मुंबई: दलीप ट्रॉफी टीम में केएल राहुल और मोहम्मद सिराज जैसे स्टार खिलाड़ियों को जगह न देने पर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने नाराज़गी जताई है। बोर्ड ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सभी राज्य संघों को पत्र भेजा है और साफ निर्देश दिया है कि घरेलू सत्र के शुरुआती मुकाबलों में केंद्रीय अनुबंधित खिलाड़ियों का चयन अनिवार्य रूप से किया जाए। बेंगलुरु में 28 अगस्त से शुरू होने वाले इस बड़े घरेलू टूर्नामेंट के लिए कुछ संघों द्वारा अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को शामिल न किए जाने के बाद बीसीसीआई ने पिछले हफ्ते सभी को ईमेल भेजा था।
यह कदम खास तौर पर साउथ जोन द्वारा केएल राहुल, वाशिंगटन सुंदर, प्रसिद्ध कृष्णा, साई सुदर्शन और मोहम्मद सिराज जैसे प्रमुख खिलाड़ियों को टीम से बाहर रखने के फैसले के बाद उठाया गया। गौरतलब है कि इंग्लैंड दौरे के बाद भारतीय खिलाड़ी एक महीने के ब्रेक पर हैं। बीसीसीआई के महाप्रबंधक (क्रिकेट संचालन) अभय कुरुविला ने दलीप ट्रॉफी टीम का चयन करने वाले सभी राज्य संघों को संदेश देते हुए याद दिलाया कि इस प्रतिष्ठित घरेलू टूर्नामेंट को उसका उचित सम्मान मिलना चाहिए। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने जोर देकर कहा कि चयन प्रक्रिया में लापरवाही नहीं होनी चाहिए और शीर्ष खिलाड़ियों की मौजूदगी टूर्नामेंट की गुणवत्ता और प्रतिष्ठा बनाए रखने के लिए बेहद ज़रूरी है।
BCCI का निर्देश: दलीप ट्रॉफी में सभी उपलब्ध भारतीय खिलाड़ियों को चुना जाए
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इंडियन एक्सप्रेस को मिले एक ईमेल में बीसीसीआई के महाप्रबंधक (क्रिकेट संचालन) अभय कुरुविला ने स्पष्ट किया कि दलीप ट्रॉफी की प्रतिष्ठा बनाए रखने और प्रतियोगिता की उच्चतम गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए उपलब्ध सभी भारतीय खिलाड़ियों का चयन किया जाना अनिवार्य है। उन्होंने क्षेत्रीय संयोजकों से अनुरोध किया कि वे यह सुनिश्चित करें कि जो भी खिलाड़ी खेलने के लिए उपलब्ध हैं, उन्हें अपनी-अपनी टीमों में शामिल किया जाए।
पिछले साल कुछ खिलाड़ियों द्वारा ‘आईपीएल को प्राथमिकता’ देने की प्रवृत्ति को देखते हुए बीसीसीआई ने यह नियम लागू किया था कि सभी अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों के लिए घरेलू क्रिकेट में खुद को उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा। बोर्ड ने जनवरी 2025 में ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट सीरीज समाप्त होने के बाद एक बार फिर दोहराया कि केंद्रीय अनुबंधित खिलाड़ियों के लिए घरेलू क्रिकेट में भाग लेना ज़रूरी है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार कई राज्य संघों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को दलीप या देवधर ट्रॉफी के बजाय इंडिया ए या बोर्ड अध्यक्ष एकादश के लिए खेलना चाहिए। उनका तर्क है कि राष्ट्रीय सितारों की मौजूदगी से पूरे सीज़न में कड़ी मेहनत करने वाले रणजी खिलाड़ियों को दलीप ट्रॉफी से बाहर होना पड़ता है। संघों का कहना है कि पिछले सीज़न में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को, टीम में भारतीय सितारों की वापसी के कारण, उनके प्रदर्शन का उचित इनाम नहीं मिल पाता।
साउथ जोन ने तिलक वर्मा को सौंपी कप्तानी
साउथ जोन ने 27 जुलाई को दलीप ट्रॉफी के लिए टीम का ऐलान करते हुए तिलक वर्मा को कप्तान नियुक्त किया था। उस समय बीसीसीआई का आदेश जारी नहीं हुआ था। हालांकि, अब अभय कुरुविला के ईमेल के बाद यह स्पष्ट नहीं है कि साउथ जोन अपनी टीम में बदलाव करेगा या नहीं। इधर, आगामी दलीप ट्रॉफी में शुभमन गिल (टेस्ट कप्तान), यशस्वी जायसवाल, कुलदीप यादव, आकाश दीप, मोहम्मद शमी, अर्शदीप सिंह और श्रेयस अय्यर जैसे बड़े नाम अपने-अपने जोन की ओर से मैदान में उतरेंगे।
कुरुविला ने अपने पत्र में यह भी स्पष्ट किया कि सभी अनुबंधित खिलाड़ियों को बीसीसीआई द्वारा भेजे गए दिशानिर्देशों का पालन करना अनिवार्य है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने लिखा कि “घरेलू मैचों में भागीदारी: सभी खिलाड़ी, चाहे अनुबंधित हों या नहीं, यदि वे टीम इंडिया में चयन के लिए खुद को उपलब्ध कराते हैं, तो उन्हें बीसीसीआई द्वारा आयोजित घरेलू टूर्नामेंट में हिस्सा लेना होगा।”
कुरुविला ने लिखा कि यदि कोई खिलाड़ी उपलब्ध होने के बावजूद किसी घरेलू क्रिकेट टूर्नामेंट में हिस्सा नहीं लेता है, तो उसे चयन के लिए तभी विचार किया जाएगा जब राष्ट्रीय कोच और चयन समिति के अध्यक्ष की सिफारिश के साथ बीसीसीआई से पूर्व अनुमोदन प्राप्त हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि छुट्टी केवल वैध और ठोस कारणों के आधार पर ही दी जाएगी। दलीप ट्रॉफी 2025 के लिए टीमों का चयन क्षेत्रीय चयनकर्ताओं द्वारा किया जाएगा, क्योंकि टूर्नामेंट अब फिर से क्षेत्रीय प्रारूप में खेला जाएगा। गौरतलब है कि पिछले सीज़न में यह प्रतियोगिता टीम-आधारित प्रारूप में हुई थी, जहां खिलाड़ियों का चयन राष्ट्रीय चयनकर्ताओं ने किया था।

