कोरिया | 6 | 4 | 17 | 27 |
| 4 | कजाकिस्तान | 6 | 1 | 5 | 12 |
| 5 | थाईलैंड | 4 | 1 | 1 | 6 |
| 6 | हॉन्गकॉन्ग | 3 | 5 | 4 | 12 |
| 7 | ताजिकिस्तान | 2 | 1 | 1 | 4 |
| 8 | भारत | 1 | 4 | 2 | 7 |
| 9 | उज्बेकिस्तान | 1 | 4 | 1 | 6 |
| 10 | चीनी ताइपे | 1 | 3 | 5 | 9 |
सात्विक-चिराग और शेट्टी की टीम ने दिलाई सफलता
भारतीय पुरुष टीम ने पिछले चरण में रजत पदक जीता था। उसके लिए सेन ने वापसी करते हुए शानदार जीत हासिल की। उनके अलावा सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी, चिराग शेट्टी और आयुष शेट्टी की जीत ने टीम को सफलता दिलाई। एशियाड से पहले लगातार कुछ टूर्नामेंट में शुरुआती दौर से बाहर होने के कारण सेन का मनोबल थोड़ा गिरा हुआ था।
लक्ष्य सेन ने नाराओका को दी मात
सेन ने पहला गेम गंवाकर शुरुआत की और निर्णायक गेम में 14-19 से पिछड़ने के बाद हार की कगार पर थे, लेकिन अल्मोड़ा के 25 वर्षीय खिलाड़ी ने अपनी काबिलियत के बूते लगातार सात अंक हासिल कर दुनिया के सातवें नंबर और दो बार के विश्व चैंपियनशिप रजत पदक विजेता कोडाई नाराओका को 11-21, 21-5, 21-19 से हराकर भारत को 1-0 की बढ़त दिलाई।
भारत ने पक्का किया पदक
इस सत्र में दो खिताब जीतने वाली सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की जोड़ी ने पूर्व विश्व चैंपियन होकी ताकुरो और कोबायाशी युगो की जोड़ी को 21-18, 24-22 से हराकर भारत की बढ़त 2-0 कर दी। इसके बाद इस साल बैडमिंटन एशिया चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचने वाले आयुष शेट्टी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दुनिया के 16वें नंबर के कोकी वातानाबे को 21-10, 21-19 से हराने के साथ मुकाबला और भारत का पदक पक्का कर दिया।
वुशु में भारत का पदक पक्का
वुशु में रोशिबिना देवी नाओरेम ने महिला 60 किग्रा वर्ग के सेमीफाइनल में जगह बनाकर भारत के लिए एक पदक पक्का कर लिया। उन्होंने क्वार्टर फाइनल में मकाऊ की चू मैन सिन को हराया। इससे पहले इस प्रतियोगिता के पिछले दो चरण में रजत और कांस्य पदक जीत चुकीं रोशिबिना को ‘आइची प्रीफेक्चुरल मार्शल आर्ट्स हॉल’ में मकाऊ की अपनी प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ अंकों के अंतर के आधार पर विजेता घोषित किया गया।
महिला बैडमिंटन टीम को मिली निराशा
बैडमिंटन में पुरुषों की सफलता से पहले महिला टीम को जापान के खिलाफ 1-3 से हार का समाना करना पड़ा था। विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतने वाली त्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद की जोड़ी ने शानदार खेल दिखाया, लेकिन एकल खिलाड़ियों के निराशाजनक प्रदर्शन के कारण भारतीय महिला टीम क्वार्टर फाइनल में जापान से 1-3 से हारकर बाहर हो गई।
पीवी सिंधु को मिली हार
महिला वर्ग में भारत की तरफ से दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधु ने मुकाबले की शुरुआत की। उन्होंने विश्व में तीसरे नंबर की खिलाड़ी अकाने यामागुची के सामने कड़ी चुनौती पेश की, लेकिन निर्णायक गेम में उनका प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा और वह आखिर में 23-21, 18-21, 6-21 से हार गईं। उन्नति हुड्डा इसके बाद 2022 की विश्व जूनियर चैंपियन और विश्व में सातवें नंबर की खिलाड़ी टोमोका मियाजाकी से 16-21, 18-21 से हार गईं, जिससे जापान 2-0 से आगे हो गया।
तीसरे एकल में तन्वी शर्मा को मिली निराशा
नई दिल्ली में हाल ही में विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतने वाली त्रीसा और गायत्री ने पहले युगल मैच में युकी फुकुशिमा और मायु मात्सुमोतो को 21-17, 21-16 से हराकर भारत को मुकाबले में बनाए रखा। लेकिन युवा शटलर तन्वी शर्मा तीसरे एकल मुकाबले में पूर्व विश्व चैंपियन नोजोमी ओकुहारा से 12-21, 10-21 से हार गईं और इस तरह से जापान ने 3-1 से जीत हासिल कर ली।
भारतीय मुक्केबाजों का अजेय अभियान बरकरार
मुक्केबाजी में भारतीय खिलाड़ियों का अजेय सफर जारी है। साक्षी चौधरी ने महिलाओं के 51 किलोग्राम वर्ग में पेरिस ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता फिलीपींस की ऐरा विलेगास को 5-0 से हराकर बड़ा उलटफेर करते हुए प्री-क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया जबकि पुरुष वर्ग में जादुमणि सिंह (55 किलोग्राम) भी नेपाल के चंद्रा बहादुर थापा पर 5-0 की जीत के साथ आगे बढ़ने में सफल रहे।
प्रणति नायक ने फाइनल में बनाई जगह
एशियाई खेलों में भाग ले रही भारत की एकमात्र जिमनास्ट प्रणति नायक ने कलात्मक जिमनास्टिक स्पर्धा में सातवां स्थान हासिल करके वॉल्ट फाइनल के लिए क्वालीफाई किया। एशियाई जिमनास्टिक्स चैंपियनशिप में तीन बार कांस्य पदक जीतने वाली प्रणति 19 जिमनास्ट में सातवें स्थान पर रहीं जिससे उन्होंने वॉल्ट स्पर्धा के फाइनल में जगह बनाई। फाइनल 24 सितंबर को होगा।
टेबल टेनिस में भारतीय टीम क्वार्टर फाइनल में पहुंची
भारतीय महिला टीम ने एशियाई खेलों में टेबल टेनिस प्रतियोगिता में थाईलैंड को हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह पक्की की, लेकिन भारतीय पुरुष टीम मंगलवार को दक्षिण कोरिया से हारकर बाहर हो गई। भारतीय महिला टीम ने यहां स्काई हॉल में थाईलैंड को 3-2 से हराया, लेकिन पुरुष टीम 0-3 से हार गई। यह ग्रुप चरण में ईरान के खिलाफ हार के बाद टीम की दूसरी शिकस्त थी।
निशानेबाजी में भारत का फीका प्रदर्शन
निशानेबाजी में भारत का अभियान मंगलवार को थोड़ा फीका पड़ा जब इलावेनिल वलारिवान और किशोर निशानेबाज पार्थ माने अच्छी शुरुआत को पदक में नहीं बदल सके और यहां एशियाई खेलों की 10 मीटर एयर राइफल मिश्रित टीम स्पर्धा के फाइनल में चौथे और अंतिम स्थान पर रहे। यह निराशा इसलिए भी अधिक रही क्योंकि इलावेनिल और पार्थ ने 634.6 अंक के साथ दूसरे स्थान पर रहते हुए फाइनल के लिए क्वालीफाई किया था और स्वर्ण पदक की चुनौती पेश करने के लिए मजबूत स्थिति में दिख रहे थे।
अनंतजीत सिंह नरूका की फाइनल पर नजर
भारतीय जोड़ी अपनी क्वालीफिकेशन वाली लय फाइनल में बरकरार नहीं रख सकी और 18वें शॉट के बाद पदक की दौड़ से बाहर हो गई। स्कीट निशानेबाजी में अनंतजीत सिंह नारूका 100 में से 96 निशानों के साथ एशियाई खेलों के फाइनल में जगह बनाने की दौड़ में बने हुए है। वह 25-25 निशानों के चार दौर के बाद चार खिलाड़ियों के साथ तालिका में शीर्ष पर बने हुए हैं।
क्वालीफिकेशन का फैसला बुधवार को होगा
ओलंपियन और विश्व कप फाइनल के कांस्य पदक विजेता ने पहले दिन 24 और 25 का स्कोर किया था। उन्होंने इसके बाद मंगलवार को 23 और 24 का स्कोर किया। क्वालीफिकेशन में बुधवार को होने वाला 25 निशानों के एक और दौर बचा हुआ है। नारूका आठ निशानेबाजों के फाइनल में जगह बनाने और पदक के लिए चुनौती पेश करने की मजबूत स्थिति में हैं।
भारत को लगा बड़ा झटका
अनुभवी मैराज अहमद खान और भवतेग सिंह गिल फाइनल में जगह बनाने की दौड़ से लगभग बाहर हो गये है। मैराज ने दिन का समापन 91 (23, 22, 23, 23) के स्कोर के साथ किया जबकि गिल 86 (21, 23, 20, 22) के स्कोर पर रहे। भारत को टीम पदक की उम्मीदों को भी करारा झटका लगा है। भारतीय तिकड़ी 273 के कुल स्कोर के साथ संयुक्त रूप से पांचवें स्थान है।
महेश्वरी चौहान की उम्मीदों को लगा झटका
महिलाओं की स्कीट स्पर्धा में राइजा ढिल्लों चार दौर के बाद 92 (25, 21, 22, 24) के स्कोर के साथ पांचवें स्थान और परिनाज धालीवाल 89 (23, 21, 21, 24) के स्कोर के साथ संयुक्त रूप से नौवें स्थान के साथ फाइनल की दौड़ में बनी हुई हैं। ओलंपियन महेश्वरी चौहान 85 के स्कोर के साथ व्यक्तिगत स्पर्धा से लगभग बाहर हो चुकी हैं।
कराटे में कांस्य पदक से चूका भारत
भारतीय महिला टीम 266 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर बनी हुई है, जबकि चीन 287 और कजाखस्तान 274 अंकों के साथ उससे आगे हैं। तलवारबाजी और कराटे में भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन अपेक्षाकृत फीका रहा। कराटे में चेतन भट्ट पुरुषों के 84 किलोग्राम वर्ग के कांस्य पदक मुकाबले में हारकर पदक से चूक गए। वहीं, तैराकी में भी भारत को निराशा हाथ लगी, जहां पुरुषों की 4×100 मीटर रिले टीम अंतिम स्थान पर रही।


