स्टार खिलाड़ियों को हराने के बाद बोले आयुष, ‘मैं दुनिया का बेस्ट खिलाड़ी बन सकता हूं’

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नई दिल्ली : बैडमिंटन एशियन चैंपियनशिप में रजत पदक जीतने के बाद आयुष शेट्टी ने गर्व और उम्मीद दोनों व्यक्त किए हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार  उन्होंने इस पूरे टूर्नामेंट को अपने लिए शानदार अनुभव बताया और कहा कि इससे दुनिया का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी बनने का उनका आत्मविश्वास और मजबूत हुआ है। साथ ही उन्होंने फाइनल में मिली हार को स्वीकार करते हुए उस दिन बेहतर प्रदर्शन का श्रेय अपने प्रतिद्वंद्वी शी यू क्यूई को दिया।

‘मेरे लिए एक शानदार टूर्नामेंट था’, आयुष शेट्टी ने जताई खुशी

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार आयुष शेट्टी ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, ‘मुझे लगता है कि यह मेरे लिए एक शानदार टूर्नामेंट था, जिस तरह से मैंने पूरे टूर्नामेंट में खेला, उससे मैं सचमुच बहुत खुश हूं। मेरे मैच बहुत मुश्किल थे, लेकिन जिस तरह से मैंने उन सभी में जीत हासिल की, उससे मैं खुश हूं। जहां तक फाइनल की बात है, तो थोड़ी निराशा हुई। मैं जीत के साथ टूर्नामेंट खत्म करना चाहता था, लेकिन इसका श्रेय शी यू क्यूई को जाता है, वह उस दिन बेहतर खिलाड़ी थे। मैं सिल्वर मेडल पाकर मैं शुक्रगुजार हूं।’

रजत पदक के साथ आयुष ने बढ़ाया देश का मान

दुनिया की रैंकिंग में 25वें स्थान पर काबिज 20 वर्षीय शटलर को निंगबो ओलंपिक सेंटर में हुए फाइनल में मौजूदा वर्ल्ड चैंपियन यू क्यूई के हाथों 8-21, 10-21 से हार का सामना करना पड़ा। सिल्वर मेडल जीतने के साथ आयुष साल 2018 में एचएस प्रणॉय के बाद बैडमिंटन एशिया चैंपियनशिप में पोडियम पर जगह बनाने वाले पहले भारतीय पुरुष सिंगल्स खिलाड़ी बन गए हैं।

बड़ा उलटफेर: आयुष ने वर्ल्ड नंबर-1 को हराया

सेमीफाइनल में थाईलैंड के मौजूदा चैंपियन कुनलावुत वितिदसरन को हराने के बाद, आयुष बैडमिंटन एशियन चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचने वाले दूसरे भारतीय पुरुष सिंगल्स खिलाड़ी (और कुल मिलाकर तीसरे खिलाड़ी) बन गए। शेट्टी अगर फाइनल जीत लेते, तो वह दिनेश खन्ना की बराबरी कर लेते, जो 1965 में पुरुष सिंगल्स चैंपियन बने थे।

“मैं सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी बन सकता हूं”

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने आगे कहा, “इस टूर्नामेंट ने मुझे बहुत आत्मविश्वास दिया है कि मैं दुनिया का सबसे अच्छा खिलाड़ी बन सकता हूं। अगला टूर्नामेंट थॉमस कप है, जिसके लिए मैं काफी उत्साहित हूं। हम ट्रॉफी घर लाने की पूरी कोशिश करेंगे। दुनिया के बेहतरीन खिलाड़ियों को हराने से आत्मविश्वास तो बढ़ता है, लेकिन मुझे उन्हें लगातार हराने पर और काम करने की जरूरत है। मेरा आगे का लक्ष्य और ज्यादा निरंतरता बनाए रखना और नियमित रूप से इसी स्तर पर खेलना है।”

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