एशियन गेम्स में हार के बाद पीवी सिंधू ने बताई परेशानी, शेड्यूल को लेकर कही बड़ी बात

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नई दिल्ली : भारत की स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधू का एशियन गेम्स 2026 में महिला एकल का अभियान क्वार्टर फाइनल में हार के साथ समाप्त हो गया। रविवार को खेले गए मुकाबले में सिंधू को चीन की विश्व नंबर-4 खिलाड़ी चेन यूफेई के खिलाफ 21-11, 18-21, 10-21 से हार का सामना करना पड़ा। सिंधू ने मुकाबले की शुरुआत शानदार अंदाज में करते हुए पहला गेम आसानी से अपने नाम किया, लेकिन दूसरे गेम में 18-18 के स्कोर के बाद मुकाबले का रुख बदल गया। चेन यूफेई ने लगातार अंक जुटाते हुए दूसरे गेम पर कब्जा किया और निर्णायक गेम में भी अपनी लय बरकरार रखते हुए मुकाबला अपने नाम कर लिया।

चेन ने लगातार तीन अंक लेकर 21-18 से दूसरा गेम जीत लिया और फिर निर्णायक गेम में 21-10 से मुकाबला अपने नाम कर लिया। सिंधू के लिए दूसरे गेम के वे तीन अंक अब भी सबसे बड़ा दर्द बने हुए हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, ‘मेरा एशियन गेम्स अभियान खत्म हो गया है और मैं दर्द में हूं। क्वार्टर फाइनल जीतने से सिर्फ तीन अंक दूर थी। मैं बार-बार उन्हीं तीन अंकों के बारे में सोच रही हूं।’

वीडियो रिव्यू की कमी पर सिंधू ने उठाए सवाल

सिंधू ने मैच में वीडियो रिव्यू सिस्टम की गैरमौजूदगी पर भी सवाल उठाया। उनका क्वार्टर फाइनल कोर्ट-4 पर खेला गया, जहां वीडियो रेफरल की सुविधा उपलब्ध नहीं थी। एशियन गेम्स में यह सिस्टम सिर्फ कोर्ट-1 और कोर्ट-2 पर इस्तेमाल किया जा रहा था। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार सिंधू का मानना था कि कुछ करीबी लाइन कॉल उनके पक्ष में जा सकते थे और इससे दूसरे गेम का मोमेंटम भी बदल सकता था। हालांकि, कोर्ट-4 पर वीडियो रिव्यू उपलब्ध नहीं होने के कारण इन फैसलों की समीक्षा का विकल्प नहीं था।

18 घंटे में 3 मैच खेलने का सिंधू के प्रदर्शन पर पड़ा असर

सिंधू ने व्यस्त कार्यक्रम को लेकर भी अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने करीब 18 घंटे में तीन महिला एकल मुकाबले खेले। जापान की टोमोका मियाजाकी के खिलाफ उनका तीसरे दौर का मैच रविवार तड़के करीब 1:30 बजे खत्म हुआ। इसके बाद 12 घंटे से भी कम समय में उन्हें चेन यूफेई के खिलाफ क्वार्टर फाइनल खेलना पड़ा। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार सिंधू ने लिखा, ‘18 घंटे में तीन मैच। सुबह तीन बजे वापस आई और फिर 8:30 बजे बाहर निकलना पड़ा। इसका असर पड़ा।’ इस व्यस्त कार्यक्रम का असर अन्य खिलाड़ियों पर भी पड़ा। भारत की उन्नति हुड्डा ने भी करीब 26 घंटे में तीन मैच खेले और क्वार्टर फाइनल में जापान की अकाने यामागुची से हार गईं।

एक हार से नहीं तय होती मेरी पूरी यात्रा: सिंधू

एशियन गेम्स में शेड्यूल को लेकर चीन की महिला युगल विश्व नंबर-1 खिलाड़ी तान निंग और भारत के एचएस प्रणय भी सवाल उठा चुके हैं। तान निंग ने कार्यक्रम को अनुचित बताया था, जबकि प्रणय ने खासकर टीम इवेंट खेलने वाले खिलाड़ियों के लिए कम रिकवरी समय पर चिंता जताई थी। हालांकि, सिंधू ने अपने चौथे एशियन गेम्स अभियान को लेकर गर्व भी जताया। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने लिखा, ‘2014 में अपने पहले एशियन गेम्स से लेकर अब अपने चौथे एशियन गेम्स तक, 12 साल भारत के लिए अपना सबकुछ दिया है।’ उन्होंने कहा, ‘एक दर्दनाक नतीजा उस सफर को परिभाषित नहीं कर सकता, जो मेरे लिए इतना मायने रखता है।’

सिंधू बोलीं- ‘मैं अभी भी यही चाहती हूं’

सिंधू ने साफ किया कि क्वार्टर फाइनल में मिली हार से उनकी आगे खेलने की इच्छा कम नहीं हुई है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने कहा, “मेरी टीम और मैं उन पलों को बेहतर करने पर पहले से काम कर रहे हैं। हम इसे ठीक करेंगे।” मीडिया रिपोर्ट के अनुसार सिंधू ने आगे कहा, “मैं दर्द में हूं, लेकिन यह ठीक है। मुझे खुशी है कि यह अब भी इतना मायने रखता है कि मुझे इतना दर्द हो रहा है। मैं अभी भी यही चाहती हूं। मैं अब भी कोर्ट पर अपना सबकुछ देती हूं।” एशियन गेम्स में बैडमिंटन की व्यक्तिगत स्पर्धाओं में भारत का अभियान 12 साल में पहली बार बिना पदक के समाप्त हुआ। आइची-नागोया में पुरुष टीम द्वारा जीता गया कांस्य पदक इस बार बैडमिंटन में भारत का एकमात्र पदक रहा।

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