नई दिल्ली : दिग्गज क्रिकेटर सुनील गावस्कर का मानना है कि वेस्टइंडीज के खिलाफ रांची में खेले गए दूसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में भारतीय टीम ने बड़ी रणनीतिक गलती की। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, भारत को महत्वपूर्ण 17वां ओवर तेज गेंदबाज मयंक यादव या बाएं हाथ के तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह से करवाना चाहिए था, लेकिन टीम प्रबंधन ने यह जिम्मेदारी स्पिनर कुलदीप यादव को सौंप दी। कुलदीप ने इस ओवर में 24 रन खर्च किए, जिसके बाद गावस्कर ने गेंदबाजी के इस फैसले पर सवाल उठाए।
कुलदीप ने इस ओवर में 24 रन लुटाए, जिसमें तीन छक्के, एक चौका और एक वाइड शामिल थी। इससे 250 रन के लक्ष्य का पीछा कर रहे वेस्टइंडीज का पलड़ा भारी हो गया। वेस्टइंडीज ने यह मैच छह विकेट से जीतकर पांच मैचों की श्रृंखला 1-1 से बराबर कर ली। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार गावस्कर ने कहा, ‘मैं 17वें ओवर में अर्शदीप या मयंक में से किसी एक को गेंदबाजी के लिए बुलाता। अर्शदीप ने अपने आखिरी ओवर (18वें ओवर) में खूब रन लुटाए, लेकिन मयंक ने शुरुआती झटके दिए थे।’
‘मयंक की विकेट भारत को मैच में वापस ला सकती थी’
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार गावस्कर ने कहा, ‘मयंक का इकॉनमी रेट लगभग 12 रन प्रति ओवर था और उस समय वेस्टइंडीज को इससे अधिक रन चाहिए थे। इसलिए अगर उन्होंने विकेट ले लिया होता तो मैच आपके पक्ष में जा सकता था।’ गावस्कर का मानना था कि उस महत्वपूर्ण मोड़ पर मयंक का एक और विकेट वेस्टइंडीज पर भारी दबाव डाल सकता था और उसके लिए मुश्किल पैदा कर सकता था।
‘मयंक को आजमाने से मैच का रुख बदल सकता था’
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार सुनील गावस्कर ने कहा कि एक बार विकेट मिलने के बाद विपक्षी टीम दबाव में आ जाती है, क्योंकि नए बल्लेबाज को क्रीज पर आकर पारी संभालनी पड़ती है। ऐसे में भारतीय टीम को उस समय मयंक यादव को गेंदबाजी का मौका देना चाहिए था। गावस्कर ने नौवें ओवर में शिवम दुबे से गेंदबाजी कराने के फैसले पर भी सवाल उठाए। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उनका मानना है कि उस समय बल्लेबाज अपनी लय हासिल करने की कोशिश कर रहे थे, इसलिए कुलदीप यादव को गेंद सौंपना बेहतर विकल्प हो सकता था।


