निंगबो (चीन) : भारत के 20 वर्षीय युवा शटलर आयुष शेट्टी को बैडमिंटन एशिया चैंपियनशिप में रजत पदक से संतोष करना पड़ा। रविवार को खेले गए फाइनल मुकाबले में उन्हें चीन के शी यूकी ने सीधे गेमों में 21-8, 21-10 से हराया। यह मैच कुल 42 मिनट तक चला, जिसमें शी यूकी पूरी तरह हावी नजर आए। हालांकि हार के बावजूद आयुष शेट्टी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए इतिहास रचा और इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में रजत पदक जीतकर बड़ा मुकाम हासिल किया।
नई सनसनी बने आयुष शेट्टी
आयुष बैडमिंटन में भारत की नई सनसनी बनकर उभरे हैं। वह पिछले 59 साल में इस टूर्नामेंट के एकल फाइनल में पहुंचने वाले पहले भारतीय और ओवरऑल इतिहास में दूसरे भारतीय बने थे। 1965 में दिनेश खन्ना ने स्वर्ण पदक जीता था। आयुष इतिहास तो नहीं दोहरा सके, लेकिन रजत पदक जरूर दिलाया। वह पिछले 59 साल में इस टूर्नामेंट के पुरुष एकल में कोई पदक जीतने वाले दूसरे भारतीय भी हैं। 2018 में एचएस प्रणय ने भारत के लिए कांस्य पदक जीता था। भारत के लिए इस टूर्नामेंट में पिछला पदक 2023 में आया था, जब सात्विक और चिराग ने पुरुष युगल का खिताब जीता था।
शानदार फॉर्म में हैं आयुष
वर्ल्ड नंबर-25 आयुष का फाइनल में पहुंचना महज संयोग नहीं है, बल्कि कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प का नतीजा है। वह हाल फिलहाल में शानदार फॉर्म में चल रहे हैं। उन्होंने क्वार्टरफाइनल में वर्ल्ड नंबर-चार जोनाथन क्रिस्टी को 23-21, 21-17 से हराया था। इसके अलावा उन्होंने चीनी ताइपे के चिन यू जेन और चीन के ली शी फेंग जैसे मजबूत खिलाड़ियों को भी मात दी। सेमीफाइनल में आयुष ने वर्ल्ड नंबर-1 कुनलावुत वितिदसरन को 10-21, 21-19, 21-17 से हराया था। यह मुकाबला 75 मिनट तक चला और इस दौरान भारतीय खिलाड़ी ने पहला सेट गंवाने के बावजूद दबाव में शानदार खेल दिखाया था।
अन्य भारतीय खिलाड़ियों का कैसा रहा प्रदर्शन?
टूर्नामेंट में भारत के अन्य स्टार खिलाड़ियों का प्रदर्शन निराशाजनक रहा। पीवी सिंधू दूसरे दौर में ही बाहर हो गईं, जबकि लक्ष्य सेन पहले ही राउंड में हारकर प्रतियोगिता से बाहर हो गए थे, जिससे भारतीय अभियान को बड़ा झटका लगा।


