मनु भाकर के एशियाड अभियान पर पिता राम किशन का बयान, पदक नहीं मिलने से निराश

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नई दिल्ली : मनु भाकर के पिता राम किशन भाकर ने माना कि 2 बार की ओलंपिक पदक विजेता स्टार निशानेबाज का एशियन गेम्स 2026 में प्रदर्शन उनके तय मानकों के अनुरूप नहीं रहा। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने कहा कि मनु ने अपने शानदार प्रदर्शन के दम पर प्रशंसकों के बीच उम्मीदों का स्तर काफी ऊंचा कर दिया है।  4 स्पर्धाओं में हिस्सा लेने के बावजूद मनु एशियन गेम्स 2026 से बिना कोई पदक जीते लौटेंगी। महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में वह क्वालिफिकेशन में तीसरे स्थान पर रहते हुए फाइनल में पहुंची थीं, लेकिन फाइनल में पांचवें स्थान पर रहीं। इसी स्पर्धा की टीम प्रतियोगिता में भारत चौथे स्थान पर रहा। इसके बाद 25 मीटर पिस्टल स्पर्धा में मनु फाइनल के लिए क्वालिफाई नहीं कर सकीं, जबकि टीम स्पर्धा में भारतीय टीम को पांचवें स्थान से संतोष करना पड़ा।

एशियाड में उम्मीदों पर खरी नहीं उतरीं मनु, प्रदर्शन रहा फीका

सोमवार को 25 मीटर पिस्टल क्वालिफिकेशन में, उन्होंने 579-18x का स्कोर किया और 11वें स्थान पर रहीं, जिससे वह व्यक्तिगत फाइनल में भी जगह नहीं बना पाईं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार राम किशन ने कहा, मनु का प्रदर्शन उनके स्टैंडर्ड के मुताबिक नहीं था, क्योंकि उन्होंने भारतीय फैंस के लिए बहुत ऊंचा स्टैंडर्ड और उम्मीदें कायम की हैं। मेरी उम्मीद के मुताबिक, उनका स्कोर 585 से ज्यादा होना चाहिए था। यह 585 से 595 के बीच होना चाहिए था। आज का स्कोर काफी नहीं था।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार 25 मीटर पिस्टल क्वालिफिकेशन में हुई तकनीकी गड़बड़ी के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा, राही बहुत अच्छी शूटिंग कर रही थीं, लेकिन अचानक उनका एक शॉट रिकॉर्ड नहीं हुआ। मुझे लगता है कि यह किसी तकनीकी खराबी की वजह से हुआ होगा। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने बताया कि राही का प्रदर्शन अच्छा था, लेकिन आखिरी रैपिड सीरीज के दौरान एक शॉट टारगेट पर दिखाई नहीं दिया, जिससे उन्हें नुकसान हुआ। हालांकि, इसके बावजूद राही ने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने की कोशिश की। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने कहा, बाद में जूरी ने कहा कि शॉट टारगेट से बाहर चला गया था, जिस पर मुझे बिल्कुल भी यकीन नहीं है, क्योंकि राही एक बहुत अनुभवी शूटर हैं, और यह कुछ और भी हो सकता है। जूरी को जांचने दें कि यह क्या है, वरना सब कुछ ठीक चल रहा था।

एशियन गेम्स की व्यवस्थाओं से संतुष्ट नहीं राम किशन, जताई नाराजगी

जापान में निशानेबाजों की आवाजाही से जुड़ी परेशानियों का जिक्र करते हुए राम किशन ने आयोजन की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने कहा कि यदि किसी खिलाड़ी का मुकाबला सुबह 10 बजे है, तो उसे सुबह 6 बजे की बस पकड़नी पड़ती है। ऐसे में खिलाड़ियों को रोजाना करीब 4 से 5 घंटे अनावश्यक रूप से यात्रा और इंतजार में बिताने पड़ते हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने शूटिंग रेंज की व्यवस्था को लेकर भी असंतोष जताया। राम किशन के मुताबिक, रेंज और दर्शक दीर्घा के बीच पर्याप्त दूरी नहीं है, जिससे किसी एथलीट के वहां से गुजरने पर खिलाड़ियों को परेशानी होती है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने कहा कि अगर जापान भविष्य में इस तरह के बड़े खेल आयोजनों की मेजबानी करना चाहता है, तो उसे इन व्यवस्थाओं से काफी कुछ सीखने की जरूरत है।

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