राजगीर (बिहार) : भारतीय पुरुष हॉकी टीम के कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने बताया कि हर मैच के तुरंत विश्लेषण और गलतियों से सीख लेने की आदत ने टीम को एशिया कप में आठ साल के खिताबी सूखे को खत्म करने में मदद की। भारत ने रविवार को फाइनल में दक्षिण कोरिया को 4-1 से हराकर एशियाई चैंपियन बनने के साथ ही अगले साल होने वाले विश्व कप के लिए क्वालिफाई किया। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार हरमनप्रीत ने कहा, “हम इसके लिए लंबे समय से तैयारी कर रहे थे और आज इसे हासिल कर लिया। मैं बहुत खुश हूं। अब हमारा अगला लक्ष्य विश्व कप है।”
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने कहा, “हम हर मैच से सीखते हैं। मैं हमेशा कहता रहा हूं कि प्रत्येक मैच में कुछ अच्छा और कुछ बुरा होता है। मायने यह रखता है कि आप उन चीज़ों का विश्लेषण कैसे करते हैं और कितनी जल्दी उस पर काम करते हैं। एक टीम के तौर पर हमने अच्छा बचाव किया है और स्कोरिंग भी शानदार रही है।” भारत का हाल ही में एफआईएच प्रो लीग के यूरोपीय चरण में प्रदर्शन निराशाजनक रहा, जहां उसे लगातार सात हार का सामना करना पड़ा और आठ मैचों में 26 गोल खाए। इसके विपरीत, एशिया कप में भारत ने सात मैचों में केवल नौ गोल गंवाए और 39 गोल किए, जो टीम की सुधार और मजबूती को दर्शाता है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने कहा, “हमने पिछले कुछ मैचों में अपने प्रतिद्वंद्वियों को कड़ी टक्कर दी है और इसलिए हमारा परिणाम शानदार रहा है। फ़ॉरवर्ड खिलाड़ियों को इसका श्रेय जाता है कि वे मौकों को गोल में बदल रहे हैं। हम यह सिलसिला जारी रखना चाहते हैं। “हॉकी इंडिया के अध्यक्ष और पूर्व कप्तान दिलीप टिर्की ने इस उपलब्धि को पूरे देश के लिए गौरवशाली क्षण बताते हुए कहा, “उम्मीद है कि यह हॉकी खिलाड़ियों की भावी पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का काम करेगी।”


