लगातार दूसरी बार स्वर्ण का लक्ष्य, फाइनल में मलयेशिया से भिड़ेगी भारतीय पुरुष हॉकी टीम

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नई दिल्ली : भारतीय पुरुष हॉकी टीम को मलयेशिया के खिलाफ एशियन गेम्स के फाइनल में शनिवार को अपना खिताब बरकरार रखने और लॉस एंजिलिस ओलंपिक 2028 का टिकट कटाने के लिए गलतियों से सबक लेकर सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना होगा। भारतीय टीम ने कभी लगातार दो एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक नहीं जीता है और उसके पास शनिवार को यह कामयाबी हासिल करके भारतीय हॉकी का सुनहरा अध्याय लिखने का मौका है।

सेमीफाइनल में चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान के खिलाफ लचर प्रदर्शन के बाद अब मलयेशिया के खिलाफ उन गलतियों को दोहराने से बचना होगा। पाकिस्तान के खिलाफ 23वें मिनट तक तीन गोल की बढ़त बनाने के बाद भारत ने दूसरे हाफ में तीन गोल गंवा दिए और आखिरी सीटी बजने से 49 सेकेंड पहले अभिषेक के गोल के दम पर 4-3 से मिली जीत से फाइनल में जगह बनाई।

पिछली बार की चैंपियन भारतीय टीम को डिफेंस मजबूत रखना होगा। डिफेंस के चरमराने से ही पाकिस्तानी टीम का वापसी का मौका मिला था। सेमीफाइनल और फाइनल के बीच एक ही दिन का अंतर होने से रिकवरी भी अहम होगी। दूसरी ओर मलयेशिया ने दक्षिण कोरिया को 2-1 से हराकर फाइनल में प्रवेश किया। पिछले तीन बार में मलयेशिया दूसरी बार फाइनल में पहुंचा है। भारत के मुख्य कोच क्रेग फुल्टोन ने कहा, मलयेशिया ने अच्छा प्रदर्शन किया है और यह मुकाबला अच्छा रहेगा। हमने काफी समय से मलयेशिया से खेला नहीं है। दोनों टीमें आक्रामक खेलती हैं और खिलाड़ियों के पास हुनर के साथ रफ्तार भी है। हम सिर्फ अपनी रणनीति पर फोकस करना चाहते हैं।

भारत की उम्मीदें कप्तान हरमनप्रीत सिंह पर लगी होंगी जिन्होंने अब तक पेनल्टी कॉर्नर पर 10 गोल किए हैं। पाकिस्तान के सूफियान खान के बाद इन खेलों में उनके नाम सर्वाधिक गोल हैं। स्ट्राइकर अभिषेक और दिलप्रीत सिंह भी नौ नौ गोल कर चुके हैं। मलयेशिया के पास अनुभवी फैजल सारी और अबु कमाल अजराइ हैं जो नौ-नौ गोल कर चुके हैं। भारत अगर स्वर्ण जीत जाता है तो हरमनप्रीत लगातार दो एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाले पहले भारतीय कप्तान होंगे। वहीं, मनप्रीत सिंह तीन एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाले इकलौते भारतीय खिलाड़ी बन जाएंगे। वह 2014 और 2023 में स्वर्ण जीत चुके हैं।

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