नई दिल्ली: अनुभवी बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे ने गुरुवार, 21 अगस्त 2025 को घोषणा की कि वह आगामी घरेलू सत्र के लिए मुंबई क्रिकेट टीम की कप्तानी नहीं करेंगे। रहाणे ने सोशल मीडिया पर अपने फैसले की जानकारी देते हुए लिखा कि अब समय आ गया है कि किसी युवा खिलाड़ी को यह जिम्मेदारी दी जाए और उसे निखारा जाए। उनके नेतृत्व में मुंबई ने सात साल बाद 2023/24 सीजन में रणजी ट्रॉफी का खिताब जीता था और 2024/25 सीजन में ईरानी ट्रॉफी भी अपने नाम की थी। रहाणे ने हालांकि यह भी साफ कर दिया कि वह एक खिलाड़ी के तौर पर टीम का हिस्सा बने रहेंगे और मुंबई का प्रतिनिधित्व करते रहेंगे।
अजिंक्य रहाणे ने एक्स (पहले ट्विटर) पर एक पोस्ट साझा करते हुए लिखा, “मुंबई टीम की कप्तानी करना और चैंपियनशिप जीतना मेरे लिए बेहद सम्मान की बात रही है। आने वाले नए घरेलू सीजन के साथ मेरा मानना है कि यह सही समय है कि एक नए कप्तान को तैयार किया जाए। इसी कारण मैंने कप्तानी की भूमिका जारी न रखने का फैसला किया है। मैं एक खिलाड़ी के रूप में अपना सर्वश्रेष्ठ देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हूं और मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन के साथ अपनी यात्रा जारी रखूंगा ताकि हम और अधिक ट्रॉफियां जीत सकें। मैं इस नए सीजन का बेसब्री से इंतजार कर रहा हूं।”
मुंबई क्रिकेट टीम के पास इस समय यशस्वी जायसवाल, शार्दुल ठाकुर और सूर्यकुमार यादव जैसे प्रतिभाशाली खिलाड़ी मौजूद हैं, जो पहले ही भारतीय राष्ट्रीय टीम का हिस्सा बन चुके हैं। इनमें से सूर्यकुमार यादव तो इस समय भारत की टी20 टीम के कप्तान भी हैं। इन अनुभवी और युवा खिलाड़ियों की मौजूदगी से मुंबई को घरेलू क्रिकेट में लगातार मजबूत विकल्प और नेतृत्व क्षमता मिल रही है।
यशस्वी जायसवाल का बड़ा यू–टर्न: फैसले से सबको किया हैरान
भारतीय सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल ने मई 2025 की शुरुआत में मुंबई से गोवा जाने के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) मांगा था, लेकिन अब उन्होंने चौंकाने वाला यू-टर्न ले लिया है। 23 वर्षीय जायसवाल ने मुंबई क्रिकेट संघ (एमसीए) को एक ईमेल लिखकर अपना एनओसी वापस लेने का अनुरोध किया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि वह आगामी घरेलू सत्र में मुंबई टीम का प्रतिनिधित्व करने के लिए उपलब्ध रहेंगे। इस फैसले के साथ जायसवाल ने एक बार फिर अपने घरेलू करियर को मुंबई से ही आगे बढ़ाने का संकेत दिया है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, यशस्वी जायसवाल ने मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन (एमसीए) को भेजे गए ईमेल में लिखा, “मैं, अधोहस्ताक्षरी, आपसे अनुरोध करता हूं कि कृपया मुझे दी गई एनओसी वापस लेने के मेरे अनुरोध पर विचार करें क्योंकि मेरी गोवा जाने की कुछ पारिवारिक योजनाएं थीं, जिन्हें फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। इसलिए मैं ईमानदारी से एमसीए से अनुरोध करता हूं कि मुझे इस सीजन में मुंबई के लिए खेलने की अनुमति दी जाए। मैंने बीसीसीआई या गोवा क्रिकेट एसोसिएशन को यह एनओसी नहीं सौंपी है।”

