नई दिल्ली: आइची-नागोया एशियाई खेलों का भव्य समापन समारोह संपन्न हो गया। नागोया में आयोजित इस समारोह के साथ 16 दिनों तक चले एशियाई खेलों का आधिकारिक रूप से समापन हो गया। भारतीय दल की महिला ध्वजवाहक निशानेबाज नीरू ढांडा हाथ में तिरंगा लेकर समारोह में पहुंचीं। उन्होंने पूरे उत्साह के साथ तिरंगा लहराया और इस खास पल का हिस्सा बनीं। उनके चेहरे पर खुशी और गर्व साफ नजर आया।
नीरू के लिए यह एशियाड बेहद यादगार रहा। उन्होंने दो स्वर्ण और एक रजत पदक अपने नाम किया। नीरू ने अपने तीसरे पदक के रूप में किनान चेनाई के साथ ट्रैप मिश्रित टीम स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता था। इसके बाद वह भारत लौट गई थीं, लेकिन शनिवार सुबह समापन समारोह के लिए दोबारा नागोया पहुंचीं।
ध्वजवाहक के बाद एथलीट क्लोजिंग सेरेमनी में पहुंचे। इन सभी सितारों ने दो हफ्तों तक शानदार प्रदर्शन किया और अब वे अपनी उपलब्धियों पर गर्व के साथ नागोया से विदा लेते दिखे।। भारतीय दल भी एशियाई खेलों की क्लोजिंग सेरेमनी में पहुंचा और अब मुख्य मंच पर ध्वजवाहक नीरू ढांडा के साथ शामिल हुआ। भारतीय दल भी अपने प्रदर्शन से काफी खुश दिखा। शुरुआत में ज्यादा एथलीट नजर नहीं आ रहे थे और ज्यादातर सपोर्ट स्टाफ ही दिखाई दे रहा था। फिर धीरे धीरे भारतीय एथलीट भी नजर आने लगे। कई एथलीट क्लोजिंग सेरेमनी से पहले स्वदेश लौट चुके। भारतीय महिला हॉकी टीम भी रविवार को भारत लौट आई थी।
भारत ने शनिवार को पुरुष हॉकी फाइनल में मलयेशिया को 5-1 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इस जीत के साथ भारत के कुल पदकों की संख्या 85 हो गई, जिसमें 21 स्वर्ण, 27 रजत और 37 कांस्य पदक शामिल रहे। इस प्रदर्शन के साथ भारतीय दल पदक तालिका में चौथे स्थान पर रहा और लगातार एक और एशियाई खेलों में शीर्ष पांच में जगह बनाने में सफल रहा। हालांकि, भारत का प्रदर्शन 2022 के हांगझोउ एशियाई खेलों की तुलना में थोड़ा पीछे रहा। हांगझोउ में भारत ने रिकॉर्ड 106 पदक जीते थे, जिनमें 28 स्वर्ण शामिल थे। यानी इस बार भारत के खाते में कुल पदक 21 कम और स्वर्ण पदक सात कम रहे।

भारत का अभियान उतार-चढ़ाव से भरा रहा। गुरुवार तक भारत के खाते में सिर्फ 10 स्वर्ण पदक थे और टीम पदक तालिका में शीर्ष 10 से भी बाहर थी। लेकिन आखिरी दो दिनों में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार वापसी की। हॉकी और क्रिकेट में स्वर्ण पदक आए, जबकि तीरंदाजी, मुक्केबाजी और कुश्ती ने भी पदकों की संख्या बढ़ाई। अंतिम दो दिनों में भारत ने 11 और स्वर्ण पदक जीते। इस जोरदार वापसी ने भारत को फिर शीर्ष पांच में पहुंचाया और अभियान का अंत चौथे स्थान के साथ हुआ।
आइची-नागोया एशियाई खेलों के समापन समारोह के दौरान अगले एशियाई खेलों के मेजबान को भी आधिकारिक तौर पर कमान सौंपी गई। समापन समारोह के आखिर में कतर के प्रधानमंत्री मोहम्मद बिन अब्दुल रहमान बिन जसीम अल थान को झंडा और मशाल सौंपी गई। इसके साथ ही कतर का राष्ट्रीय ध्वड फहराया गया। एशियाई खेलों का अगला संस्करण 2030 में दोहा, कतर में आयोजित होगा। समारोह में आइची-नागोया से दोहा को एशियाई खेलों की मेजबानी की जिम्मेदारी औपचारिक रूप से सौंपी गई। नागोया में अंतिम जश्न के साथ 16 दिनों तक चले खेलों का समापन हो गया और अब नजरें एशियाई खेल 2030 पर टिकी होंगी।



