नई दिल्ली : भारतीय जूडो खिलाड़ी कपिल परमार ने सोमवार (19 अक्टूबर) को जापान के नागोया में आयोजित एशियाई पैरा खेलों में कांस्य पदक जीतकर भारत को तीसरी सफलता दिलाई। कपिल ने पुरुषों के जे-1 वर्ग के 70 किलोग्राम भार वर्ग के कांस्य पदक मुकाबले में इंडोनेशिया के अहनाफ रफली शिदकी को हराया। इससे पहले उन्हें सेमीफाइनल में इंडोनेशिया के ही जुनेदी के खिलाफ 0-1 से हार का सामना करना पड़ा था, जिसके बाद उन्हें कांस्य पदक के लिए मुकाबला करना पड़ा।
पिछले एशियाई पैरा खेलों में रजत पदक जीत चुके कपिल ने इस बार कांस्य अपने नाम किया। इससे पहले भारतीय निशानेबाज मोना अग्रवाल ने स्वर्ण और अवनि लेखरा ने रजत पदक जीतकर भारत का पदक खाता खोला था। प्लेऑफ मुकाबले में कपिल ने एक इप्पोन हासिल करके 1-0 से जीत दर्ज की। जूडो में इप्पोन सबसे अधिक अंक देने वाला मूव है जिससे मुकाबला तुरंत जीत लिया जाता है। यह मुकाबला एक मिनट से कुछ अधिक समय तक चला। कपिल की मां की तबीयत पिछले कुछ समय से ठीक नहीं चल रही है।
कांस्य पदक जीतने के बाद भावुक हुए कपिल परमार
भावुक कपिल ने कहा, ‘मैं यहां स्वर्ण पदक जीतने के इरादे से आया था, लेकिन कांस्य पदक ही जीत सका। स्वर्ण पदक के मामले में आज किस्मत ने मेरा साथ नहीं दिया, लेकिन मैं इस कांस्य पदक के लिए आभारी हूं। मैंने बहुत मेहनत की है और लंबे समय बाद यह मेरा पहला पदक है।’
पेरिस पैरालंपिक में भी कांस्य जीत चुके हैं कपिल परमार
जे1 वर्ग में गंभीर दृष्टिबाधिता वाले खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं। इसमें पूरी तरह दृष्टिहीन खिलाड़ियों से लेकर ऐसे खिलाड़ी शामिल होते हैं, जिन्हें रोशनी का बहुत कम आभास होता है। कपिल ने 2024 पैरालंपिक में भी कांस्य पदक जीता था। इसके अलावा वह 2019 राष्ट्रमंडल चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक विजेता रहे थे।


