नई दिल्ली : फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो पर इस्तीफा देने का दबाव बढ़ता जा रहा है। नॉर्वेजियन फुटबॉल फेडरेशन (एनएफएफ) की अध्यक्ष लिसे क्लावेनस ने सार्वजनिक रूप से इन्फेंटिनो से पद छोड़ने की मांग की है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उनका कहना है कि मौजूदा प्रशासनिक संकट के बीच विश्व फुटबॉल का नेतृत्व करने के लिए इन्फेंटिनो जरूरी संस्थागत भरोसा खो चुके हैं।
फीफा के निवेश प्रस्ताव पर बढ़ी तनातनी
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार एनएफएफ की मासिक बोर्ड बैठक के बातचीत में क्लावेनस ने कहा कि फीफा और उसके प्रमुख हितधारकों के बीच भरोसा गंभीर रूप से प्रभावित हुआ है। उन्होंने यह टिप्पणी फीफा के उस निवेश प्रस्ताव को लेकर हुए विवाद के बाद की, जिसे बाद में वापस ले लिया गया था।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार क्लावेनस ने कहा, ‘जियानी इन्फेंटिनो के पास अब फीफा का स्थिर तरीके से नेतृत्व करने के लिए जरूरी संस्थागत भरोसा नहीं है। अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल समुदाय मुश्किल दौर से गुजर रहा है और हमारा मानना है कि नए नेतृत्व की जरूरत है। इसलिए हम फीफा अध्यक्ष से इस्तीफा देने के लिए कहेंगे।’
फीफा ने अपने प्रस्तावित निवेश प्लान के तहत विश्व कप से जुड़े वाणिज्यिक अधिकारों में अल्पमत हिस्सेदारी बेचने की योजना बनाई थी। इस प्रस्ताव का कई फुटबॉल संघों और परिसंघों ने विरोध किया था। खासकर यूरोप में इसे लेकर शासन व्यवस्था, पारदर्शिता और विश्व कप पर भविष्य के नियंत्रण से जुड़े सवाल उठाए गए थे।
यूईएफए के और सदस्य देशों के साथ आने की उम्मीद
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार क्लावेनस ने कहा कि नॉर्वे को उम्मीद है कि आने वाले हफ्तों में यूईएफए के और सदस्य देश उसके रुख का समर्थन करेंगे। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल नॉर्वे यूईएफए की कार्यकारी समिति की असाधारण बैठक बुलाने की मांग नहीं कर रहा है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने कहा, ‘हम यूईएफए और अन्य सदस्य संघों के साथ नियमित बातचीत कर रहे हैं। अधिक देश औपचारिक रूप से इस रुख में शामिल होंगे या नहीं, यह समय के साथ स्पष्ट होगा। हमारा इरादा सीधे फीफा से संवाद करने और अध्यक्ष से पद छोड़ने के लिए कहने का है।’
यूईएफए भी इन्फेंटिनो पर जता चुका है अविश्वास
2022 में नॉर्वेजियन फुटबॉल फेडरेशन की अध्यक्ष बनीं लिसे क्लावेनस ने कहा कि मौजूदा विवाद को किसी एक घटना तक सीमित नहीं देखा जाना चाहिए। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उनके मुताबिक, नॉर्वे पिछले कई वर्षों से फीफा के सामने प्रशासन से जुड़ी व्यापक चिंताओं को लगातार उठाता रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि यूईएफए पहले ही फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो के नेतृत्व को लेकर अपना भरोसा खोने की बात कह चुका है। यूईएफए की ओर से यह आरोप भी लगाया गया था कि निवेश प्रस्ताव पेश करने से पहले फीफा ने सदस्य संघों के साथ पर्याप्त विचार-विमर्श नहीं किया।
विवाद बढ़ने के बाद फीफा ने निवेश योजना वापस ले ली थी। इसके बाद इन्फेंटिनो ने फीफा के सभी 211 सदस्य संघों से माफी भी मांगी थी। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार हालांकि, यूईएफए का कहना है कि इस पूरे घटनाक्रम ने फीफा की शासन व्यवस्था से जुड़ी गहरी समस्याओं को उजागर किया है। यूईएफए ने सार्थक सुधार लागू नहीं होने की स्थिति में बहिष्कार की चेतावनी भी दी है। ऐसे में नॉर्वे फुटबॉल महासंघ की ओर से इन्फेंटिनो के इस्तीफे की मांग ने फीफा के सामने चल रहे प्रशासनिक संकट को और गहरा कर दिया है।


