नई दिल्ली : साल 2025 में कई दिग्गज क्रिकेटरों ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास का ऐलान किया था, और अब 2026 की शुरुआत भी इसी तरह की एक बड़ी खबर के साथ हुई है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार नए साल के दूसरे ही दिन ऑस्ट्रेलिया के स्टार बल्लेबाज उस्मान ख्वाजा ने इंटरनेशनल क्रिकेट से रिटायरमेंट की घोषणा कर दी। ख्वाजा मौजूदा एशेज सीरीज के आखिरी टेस्ट मैच के बाद क्रिकेट को अलविदा कहेंगे। सिडनी में खेला जाने वाला पांचवां टेस्ट उनके शानदार अंतरराष्ट्रीय करियर का अंतिम मुकाबला होगा।
उस्मान ख्वाजा ने 2008 में फर्स्ट क्लास और 2011 में ऑस्ट्रेलियाई इंटरनेशनल टीम के लिए टेस्ट डेब्यू किया था। वह अपना 88वां टेस्ट खेलने के बाद 15 साल के इंटरनेशनल क्रिकेट के सफर पर पूर्ण विराम लगा देंगे। उन्होंने सिडनी क्रिकेट ग्राउंड पर ही अपना फर्स्ट क्लास डेब्यू किया था और अब इसी ग्राउंड से वह अलविदा कहने का फैसला ले चुके हैं।
आंकड़ों में उस्मान ख्वाजा का शानदार क्रिकेट करियर
39 वर्षीय इस अनुभवी बल्लेबाज ने शुक्रवार सुबह अपने इस फैसले की जानकारी टीम के सभी साथी खिलाड़ियों को दे दी थी। उस्मान ख्वाजा का टेस्ट करियर शानदार रहा है, जिसमें उन्होंने अब तक 87 मैचों की 157 पारियों में 6206 रन बनाए हैं। इंटरनेशनल रेड बॉल क्रिकेट में उनके नाम 16 शतक और 28 अर्धशतक दर्ज हैं, जो उनके निरंतर प्रदर्शन और क्लास को दर्शाता है।
उस्मान ख्वाजा ने ऑस्ट्रेलिया के लिए 40 वनडे इंटरनेशनल खेले और 39 पारियों में 1554 रन बनाए जिसमें दो शतक और 12 अर्धशतक उनके नाम दर्ज हैं। वहीं 9 टी20 इंटरनेशनल में उन्होंने एक अर्धशतक समेत 241 रन बनाए। ख्वाजा के नाम फर्स्ट क्लास करियर में कुल 225 मैचों की 390 पारियों में 15447 रन दर्ज हैं जिसमें 43 शतक और 74 अर्धशतक शामिल हैं।
भावुक स्पीच में क्या बोले उस्मान ख्वाजा?
अपनी भावुक रिटायरमेंट स्पीच में उस्मान ख्वाजा ने दिल छू लेने वाली बातें साझा कीं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने कहा, “मुझे आज भी अपने बचपन का वह दिन याद है, जब माइकल स्लेटर अपनी लाल फरारी में मेरे सामने से गुजरे थे। उस पल मैं एक टेस्ट क्रिकेटर को देखकर अपने भाग्य पर यकीन नहीं कर पा रहा था। खासकर उस बच्चे के लिए, जिसके माता-पिता को दो कमरों का एक अपार्टमेंट दिलाने के लिए भी कड़ी मेहनत करनी पड़ती थी।”
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार स्पीच को आगे बढ़ाते हुए ख्वाजा ने कहा, “उस दिन मैंने सोचा था कि एक दिन मैं भी टेस्ट क्रिकेटर बनूंगा और जिस गाड़ी को चाहूंगा, उसे चलाऊंगा। मुझे तब यह अंदाजा नहीं था कि ईश्वर मेरे इस सपने को इस तरह पूरा करेगा। आज मैं आधिकारिक तौर पर यह घोषणा करता हूं कि सिडनी टेस्ट के बाद मैं इंटरनेशनल क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से संन्यास ले रहा हूं।”

