पेरिस: भारतीय बैडमिंटन जोड़ी सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी का विश्व चैंपियनशिप में अभियान कांस्य पदक के साथ समाप्त हुआ। सेमीफाइनल मुकाबले में उन्हें चीन के 11वें वरीय चेन बो यांग और लियू यी के हाथों 67 मिनट तक चले रोमांचक मैच में 19-21, 21-18, 12-21 से हार झेलनी पड़ी। भारत के लिए पदक पक्का करने के एक दिन बाद सात्विक-चिराग के पास फाइनल में पहुंचकर इतिहास रचने का सुनहरा मौका था, लेकिन सेमीफाइनल की हार ने उनका यह सपना अधूरा छोड़ दिया। इसके बावजूद इस जोड़ी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत के लिए विश्व चैंपियनशिप में एक और पदक सुनिश्चित किया।
भारतीय जोड़ी का यह विश्व चैंपियनशिप में दूसरा पदक है। इससे पहले सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी ने 2022 में भी कांस्य पदक अपने नाम किया था। एशियाई खेलों के चैंपियन इस जोड़ी ने क्वार्टर फाइनल में मलयेशिया की दिग्गज जोड़ी और दो बार के ओलंपिक पदक विजेता आरोन चिया व सोह वूई यिक को हराकर भारत के पदक जीतने का सिलसिला 2011 से अब तक कायम रखा। हालांकि सेमीफाइनल में भारतीय जोड़ी चीनी जोड़ी की कड़ी चुनौती का सामना नहीं कर पाई और हार का सामना करना पड़ा। इसी के साथ इस साल की विश्व चैंपियनशिप में भारत का अभियान भी समाप्त हो गया।
सात्विक और चिराग ने शुरुआती गेम में आक्रामक रवैया अपनाया और जल्द ही 9-3 की बढ़त बना ली। लेकिन चेन और लियू ने इसके बाद शानदार वापसी की और भारतीय जोड़ी को पीछे छोड़ दिया। इसके बाद चिराग तीसरे गेम प्वाइंट पर चूक गए और चीन की टीम पहला गेम जीतने में सफल रही। दूसरे गेम में भी भारतीय जोड़ी ने अच्छी शुरुआत करके 5-1 की बढ़त बना ली। सात्विक के स्मैश और चिराग के नेट पर आक्रामक खेल से भारतीय टीम को बढ़त हासिल करने में मदद मिली।
सात्विक और चिराग ने शुरुआती गेम में आक्रामक रवैया अपनाया और जल्द ही 9-3 की बढ़त बना ली। लेकिन चेन और लियू ने इसके बाद शानदार वापसी की और भारतीय जोड़ी को पीछे छोड़ दिया। इसके बाद चिराग तीसरे गेम प्वाइंट पर चूक गए और चीन की टीम पहला गेम जीतने में सफल रही। दूसरे गेम में भी भारतीय जोड़ी ने अच्छी शुरुआत करके 5-1 की बढ़त बना ली। सात्विक के स्मैश और चिराग के नेट पर आक्रामक खेल से भारतीय टीम को बढ़त हासिल करने में मदद मिली।
सेमीफाइनल मुकाबले में दूसरा गेम रोमांचक रहा, जहां चिराग से नेट पर लगातार गलतियां हुईं और सात्विक की सर्विस भी अपेक्षित स्तर की नहीं रही। इसका फायदा उठाते हुए चीनी जोड़ी ने स्कोर 16-16 से बराबर कर लिया। हालांकि इसके बाद सात्विक के शानदार स्मैश और भाग्यशाली नेट कॉर्ड की मदद से भारतीय जोड़ी ने 21-18 से दूसरा गेम जीतकर मुकाबले को निर्णायक गेम तक खींच लिया। लेकिन तीसरा गेम पूरी तरह एकतरफ़ा साबित हुआ। लियू की धारदार सर्विस ने चिराग को बार-बार मुश्किल में डाला और चीनी जोड़ी ने 9-0 की बड़ी बढ़त बना ली। इंटरवल तक भारतीय जोड़ी 3-11 से पिछड़ चुकी थी और अंततः वापसी करने में नाकाम रही।

