महिला वनडे वर्ल्ड कप की मेज़बानी से वंचित हो सकता है बेंगलुरु का चिन्नास्वामी स्टेडियम

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नई दिल्ली. बेंगलुरु का एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम इस साल होने वाले महिला वनडे वर्ल्ड कप के चार अहम मुकाबलों की मेज़बानी खो सकता है। BCCI ने कर्नाटक स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन (KSCA) को 10 अगस्त तक पुलिस से अनुमति लेने की समयसीमा दी थी, लेकिन अब तक मंज़ूरी नहीं मिली है। इस कारण तिरुवनंतपुरम के ग्रीनफ़ील्ड्स स्टेडियम को वैकल्पिक स्थल के तौर पर प्रस्तावित किया गया है। मूल कार्यक्रम के अनुसार, 30 सितंबर को भारत और श्रीलंका के बीच टूर्नामेंट का उद्घाटन मुकाबला बेंगलुरु में होना था। इसके अलावा 3 अक्टूबर को साउथ अफ्रीका बनाम इंग्लैंड, 26 अक्टूबर को भारत बनाम बांग्लादेश और 30 अक्टूबर को दूसरा सेमीफ़ाइनल भी यहीं खेला जाना तय था। वहीं 2 नवंबर को होने वाले फ़ाइनल के लिए भी चिन्नास्वामी का नाम संभावित स्थल में शामिल है।

ग्रीनफ़ील्ड्स स्टेडियम 21 अगस्त से 7 सितंबर तक केरल क्रिकेट लीग (KCL) के दूसरे संस्करण की मेज़बानी कर रहा है, लेकिन केरल क्रिकेट एसोसिएशन के पास बैकअप प्लान है। अगर वर्ल्ड कप के मैच मिलते हैं तो KCL को दूसरे स्थल पर शिफ्ट किया जा सकता है। ICC के नियमों के मुताबिक आयोजन स्थल कम से कम एक महीने पहले सौंपना अनिवार्य है। ऐसे में BCCI और ICC को अगले सात दिनों में फ़ैसला लेना होगा। तिरुवनंतपुरम को 25 और 27 सितंबर को अभ्यास मैचों की मेज़बानी का भी मौका मिल सकता है।

KSCA को सोमवार तक मंज़ूरी नहीं मिली थी, जबकि ICC ने मुंबई में टूर्नामेंट की 50 दिन की उलटी गिनती शुरू कर दी है। KSCA इस समय अपनी टी20 प्रतियोगिता भी पुलिस की अनुमति के अभाव में दूसरे स्थान पर आयोजित कर रहा है। सूत्रों के मुताबिक, KSCA सीमित दर्शक क्षमता के साथ मैच कराने पर विचार कर रहा है, लेकिन यह साफ़ नहीं है कि BCCI इसकी इजाज़त देगा या नहीं। अगर पाकिस्तान फ़ाइनल में नहीं पहुंचता, तो चिन्नास्वामी को फ़ाइनल की मेज़बानी का भी मौका मिल सकता है।

4 जून को RCB की IPL 2025 जीत के बाद जश्न में मची भगदड़ के कारण 11 लोगों की मौत और 50 से ज़्यादा घायल होने के बाद से ही चिन्नास्वामी विवादों में है। इस घटना के बाद KSCA के सचिव और कोषाध्यक्ष ने इस्तीफ़ा दे दिया था। हाल ही में राज्य सरकार की जांच रिपोर्ट में इस स्टेडियम को बड़े आयोजनों के लिए असुरक्षित बताया गया है और मैचों को अधिक सुरक्षित स्थलों पर शिफ्ट करने की सिफारिश की गई है। यह स्थिति उन टीमों के लिए भी मुश्किल खड़ी कर सकती है, जो वर्ल्ड कप से पहले बेंगलुरु में अभ्यास शिविर लगाने और अलूर स्थित KSCA सुविधा का उपयोग करने की योजना बना रही थीं।


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