नई दिल्ली : दिग्गज क्रिकेटर हरमनप्रीत कौर ने मंगलवार (6 अक्टूबर) को भारतीय महिला क्रिकेट टीम के सभी फॉर्मेट से कप्तानी छोड़ दी। हरमनप्रीत ने करीब 10 साल तक टी20 इंटरनेशनल और 4 साल तक वनडे टीम की कप्तानी की। वह भारतीय महिला क्रिकेट की सबसे सफल कप्तानों में शामिल रहीं। उनकी अगुआई में भारत ने पहली बार वनडे वर्ल्ड कप का खिताब जीता। इसके अलावा उनकी कप्तानी में भारतीय टीम ने एशियन गेम्स में 2 स्वर्ण पदक और 4 बार एशिया कप का खिताब अपने नाम किया।
उनके कप्तानी कार्यकाल में भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल कीं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बनाई। 37 साल की हरमनप्रीत कौर ने तीनों फॉर्मेट में मिलाकर 211 मैचों में भारत की कप्तानी की। उनकी कप्तानी में भारत ने कई उपलब्धियां हासिल कीं, जिनमें 2025 वर्ल्ड कप का खिताब प्रमुख है। उन्होंने 2012, 2016, 2022 और 2026 के एशिया कप में भारत को जीत दिलाई। साथ ही 2022 और 2026 के एशियाई खेलों में गोल्ड मेडल भी जिताए।
हरमनप्रीत की कप्तानी में खत्म हुआ 23 साल का इंतजार
बर्मिंघम में 2022 कॉमनवेल्थ गेम्स में सिल्वर मेडल जीतने के बाद हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में भारत महिला टीम ने 1999 के बाद पहली बार इंग्लैंड के खिलाफ द्विपक्षीय वनडे सीरीज जीती। उन्होंने रिकॉर्ड 155 टी20 मैचों में भारत की कप्तानी की, जो किसी भी खिलाड़ी द्वारा सबसे ज्यादा है।
2016 में टी20 कप्तान बनीं हरमनप्रीत कौर
हरमनप्रीत कौर ने सबसे पहले 2012 एशिया कप में स्टैंड-इन के तौर पर भारत की कप्तानी की थी। बाद में सभी फॉर्मेट में टीम की कमान संभाली। उन्हें 2016 में सबसे छोटे फॉर्मेट की कप्तानी सौंपी गई थी। 2018 में उन्होंने कैरिबियाई देशों में टीम को टी20 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल तक पहुंचाया। इसके बाद 2020 में ऑस्ट्रेलिया में हुए टी20 वर्ल्ड कप में टीम रनर-अप रही।
लॉर्ड्स में टेस्ट जीतकर हरमनप्रीत ने रचा इतिहास
हरमनप्रीत कौर को 2022 में मिताली राज के संन्यास के बाद सभी फॉर्मेट के लिए भारत का फुल-टाइम कप्तान बना दिया गया। हरमन की कप्तानी में 2026 में भारतीय टीम ने इंग्लैंड को लॉर्ड्स में टेस्ट जीतकर इतिहास रचा। ‘क्रिकेट का मक्का’ कहे जाने वाले इस स्टेडियम में पहली बार महिला क्रिकेट टीम ने टेस्ट खेला था।


