नई दिल्ली : भारत और श्रीलंका की संयुक्त मेजबानी में 7 फरवरी से शुरू होने वाले आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप में बांग्लादेश की टीम के हिस्सा लेने को लेकर स्थिति अभी तक स्पष्ट नहीं है। बीसीसीआई द्वारा मुस्तफिजुर रहमान को आईपीएल 2026 से बाहर किए जाने के बाद बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने इस फैसले पर नाराजगी जताई थी और उन्होंने टी20 वर्ल्ड कप में अपने मैचों के वेन्यू बदलने के लिए आईसीसी को पत्र भी लिखा था। अभी तक इस मामले में कोई अंतिम निर्णय नहीं आया है, लेकिन BCB ने साफ कर दिया है कि वह वर्ल्ड कप के लिए अपनी टीम भारत नहीं भेजेगा। इसके अलावा, बीसीबी के फाइनेंस कमेटी हेड नजमुल इस्लाम द्वारा खिलाड़ियों को लेकर दिए गए विवादित बयान पर अब बांग्लादेश टीम के स्टार ऑलराउंडर मेहदी हसन मिराज का भी प्रतिक्रिया सामने आई है।
बोर्ड के पास पैसा है, इसलिए हम ICC टूर्नामेंट खेलते हैं
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार बांग्लादेश टीम के स्टार ऑलराउंडर मेहदी हसन मिराज ने 15 जनवरी को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि बांग्लादेश के क्रिकेट खिलाड़ी टैक्स देने वालों के पैसों पर नहीं जीते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि बोर्ड के पास जो पैसा है, वह खिलाड़ियों की मेहनत और बांग्लादेश की जर्सी पहनकर खेले गए मैचों की वजह से है। अगर मैच नहीं होंगे, तो स्पॉन्सर भी नहीं आएंगे और फिर बोर्ड को पैसा क्यों मिलेगा। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने जोर देकर कहा कि खिलाड़ियों की मेहनत की वजह से ही आज बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के पास यह राशि है। हम ICC टूर्नामेंट खेलते हैं और इसी कारण बोर्ड को आय होती है; अगर मैच नहीं होंगे तो ICC से कोई रेवन्यू भी नहीं मिलेगा।
ऐसे बयान हैं बेहद शर्मनाक
बीसीबी के फाइनेंस कमेटी हेड नजमुल इस्लाम ने अपने देश के खिलाड़ियों को लेकर विवादित बयान दिए, जिसके चलते उन्हें उनके पद से बर्खास्त कर दिया गया है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए मेहदी हसन मिराज ने कहा कि यह केवल व्यक्तिगत मामला नहीं है, बल्कि पूरे खेल जगत के लिए बेहद शर्मनाक बयान है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने बताया कि इतने बड़े पद पर बैठे किसी व्यक्ति से इस तरह के बयान की बिल्कुल भी उम्मीद नहीं की जा सकती। अगर खिलाड़ी अच्छा प्रदर्शन नहीं करते तो आलोचना होना स्वाभाविक है, और ऐसा कोई खिलाड़ी नहीं जिसने इसका सामना नहीं किया। साथ ही, मेहदी ने यह भी बताया कि खिलाड़ी जो कमाई करते हैं, उसका 25 से 30 प्रतिशत हिस्सा सरकार को टैक्स के रूप में भी जाता है।

