नई दिल्ली : जसप्रीत बुमराह की अनुपस्थिति में जब भुवनेश्वर कुमार को भारतीय टी20 टीम में जगह मिली, तो उम्मीद थी कि उनका अनुभव और गेंद को स्विंग कराने की क्षमता न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों के लिए परेशानी खड़ी करेगी। न्यूजीलैंड की परिस्थितियों को देखते हुए माना जा रहा था कि भुवी अपनी स्विंग गेंदबाजी से खूब विकेट हासिल करेंगे। हालांकि, नतीजा उम्मीदों के उलट रहा। कीवी बल्लेबाजों ने उनके खिलाफ आक्रामक रुख अपनाया और पिछले 3 मुकाबलों में भुवनेश्वर कुमार प्रभाव छोड़ने में नाकाम रहे। उनके प्रदर्शन ने भारतीय टीम की गेंदबाजी को लेकर चर्चा तेज कर दी है।
भुवी इस वक्त भारतीय टी20 टीम के सबसे सीनियर और अनुभवी गेंदबाज हैं, लेकिन वो खुद को ही न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों के कहर से बचा पाने में अब तक सफल नहीं हो पाए हैं। भुवी की भारतीय टीम में 4 साल के बाद तब वापसी हुई थी जब उन्होंने आईपीएल के पिछले दो सीजन में शानदार प्रदर्शन किया था, लेकिन उनकी गेंदबाजी देखकर ऐसा लग रहा है कि उनकी चमक जैसे फीकी सी पड़ गई है। पिछले 3 मैचों में वो शुरुआत तो अच्छी करते हैं, लेकिन उसके बाद वो बल्लेबाजों को रोकने में नाकामयाब हो रहे हैं।
न्यूजीलैंड के खिलाफ भुवी बेअसर, 3 मैचों में मिला सिर्फ 1 विकेट
भुवी ने कीवी टीम के खिलाफ अब तक 3 टी20 मैच इस दौरे पर खेले हैं, लेकिन वो असरदार तो बिल्कुल भी नहीं रहे हैं। पिछले 3 मैचों में उन्होंने सिर्फ एक ही विकेट लिया है। इन 3 मैचों में उन्होंने 72 गेंदें फेंकी हैं और इस पर कुल 139 रन दिए हैं। भुवी का इन मैचों में औसत 139.00 का रहा है जबकि उनका इकॉनामी रेट 11.58 का रहा है जबकि स्ट्राइक रेट 72.00 रहा है। पहले 3 मैचों में उनकी बेस्ट गेंदबाजी 50 रन देकर एक विकेट रहा है।
भुवी ने कीवी टीम के खिलाफ 5 मैचों की टी20 सीरीज के पहले मैच में क्राइस्टचर्च में 4 ओवर में 49 रन दिए थे और उन्हें एक भी विकेट नहीं मिला था। वहीं दूसरे मैच में लगा कि वो वापसी करेंगे, लेकिन ऐसा नहीं हो गया और 4 ओवर में उन्होंने 50 रन लुटा दिए, हालांकि उन्हें एक सफलता इस मैच में जरूर मिली। इसके बाद तीसरा मैच भारत और न्यूजीलैंड के बीच वेलिंगटन में खेला गया, लेकिन इस मैच में भी उनकी कहानी बदली नहीं और उन्होंने अपने 4 ओवर के स्पैल में 40 रन दिए और एक भी विकेट ले पाने में सफल नहीं हुए।


