Chess World Cup 2023 : R Praggnanandhaa का सपना टूटा,करना रजत पदक से संतोष

0

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीने ट्वीट शेयर कर R Praggnanandhaa को दी बधाई

इस बीच भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट पर ट्वीट कर उन्हें शुभकामनाएं दी। भारत के पीएम नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर लिखा, “हमें फिडे विश्व कप में शानदार प्रदर्शन करने के लिए आर प्रग्गनानंद पर गर्व है! उन्होंने अपनी असाधरण कौशल का प्रदर्शन किया और फाइनल में मैग्नस कार्लसन को कड़ी टक्कर दी। यह कोई छोटी उपलब्धि नहीं है। उन्हें आगामी टूर्नामेंटों के लिए शुभकामनाएं।”

नई दिल्ली। भारत के 18 साल के युवा शतरंज खिलाड़ी आर प्रगनानंद को फिडे विश्व कप शतरंज के टाईब्रेकर मुकाबले में हार झेलनी पड़ी। दुनिया के नंबर 1 खिलाड़ी मैग्रस कार्लसन Winner ने शतरंज विश्व कप का पहला खिताब जीत लिया है।टाईब्रेकर का पहला राउंड जीतने के बाद मैग्रस ने दूसरे राउंड में शानदार चाल चली और ये राउंड ड्रॉ पर खत्म हुआ और इस तरह मैग्रस ने विश्व कप जीत लिया। ये चेस विश्व कप फाइनल का तीसरा दिन रहा, जहां आर प्रगनानंद इतिहास रचने से चूक गए। उन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा। वह महान खिलाड़ी विश्वनाथन आनंद के बाद वर्ल्ड कप फाइनल में जगह बनाने वाले सर्फ दूसरे भारतीय खिलाड़ी हैं।

रैपिड फॉर्मेट में दो टाईब्रेकर बाजियां खेली गई, जिसमें दोनों खिलाड़ियों को 25-25 मिनट का समय मिला। हर चाल के बाद हर खिलाड़ी के पास 10 सेकंड जुड़ गए। 47 चालों के बाद प्रगनानंद को पहले टाई ब्रेकर में हार मिली और दूसरा टाई-ब्रेकर ड्रॉ पर समाप्त हुआ। दोनों के बीच अंतिम स्कोर, कार्लसन-1.5, प्रग्गनानंद- 0.5 का रहा और इस तरह मैग्रस चेस वर्ल्ड कप विजेता (Chess World Cup 2023 Winner) बन गए।

युवा भारतीय शतरंज खिलाड़ी रमेशबाबू ने 2016 में सबसे कम उम्र के अंतरराष्ट्रीय मास्टर बनकर शतरंज की दुनिया में इतिहास रचा था। इसके साथ उन्होंने फेडरेशन इंटरनेशनल डेस एचेक्स में इंटरनेशनल मास्टर की खास उपाधि हासिल की। उनका इस खेल से लगाव 3.5 साल की उम्र से हुआ,जब से उन्होंने अपनी बड़ी बहन को चेस खेलते हुए देखा था। इसके बाद सात साल की उम्र में उन्होंने विश्व युवा शतरंज चैंपियनशिप जीती थी। इसके बाद अंडर-10 टाइटल के साथ कई खिताब अपने नाम किए।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here