पानीपत। एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एएफआई) ने देशभर में एथलेटिक्स कोचिंग व्यवस्था को मजबूत और पारदर्शी बनाने के लिए बड़ा फैसला लिया है। नए नियमों के तहत अब बिना रजिस्ट्रेशन कोई भी कोच खिलाड़ियों को प्रशिक्षण नहीं दे सकेगा और न ही एएफआई से जुड़ी किसी गतिविधि में भाग ले पाएगा। एएफआई द्वारा कोचों के लिए अनिवार्य रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। फेडरेशन ने स्पष्ट किया है कि पंजीकरण के बिना प्रशिक्षण देना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। यह व्यवस्था कोचिंग सिस्टम को बेहतर बनाने और योग्य प्रशिक्षकों को सामने लाने के उद्देश्य से लागू की गई है। हरियाणा एथलेटिक्स एसोसिएशन के महासचिव प्रदीप मलिक ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि यह एक सकारात्मक और जरूरी कदम है। इससे सही प्रशिक्षकों की पहचान होगी और खिलाड़ियों को बेहतर मार्गदर्शन मिलेगा। साथ ही खेल के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और इसका सीधा लाभ खिलाड़ियों के हित में होगा। एएफआई के अनुसार कोचों के लिए रजिस्ट्रेशन विंडो 15 दिसंबर 2025 से खोल दी गई है, जो 30 जनवरी 2026 तक जारी रहेगी। सफल पंजीकरण के बाद प्रत्येक कोच को एक यूनिक रजिस्ट्रेशन नंबर और आधिकारिक पहचान पत्र जारी किया जाएगा। इसकी जानकारी संबंधित कोचों को ईमेल के माध्यम से दी जाएगी। एएफआई के सदस्य राजकुमार मिटान ने बताया कि जो कोच समय सीमा तक रजिस्ट्रेशन नहीं कराएंगे, उन्हें आधिकारिक रूप से प्रशिक्षण देने के योग्य नहीं माना जाएगा और वे एथलेटिक्स से जुड़ी मान्यता प्राप्त गतिविधियों में भाग नहीं ले सकेंगे।


