सवालों के घेरे में BCCI: विजय हजारे ट्रॉफी 2025-26 और भारत के घरेलू क्रिकेट की चुनौतियाँ

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नई दिल्ली: भारत में अक्सर घरेलू क्रिकेट को बढ़ावा देने की बात होती है, और बड़े से बड़े खिलाड़ियों को इसके महत्व के बारे में बताया जाता है। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या खुद बीसीसीआई इसे उतनी अहमियत देती है जितनी इसे मिलनी चाहिए। मौजूदा विजय हजारे ट्रॉफी 2025-26 में यही सवालिया निशान दिखाई दे रहे हैं, क्योंकि आयोजन और व्यवस्थाओं को लेकर कई चुनौतियाँ और विवाद सामने आ रहे हैं। इस ट्रॉफी के आयोजन को लेकर बीसीसीआई पर विभिन्न आरोप और आलोचनाएँ उठ रही हैं, जिससे घरेलू क्रिकेट की स्थिति और उसकी प्रतिष्ठा पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

विस्तार से जानेंगे कि क्यों आरोप लग रहे हैं, कौन आरोप लगा रहा है? मीडिया रिपोर्ट के अनुसार बुधवार (24 दिसंबर 2025) को जो रिपोर्ट सामने आई उसके मुताबिक बीसीसीआई के जनरल फंड में करीब 3358 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई है। बीसीसीआई का यह फंड पिछले साल 7988 करोड़ रुपये था जो अब 11,346 करोड़ रुपये हो गया है। अब सवाल यही है कि इतना फंड तो है लेकिन इसका इस्तेमाल घरेलू क्रिकेट में क्यों नहीं हो रहा?

फैंस मायूस: विजय हजारे ट्रॉफी 2025-26 के मैचों की पहुंच नहीं

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, बीसीसीआई द्वारा अक्सर विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे दिग्गज खिलाड़ियों को घरेलू क्रिकेट में खेलने के लिए दबाव डाला जाता है। लंबे समय के बाद ये दोनों खिलाड़ी विजय हजारे ट्रॉफी 2025-26 में मैदान पर लौटे हैं, लेकिन फैंस उन्हें लाइव या स्टेडियम में देखने से वंचित रह रहे हैं। उदाहरण के तौर पर, विराट कोहली दिल्ली के लिए खेल रहे हैं और उनके शुरुआती मैच बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम में होने थे, लेकिन अंतिम समय में कर्नाटक सरकार ने एक दिन पहले ही इस स्टेडियम को हरी झंडी नहीं दी, जिससे दर्शकों और फैंस की निराशा बढ़ गई।

पिछले एक दो हफ्ते पहले तक चिन्नास्वामी को सभी आरोपों से मुक्त और सुरक्षा के लिहाज से ग्रीन फ्लैग बताया जा रहा था, मगर विजय हजारे ट्रॉफी 2025 के मैच अचानक 24 घंटे का समय जब बाकी था तो बेंगलुरु स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्टेडियम शिफ्ट कर दिए गए। यह तो छोड़िए शिफ्टिंग को एक तरफ नजरअंदाज कर दिया जाए और सुरक्षा लिहाज से यह भी जायज मान लेते हैं कि फैंस को स्टेडियम में एंट्री नहीं मिली, पर लाइव स्ट्रीमिंग या लाइव कवरेज क्यों नहीं?

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार सवाल यह उठता है कि क्या बीसीसीआई के पास इसके लिए पर्याप्त फंडिंग नहीं थी, या फिर प्रॉपर इंतजाम ही नहीं किया गया। कुछ आलोचक तो इसे इस तरह भी देखते हैं कि शायद बोर्ड ने इस टूर्नामेंट और इन घरेलू मैचों को उतनी अहमियत ही नहीं दी कि इसका लाइव प्रसारण या लाइव स्ट्रीमिंग सुनिश्चित की जा सके। बोर्ड हर बार यह दावा करता है कि भारत में घरेलू क्रिकेट को बढ़ावा देना उसका उद्देश्य है, लेकिन सवाल यही है कि क्या फैंस के बिना या इन मैचों के प्रसारित न होने की स्थिति में इसे वास्तव में बढ़ावा मिलेगा।

बीसीसीआई ने तो सितारों को घरेलू टूर्नामेंट खेलने के लिए राजी कर लिया, लेकिन सवाल यही है कि क्या यह काफी है। क्या घरेलू क्रिकेट सच में आगे बढ़ पाएगा जब मैचों की व्यूअरशिप ही नहीं होगी? या बोर्ड की सोच यह है कि बिना फैंस, बिना स्टेडियम ऑडियंस के, सिर्फ स्टार प्लेयर्स के आने से ही टूर्नामेंट को बढ़ावा मिल जाएगा। स्थिति और उलझ जाती है जब लाइव स्ट्रीमिंग या प्रसारण न होने के कारण फैंस मैच नहीं देख पा रहे हैं, और दूसरी तरफ बोर्ड द्वारा शेयर किए गए फुटेज ने फैंस को और भी ज्यादा भड़काया है।

क्वालिटी पर फैंस के सवाल: विजय हजारे ट्रॉफी 2025-26 में निराशा

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, बीसीसीआई ने अपने डोमेस्टिक एक्स हैंडल पर विराट कोहली, रोहित शर्मा और वैभव सूर्यवंशी की बल्लेबाजी के वीडियो शेयर किए। लेकिन इन वीडियोज की बेहद खराब क्वालिटी देख फैंस बहुत गुस्से में आ गए। वीडियो की खराब क्वालिटी को लेकर फैंस ने बीसीसीआई को ट्रोल करना शुरू कर दिया और सोशल मीडिया पर कई कमेंट ऐसे आए जिसमें बोर्ड की आलोचना की गई और कहा गया कि, “यही है दुनिया के सबसे अमीर क्रिकेट बोर्ड का हाल।”

विजय हजारे ट्रॉफी 2025 में जब रोहित शर्मा जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम में खेलने उतरे, तो लगभग 20 हजार फैंस स्टेडियम में इकट्ठा थे। लेकिन कुछ ही घंटों पहले तक इसी स्टेडियम के खराब इंतजामों की तस्वीरें सामने आई थीं। ये तस्वीरें उसी सवाई मानसिंह स्टेडियम की हैं, जहां रोहित शर्मा की टीम मुंबई खेलने उतरी थी, और ये तस्वीरें मैच शुरू होने से कुछ ही घंटों पहले ली गई थीं, जिससे आयोजकों और व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े हो गए।

यहां स्टेडियम में शुद्ध कुर्सियां नहीं हैं, कचरा पड़ा है, बैठने वाली कुर्सियां टूटी हैं, फिर भी फैंस हजारों की संख्या में आए। लेकिन स्टेडियम की यह बदइंतजामी बताती है कि बीसीसीआई या राज्य क्रिकेट बोर्ड घरेलू टूर्नामेंट को कितनी अहमियत दे रहे हैं। आपको यह भी बता दें कि आईपीएल 2026 का कोई भी मैच जयपुर के इस स्टेडियम में नहीं होगा। कौन इसका जिम्मेदार है?

पूरे भारत के कुल 6 वेन्यू पर विजय हजारे ट्रॉफी का आयोजन हो रहा है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार  सिर्फ अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम और राजकोट के निरंजन शाह स्टेडियम में ही लाइव स्ट्रीमिंग की सुविधा उपलब्ध है। बाकी कहीं भी बीसीसीआई द्वारा लाइव कवरेज के इंतजाम नहीं किए गए हैं। इसको लेकर बोर्ड पर फैंस निशाना साध रहे हैं।

निशाना साधना गलत भी नहीं कहा जा सकता, क्योंकि एक तरफ बीसीसीआई के फंड में 3300 करोड़ रुपये से ज्यादा की बढ़ोतरी की खबरें सामने आ रही हैं, वहीं दूसरी तरफ बोर्ड घरेलू क्रिकेट को लाइव स्ट्रीमिंग या प्रसारण के लायक भी प्राथमिकता नहीं दे रहा। अगर खुद बोर्ड इस तरह घरेलू क्रिकेट को महत्व नहीं दे रहा है, तो सवाल यह उठता है कि फैंस इसे कैसे बढ़ावा देंगे और इसका समर्थन करेंगे।

क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने भारत में मैच का किया लाइव कवरेज, बीसीसीआई पर सवाल

अगर क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया से तुलना की जाए, तो उनका कमिटमेंट काफी मजबूत नजर आता है। भारत में जब उनकी ए टीम आई थी, तब उनके लोकल चैनल्स Kayo Sports और Cricket.com.au पर इंडिया ए और ऑस्ट्रेलिया ए के बीच हुए मुकाबलों का लाइव कवरेज उपलब्ध था। वहीं भारत में फैंस काफी निराश रहे, क्योंकि उन्होंने न तो अनौपचारिक टेस्ट मैच को लाइव देखा और न ही उस वनडे सीरीज को, जिसमें श्रेयस अय्यर ने इंडिया ए की कप्तानी की थी। इस स्थिति ने फैंस और बोर्ड के बीच बढ़ते अंतर और निराशा को उजागर कर दिया।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार यही दुनिया के सबसे अमीर क्रिकेट बोर्ड पर सवाल खड़े करता है। एक तरफ बीसीसीआई अपने विजन में घरेलू क्रिकेट को बढ़ावा देने की बात करता है, लेकिन दूसरी तरफ वही इसे फैंस तक पहुंचाने में नाकाम रहता है। यह दोहरा मापदंड फैंस के गुस्से और आलोचना की वजह बन रहा है। यही कारण है कि फैंस बोर्ड को घेर रहे हैं और भारत में होने वाले घरेलू क्रिकेट के भविष्य पर सवाल उठा रहे हैं। अब यह देखना बाकी है कि आने वाले मैचों में विजय हजारे ट्रॉफी 2025-26 के मुकाबले फैंस तक सही तरीके से पहुँच पाते हैं या नहीं।

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