महिला टीम की पहली विश्व कप जीत और रोहित का दोहरा शतक, 2 नवंबर बना यादगार तारीख

0

नई दिल्ली : 2 नवंबर की तारीख भारतीय क्रिकेट के इतिहास में दो बड़ी उपलब्धियों के लिए हमेशा याद रखी जाएगी। इसी दिन भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने दक्षिण अफ्रीका को हराकर पहली बार वनडे विश्व कप का खिताब अपने नाम किया था। इस ऐतिहासिक जीत के साथ भारतीय महिला टीम ने विश्व क्रिकेट में नया मुकाम हासिल किया और देश को गौरवान्वित किया। वहीं रोहित शर्मा ने 12 साल पहले 2013 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 209 रन की ऐतिहासिक पारी खेलकर वनडे में दोहरा शतक लगाने वाले तीसरे भारतीय बल्लेबाज बनने का गौरव हासिल किया था। दोनों ही मौकों पर भारतीय क्रिकेट ने इतिहास के पन्नों में नया अध्याय जोड़ा।

2 नवंबर 2013: रोहित शर्मा ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ जड़ा ऐतिहासिक दोहरा शतक

दो नवंबर 2013 को भारतीय क्रिकेट टीम के सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बेंगलुरु में 209 रन की विस्फोटक पारी खेली थी। उनकी इस पारी की बदौलत भारत ने सात मैच की वनडे सीरीज अपने नाम की थी।

हिटमैन का अनोखा रिकॉर्ड, सिर्फ छक्के लगाकर बनाए 96 रन

इस सीरीज में दोनों टीमों के बल्लेबाजों ने जमकर रन बनाए थे। सात मैचों की सीरीज के दौरान 11 पारियों में कुल 3596 रन बने थे। सीरीज के आखिरी मुकाबले में रोहित शर्मा ने 158 गेंदों पर 209 रन बनाए थे। उनकी इस पारी में 12 चौके और 16 छक्के शामिल थे। रोहित वनडे क्रिकेट में दोहरा शतक लगाने वाले तीसरे भारतीय बल्लेबाज बने थे। उनसे पहले सचिन तेंदुलकर और वीरेंद्र सहवाग यह उपलब्धि हासिल कर चुके थे। रोहित शर्मा की पारी के दम पर भारत ने ऑस्ट्रेलिया के सामने 384 रन का विशाल लक्ष्य रखा था। ऑस्ट्रेलियाई टीम ने भी आसानी से हार नहीं मानी। सातवें नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरे जेम्स फॉकनर ने महज 73 गेंदों पर 116 रन की पारी खेलकर भारतीय खेमे की चिंता बढ़ा दी थी।

जेम्स फॉकनर की शतकीय पारी पर भारी पड़ा रोहित शर्मा का दोहरा शतक

उस समय यह किसी ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज का सबसे तेज वनडे शतक था। जेम्स फॉकनर ने शेन वाटसन के साथ सातवें विकेट के लिए 67 रन की साझेदारी की। इसके बाद क्लिंट मैके के साथ 115 रन की साझेदारी की। इसमें से 97 रन जेम्स फॉकनर के थे।

रोहित शर्मा के दोहरे शतक के बाद 326 रन पर सिमटी ऑस्ट्रेलियाई टीम

हालांकि, जेम्स फॉकनर की तूफानी पारी के बावजूद ऑस्ट्रेलिया लक्ष्य तक नहीं पहुंच पाया। ऑस्ट्रेलियाई टीम 45.1 ओवर में 326 रन पर ऑलआउट हो गई। भारत ने यह मैच जीतकर 3-2 से सीरीज अपने नाम की। सीरीज का एक मुकाबला बारिश की भेंट चढ़ गया था, जबकि एक बेनतीजा रहा था।

भारत-ऑस्ट्रेलिया मुकाबले में लगे रिकॉर्ड 38 छक्के

भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया के इस वनडे मैच में एक और रिकॉर्ड बना था। दोनों टीमों के बल्लेबाजों ने मिलकर कुल 38 छक्के लगाए थे। यह उस समय एक वनडे मुकाबले में दोनों टीमों की ओर से लगाए गए सर्वाधिक छक्कों का रिकॉर्ड था।

2025 में पूरा हुआ भारतीय महिला टीम का विश्व कप जीतने का सपना

दो नवंबर 2025 को भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने इतिहास रच दिया। टीम ने साउथ अफ्रीका को हराकर पहली बार वनडे विश्व कप का खिताब जीता। इस जीत में 21 वर्षीय शेफाली वर्मा की अहम भूमिका रही। दिलचस्प यह था कि शेफाली वर्मा को विश्व कप के लिए शुरुआत में घोषित भारतीय टीम में जगह नहीं मिली थी। वह नॉकआउट मुकाबलों के दौरान चोटिल खिलाड़ी प्रतिका रावल की जगह टीम में शामिल हुई थीं।

शेफाली वर्मा ने फाइनल में 78 गेंद पर 87 रन की शानदार पारी खेलकर भारत को 298 रन के मजबूत स्कोर तक पहुंचाने में मदद की। इसके बाद उन्होंने गेंद से भी कमाल किया। शेफाली वर्मा ने साउथ अफ्रीका की बल्लेबाजी के दौरान लगातार दो ओवरों में सुने लुस और मारिजाने कैप को आउट किया। शेफाली वर्मा के इन विकेटों से मैच का रुख भारत की ओर मुड़ गया। शेफाली वर्मा के विकेट लेने से पहले साउथ अफ्रीका का स्कोर 20 ओवर में दो विकेट पर 114 रन था। फाइनल मैच में ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा ने भी फाइनल में अहम योगदान दिया। दीप्ति शर्मा ने तेजतर्रार 58 रन बनाने के बाद पांच विकेट झटके। दीप्ति शर्मा के शिकारों में दक्षिण अफ्रीका की कप्तान और टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाली बल्लेबाज लॉरा वोल्वार्ड्ट भी शामिल थीं।

लॉरा वोल्वार्ड्ट ने भारतीय गेंदबाजों के सामने शानदार बल्लेबाजी करते हुए शतक लगाया और साउथ अफ्रीका की उम्मीदें बनाए रखीं। लॉरा वोल्वार्ड्ट 42वें ओवर में आउट हुईं। अमनजोत कौर ने बाउंड्री पर कुछ मशक्कत के बाद उनका कैच पकड़ा। लॉरा वोल्वार्ड्ट जब आउट हुईं तब साउथ अफ्रीका को जीत के लिए 79 रन की जरूरत थी और उसके तीन विकेट गिरना शेष थे। साउथ अफ्रीका की टीम में नादिन डी क्लार्क भी मौजूद थीं। नादिन डी क्लार्क ने लीग चरण में भारत के खिलाफ शानदार बल्लेबाजी की थी। नादिन डी क्लार्क की पारी की मदद से साउथ अफ्रीका ने उस मैच में जीत हासिल की थी। ऐसे में फाइनल में नादिन डी क्लार्क की मौजूदगी भारतीय टीम के लिए चिंता का विषय थी। हालांकि, भारतीय खिलाड़ियों ने दबाव में अपना संयम बनाए रखा।

नादिन डी क्लार्क आखिरी बल्लेबाज के रूप में आउट हुईं। भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर ने एक्स्ट्रा कवर पर पीछे की ओर दौड़ते हुए कंधे के ऊपर से उनका शानदार कैच पकड़ा। दीप्ति शर्मा टूर्नामेंट में 22 विकेट लेकर सबसे ज्यादा विकेट लेने वाली गेंदबाज रहीं। दीप्ति शर्मा के खाते में 200 से ज्यादा रन भी थे। वह टूर्नामेंट की सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुनी गईं। लॉरा वोल्वार्ड्ट ने पूरे टूर्नामेंट में 71.3 की औसत से 571 रन बनाए। यह एक विश्व कप संस्करण में किसी बैटर की ओर से बनाए गए सर्वाधिक रन का नया रिकॉर्ड था।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here