बेंगलुरु। भारतीय क्रिकेट में समावेशी विकास को मजबूती देते हुए भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने दृष्टिबाधित क्रिकेट के विकास से जुड़ी अंतरराष्ट्रीय पहल को औपचारिक समर्थन प्रदान किया है। इस फैसले के तहत भारत की दृष्टिबाधित पुरुष और महिला क्रिकेट टीमों को घरेलू और विदेशी टूर्नामेंटों में यात्रा, ठहराव और स्टेडियम सुविधाओं का सहयोग मिलेगा। बीसीसीआई द्वारा किए गए इस सहयोग से दृष्टिबाधित खिलाड़ियों को बोर्ड समर्थित स्टेडियमों और मैदानों में खेलने का अवसर मिलेगा, जिससे उन्हें विश्वस्तरीय खेल परिस्थितियां और पेशेवर माहौल उपलब्ध हो सकेगा। यह सहायता द्विपक्षीय सीरीज के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी लागू होगी।
पिछले एक दशक में भारत के दृष्टिबाधित क्रिकेटरों ने वैश्विक मंच पर शानदार प्रदर्शन किया है। पुरुष टीम ने 2012 के बाद कई विश्व कप खिताब अपने नाम किए हैं, जबकि भारतीय महिला दृष्टिबाधित टीम ने हाल ही में पहला टी20 ब्लाइंड महिला क्रिकेट विश्व कप जीतकर नया इतिहास रचा। बीसीसीआई का यह समर्थन इन उपलब्धियों को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगा। यह पहल अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद के चेयरमैन जय शाह की अगुवाई में हुई बैठकों के बाद सामने आई है। इन बैठकों में क्रिकेट एसोसिएशन फॉर द ब्लाइंड इन इंडिया (CABI) के पदाधिकारियों से भी संवाद किया गया। CABI के चेयरमैन डॉ. महंतेंश जी के. किवादसन्नावर ने इस सहयोग को दृष्टिबाधित क्रिकेटरों के लिए गर्व का क्षण बताया।

