नई दिल्ली: Vaibhav Suryavanshi एक बार फिर सुर्खियों में हैं, लेकिन इस बार वजह उनका खेल नहीं बल्कि मैदान पर हुआ व्यवहार बताया जा रहा है। ट्राई सीरीज में भारत ए और श्रीलंका ए के बीच सोमवार को खेले गए मुकाबले में भारतीय टीम को हार का सामना करना पड़ा, लेकिन मैच के बाद दोनों टीमों के खिलाड़ियों के बीच हुई तीखी नोकझोंक ने पूरे माहौल को विवादित बना दिया। इस घटना के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या वैभव सूर्यवंशी को अगला मुकाबला खेलने का मौका मिलेगा या नहीं। वहीं भारतीय टीम के अगले मैच को लेकर भी उत्सुकता बनी हुई है, जो आने वाले शेड्यूल के अनुसार जल्द ही अफगानिस्तान ए के खिलाफ खेला जाएगा।
तिलक वर्मा की कप्तानी में भारत की ए टीम इस वक्त श्रीलंका के दौरे पर है, जहां तीन देशों के बीच ट्राई सीरीज खेली जा रही है। सीरीज के अपने तीसरे मैच में भारत ए और श्रीलंका ए के बीच मैच टाई हो गया। इसके बाद सुपर ओवर में टीम को हार का सामना करना पड़ा। मैच खत्म हुआ और उसी वक्त भारत और श्रीलंका के खिलाड़ी आपस में भिड़ गए। पहले तो केवल शब्दों का आदान प्रदान हुआ, लेकिन बात बड़ी तो धक्का मुक्की भी शुरू हो गई। इसके वीडियो कुछ ही देर में सोशल मीडिया पर छा गए।
भारतीय टीम के युवा खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी और कुछ श्रीलंकाई खिलाड़ी आपस में धक्का देते हुए दिख रहे हैं। इसको लेकर भी सोशल मीडिया दो धड़ों में बंटा हुआ है। कुछ लोग कह रहे हैं कि जब वैभव के लिए गलत शब्दों का प्रयोग हुआ तो जवाब देना बनता है। लेकिन कुछ का ये भी कहना है कि वैभव अभी केवल 15 साल के हैं। अगर उन्हें आगे जाना है तो इस तरह की बातों को आया गया किया जाना चाहिए। वैभव ने जो कुछ भी किया, उसे ठीक नहीं माना जा सकता।
इस बीच अभी तक इस पूरे मामले में कोई आधिकारिक कार्रवाई सामने नहीं आई है, हालांकि माना जा रहा है कि आगे कुछ निर्णय लिया जा सकता है। फिलहाल जब तक किसी प्रकार की सजा या प्रतिबंध की घोषणा नहीं होती, तब तक Vaibhav Suryavanshi के खेलने की संभावना बनी हुई है। भारतीय ए टीम अपना अगला मुकाबला 17 जून को अफगानिस्तान ए के खिलाफ खेलेगी, जहां टीम पहले ही एक मैच हार चुकी है, ऐसे में दबाव काफी ज्यादा रहेगा। फाइनल में जगह बनाने के लिए भारत को यह मैच हर हाल में जीतना होगा। अब देखना होगा कि मुकाबले से पहले किसी अनुशासनात्मक कार्रवाई का ऐलान होता है या मामला आगे टल जाता है। फिलहाल टीम और वैभव दोनों पर प्रदर्शन का दबाव बना हुआ है, क्योंकि वनडे प्रारूप में अब तक उनका प्रभाव सीमित रहा है।


