दुबई. एशिया कप 2025 में अफ़ग़ानिस्तान और श्रीलंका के बीच होने वाला मैच टूर्नामेंट का सबसे अहम मुकाबला साबित हो सकता है। हारने वाली टीम के लिए बाहर होने का ख़तरा मंडराएगा, जबकि जीतने वाली टीम सुपर-4 में जगह पक्की कर लेगी। अफ़ग़ानिस्तान बांग्लादेश से आठ रन से मिली हार के बाद दबाव में है। उनके गेंदबाज़ों ने अच्छा खेल दिखाया था लेकिन बल्लेबाज़ी पूरी तरह लड़खड़ा गई। अब श्रीलंका के ख़िलाफ़ उन्हें बेहतर रणनीति और ठोस साझेदारी की ज़रूरत होगी।
अफ़ग़ानिस्तान की चुनौती
अफ़ग़ानिस्तान के लिए अच्छी बात यह है कि उनका नेट रन रेट +2.150 है। सिर्फ जीत भी उन्हें सुपर-4 में पहुंचा सकती है। लेकिन उनके बल्लेबाज़ों का दबाव में बिखरना चिंता की वजह है। रहमानउल्लाह गुरबाज़ अभी तक लय नहीं पा सके हैं। टीम चाहेगी कि टॉप ऑर्डर में कोई एक बल्लेबाज़ टिककर अंतिम ओवरों तक खेले। आँकड़े बताते हैं कि अफ़ग़ानिस्तान ने कभी भी किसी टेस्ट टीम के ख़िलाफ़ 150+ रन का लक्ष्य T20I में हासिल नहीं किया है। यह रिकॉर्ड तोड़ना उनके लिए अहम होगा।
श्रीलंका की तैयारी
श्रीलंका अब तक एशिया कप में अपराजित है, लेकिन उनकी जीतें उतनी सहज नहीं रही हैं। हॉन्ग कॉन्ग के ख़िलाफ़ मैच में उन्होंने छह कैच छोड़े और गेंदबाज़ी में भी धार नहीं दिखी। बल्लेबाज़ी में पतुम निसंका के अलावा कोई स्थिरता नहीं दिखा। अगर इस मैच में हार मिली तो उन्हें बांग्लादेश के नेट रन रेट के हिसाब से सुपर-4 की गणितीय बाज़ी लगानी होगी। इसलिए श्रीलंका किसी भी हाल में यह मुकाबला जीतना चाहेगा।
नज़रें रहेंगी इन खिलाड़ियों पर
अफ़ग़ानिस्तान की गेंदबाज़ी में राशिद ख़ान और नूर अहमद की भूमिका अहम होगी। राशिद अब तक टूर्नामेंट में सबसे ज़्यादा 14 विकेट लेने वाले गेंदबाज़ बन चुके हैं, जबकि नूर ने 8 ओवर में सिर्फ़ 39 रन देकर 3 विकेट झटके हैं। श्रीलंका की तरफ़ से वानिंदु हसरंगा गेंद और बल्ले दोनों से असर डाल सकते हैं। वहीं निसंका इस समय टूर्नामेंट के टॉप रन-स्कोरर हैं और उनका बल्ला टीम को सुपर-4 तक पहुंचाने में मदद कर सकता है।

