एशियन गेम्स 2026: 5 मुकाबले जहां भारत की पदक उम्मीदों को लगा बड़ा झटका

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नई दिल्ली : एशियन गेम्स 2026 में भारत के पदक जीतने का सिलसिला लगातार जारी है। छठे दिन निशानेबाजी में भारत ने स्वर्ण पदक का खाता खोला, लेकिन इसी दौरान कई मुकाबलों में भारतीय खिलाड़ियों को उम्मीद के मुताबिक नतीजे नहीं मिल सके। बैडमिंटन में सात्विक-चिराग की जोड़ी को उलटफेर का सामना करना पड़ा, जबकि कुछ अन्य स्पर्धाओं में भी पदक की उम्मीदें अधूरी रह गईं। आइची-नागोया में भारतीय दल ने कई यादगार प्रदर्शन किए हैं, लेकिन कुछ मुकाबलों के नतीजे जरूर चौंकाने वाले रहे। आइए जानते हैं एशियन गेम्स 2026 में अब तक के 5 बड़े उलटफेर, जिन्होंने भारतीय प्रशंसकों को निराश किया।

मनु भाकर पोडियम पर जगह नहीं बना सकीं

दो बार की ओलंपिक पदक विजेता मनु भाकर एशियन गेम्स 2026 में महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा के फाइनल में पांचवें स्थान पर रहीं। टीम इवेंट में भी भारत चौथे स्थान पर रहा। आठ महिलाओं के फाइनल में उन्होंने 181.1 का स्कोर किया। टीम मेडल से बहुत कम अंतर से चूकने के बाद, महिलाओं के 10 मीटर एयर पिस्टल इवेंट में भारत को कोई मेडल नहीं मिला। इस इवेंट में शामिल अन्य भारतीय खिलाड़ी मेडल राउंड में नहीं पहुंच सके थे। ईशा 572 के स्कोर के साथ 15वें और सुरुचि 568 के स्कोर के साथ 26वें स्थान पर रही थीं। हालांकि, मनु के पास अभी भी पदक जीतने का मौका है। अब मनु अपना ध्यान 25 मीटर पिस्टल इवेंट पर लगाएंगी, जहां वह ईशा और 2018 एशियन गेम्स की चैंपियन राही सरनोबत के साथ शामिल होंगी।

साक्षी का पदक का सपना टूटा, प्री-क्वार्टर फाइनल में मिली हार

भारतीय मुक्केबाज साक्षी चौधरी महिलाओं के 51 किलो वर्ग में कजाखस्तान की अलुआ बाल्कीबेकोवा से प्री क्वार्टर फाइनल में हारकर बाहर हो गईं। हरियाणा की 26 वर्ष की साक्षी ने ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीता था, लेकिन एशियाड में वह लय कायम नहीं रख सकीं। पहले दौर के बाद साक्षी कजाखस्तान की मुक्केबाज 3-2 से आगे थीं। दूसरे दौर में साक्षी ने आक्रामकता दिखाई लेकिन बाल्कीबेकोवा ने 3-2 से फिर बढ़त बनाई। आखिरी दौर में साक्षी वापसी करने में नाकाम रहीं।

प्रीति भी हारकर एशियाड से बाहर

कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण जीतने वाली मुक्केबाज प्रीति पवार भी राउंड ऑफ-16 में हारकर बाहर हो गईं। उन्हें उत्तर कोरिया की मुक्केबाज चोल मी पांग ने सर्वसम्मति से 5-0 से हराया। उत्तर कोरिया की मुक्केबाज ने तीनों राउंड में जीत हासिल की। मुक्केबाज साक्षी चौधरी के बाद प्रीति का बाहर होना भी चौंकाने वाला रहा।

एशियाड में सात्विक-चिराग का गोल्ड डिफेंस टूटा

भारत की पदक की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा जब एशियन गेम्स 2026 में बैडमिंटन में चौंकाने वाला नतीजा मिला। पिछली बार एशियन गेम्स में स्वर्ण जीतने वाली सात्विक-चिराग की जोड़ी कम रैंकिंग वाली थाईलैंड की जोड़ी से हार गई है। थाई जोड़ी ने तीसरा गेम 21-14 से अपने नाम किया। पहला गेम सात्विक-चिराग ने 21-12 से अपने नाम किया था। फिर दूसरे गेम में थाई जोड़ी ने जबरदस्त वापसी की और 21-19 से जीता। तीसरे गेम में हार के साथ ही सात्विक-चिराग राउंड ऑफ 32 से बाहर हो गए। सात्विक-चिराग उस पुरुष टीम का हिस्सा थे जिसने इस बार एशियाड में कांस्य पदक जीता था, लेकिन वह पुरुष युगल वर्ग में अपने स्वर्ण का बचाव नहीं कर सके।

एशियाड में महिला बैडमिंटन टीम पदक से चूकी

महिला बैडमिंटन टीम स्पर्धा में भारत को निराशा हाथ लगी। भारतीय टीम को क्वार्टर फाइनल में जापान के खिलाफ 1-3 से हार का सामना करना पड़ा और इसके साथ ही उसका एशियन गेम्स 2026 में पदक जीतने का सपना भी टूट गया। विश्व चैंपियनशिप की कांस्य पदक विजेता त्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद की जोड़ी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत को मुकाबले में बनाए रखा, लेकिन एकल मुकाबलों में अपेक्षित प्रदर्शन नहीं होने के कारण टीम आगे नहीं बढ़ सकी। भारत की ओर से 2 बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधू ने मुकाबले की शुरुआत की। उन्होंने विश्व की तीसरे नंबर की खिलाड़ी अकाने यामागुची को कड़ी टक्कर दी, लेकिन निर्णायक गेम में भारतीय खिलाड़ी लय बरकरार नहीं रख सकीं और मुकाबला गंवा बैठीं।

उन्नाति हुड्डा इसके बाद 2022 की विश्व जूनियर चैंपियन और विश्व में सातवें नंबर की खिलाड़ी टोमोका मियाजाकी से 16-21, 18-21 से हार गईं, जिससे जापान 2-0 से आगे हो गया। नई दिल्ली में हाल ही में विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतने वाली त्रीसा और गायत्री ने पहले युगल मैच में युकी फुकुशिमा और मायु मात्सुमोतो को 21-17, 21-16 से हराकर भारत को मुकाबले में बनाए रखा। लेकिन युवा शटलर तन्वी शर्मा तीसरे एकल मुकाबले में पूर्व विश्व चैंपियन नोजोमी ओकुहारा से 12-21, 10-21 से हार गईं और इस तरह से जापान ने 3-1 से जीत हासिल कर ली थी।

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