नई दिल्ली : एक समय था जब मीराबाई चानू अपनी पसंदीदा वेटलिफ्टर और ओलंपिक व विश्व चैंपियन कुओ हसिंग चुन के वीडियो देखकर खुद में कुछ कर गुजरने का जज्बा भरती थीं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, अब एशियन गेम्स में अपना पहला पदक जीतने की कोशिश में मीराबाई खुद के पुराने वीडियो देखकर प्रेरणा ले रही हैं। वह अपने पिछले प्रदर्शनों को देखकर आत्मविश्वास बढ़ा रही हैं और एशियाड की चुनौती के लिए पूरी तरह तैयार नजर आ रही हैं।
इस वर्ष राष्ट्रीय चैंपियनशिप में 205 किलो का प्रदर्शन और विश्व चैंपियनशिप में जीते गए रजत के वीडियो मीरा के अंदर एशियाड में पदक जीतने का जज्बा भर रहे हैं। मीरा का यह तीसरा एशियाड है। उनकी झोली में ओलंपिक, विश्व चैंपियनशिप, राष्ट्रमंडल खेल के पदक हैं, लेकिन एशियाड पदक उनकी पहुंच से दूर रहा है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, कोच विजय शर्मा ने ऐसी रणनीति बनाई है कि मीरा को पदक के लिए ऑलआउट जाना पड़े तो वह इससे पीछे नहीं हटेंगी। विजय कहते हैं कि उनका पहला लक्ष्य पदक को पक्का करना होगा।
मीराबाई को मिलेगी 3 लिफ्टरों से टक्कर
मीरा के 49 किलो भार वर्ग में इस बार कोई चीनी लिफ्टर नहीं है। लेकिन कुल आठ में से मीरा समेत चार लिफ्टर 200 किलो के वजन को छू चुकी हैं। उत्तर कोरिया की री सोंग गुम, ताईवान की फेंग वांग लिंग सी, इंडोनेशिया की विजयाना 200 किलो उठा चुकी हैं। विजय बोले, मुकाबला आसान नहीं होगा।
मीराबाई का लक्ष्य 6 लिफ्ट सफल करना
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, विश्व चैंपियनशिप के बाद यह पहला मौका है जब मीराबाई को किसी चोट की शिकायत नहीं है। ऐसे में वह स्नैच में शुरुआत सुरक्षित वजन से करेंगी और इसके बाद अपनी क्षमता के अनुसार आक्रामक प्रयास करेंगी। टीम की नजर विजयाना और फेंग के स्नैच में शुरुआती वजन पर भी रहेगी और उसी के आधार पर मीराबाई का वजन तय किया जाएगा। मीराबाई का लक्ष्य प्रतियोगिता में अपनी सभी 6 लिफ्ट सफलतापूर्वक पूरी करना है।


