खेल जगत में हड़कंप: विश्वामित्र अवॉर्डी राष्ट्रीय कोच सारिका गुप्ता ने चयन समिति पर लगाए अंकों में हेरफेर के गंभीर आरोप; फेडरेशन को सौंपे वीडियो सबूत
NST NEWS, भोपाल। श्रीनगर में चल रहे नागोया एशियाई खेल 2026 के अंतिम चयन ट्रायल्स से खेल जगत को शर्मसार करने वाला एक बड़ा विवाद सामने आया है। मध्य प्रदेश के सबसे प्रतिष्ठित खेल प्रतीकों में से एक, एकलव्य (2008) व विक्रम पुरस्कार (2012) विजेता और भारतीय वायु सेना में कार्यरत विशिष्ट अंतरराष्ट्रीय वुशु खिलाड़ी अंजुल नामदेव के खिलाफ चयन ट्रायल्स में संस्थागत पूर्वाग्रह, अनुचित स्कोरिंग और खुलेआम पक्षपात के गंभीर आरोप लगे हैं।
अंजुल नामदेव की राष्ट्रीय कोच (विश्वामित्र अवॉर्डी) सारिका गुप्ता ने चयन समिति पर अंकों में हेरफेर करने का सार्वजनिक आरोप लगाते हुए फेडरेशन को आधिकारिक लिखित शिकायत सौंपी है। उन्होंने चेतावनी दी है कि इस तरह के अन्याय से वैश्विक मंच पर भारत की पदक संभावनाओं को भारी नुकसान पहुंचेगा।
चयन समिति पर लगे ये 3 गंभीर आरोप:
राष्ट्रीय कोच सारिका गुप्ता ने ट्रायल्स की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए मुख्य रूप से ये तीन बड़े आरोप लगाए हैं:
- 1. अंतरराष्ट्रीय नियमों की अनदेखी: चयन समिति अपने कुछ पसंदीदा एथलीटों को फायदा पहुंचाने के लिए इंटरनेशनल वुशु फेडरेशन (IWUF) के मानक ‘अंक कटौती’ (डिडक्शन) दिशानिर्देशों की सरेआम अनदेखी कर रही है।
- 2. तकनीकी गलती पर भी खिलाड़ी को दे दिए सबसे ज्यादा अंक: ताओलू स्पर्धा के दौरान प्रतिस्पर्धी खिलाड़ी एम. सूरज सिंह ने अपनी सबसे ऊंची छलांग के दौरान एक बड़ी तकनीकी गलती की थी। नियमों के मुताबिक इस पर भारी अंक काटे जाने थे, लेकिन जजों ने चौंकाने वाले ढंग से उन्हें पूरी स्पर्धा में सबसे अधिक अंक दे दिए।
- 3. योग्य खिलाड़ियों को दरकिनार करने की साजिश: कोच का दावा है कि खास चेहरों को लाभ पहुंचाने के लिए स्कोरिंग में हेरफेर की जा रही है, जिससे कड़ी मेहनत और अनुशासन के साथ खेलने वाले देश के सर्वश्रेष्ठ एथलीटों को जानबूझकर बाहर किया जा सके।

‘खिलाड़ी के पसीने और देश के सम्मान की रक्षा मेरी जिम्मेदारी’
राष्ट्रीय वुशु टीम की कोच सारिका गुप्ता ने इस पूरे घटनाक्रम पर आक्रोश जताते हुए अपना बयान जारी किया है। उन्होंने कहा: “एक कोच के रूप में, मेरी जिम्मेदारी अपने एथलीट के वर्षों की कड़ी मेहनत, पसीने और समर्पण की रक्षा करना है। श्रीनगर में हम जो देख रहे हैं वह निष्पक्ष ट्रायल नहीं है, बल्कि सरेआम पक्षपात है। जब कोई प्रतिस्पर्धी खिलाड़ी इतनी बड़ी तकनीकी चूक के बाद भी दिन के सबसे उच्चतम स्कोर के साथ चला जाता है, तो खेल की अखंडता वहीं खत्म हो जाती है। हमने इन गलतियों के अकाट्य वीडियो सबूत और लिखित शिकायत फेडरेशन को सौंप दी है। हमारी मांग है कि देश में स्वच्छ खेल के लिए स्कोरिंग शीट और वीडियो फुटेज की तत्काल स्वतंत्र समीक्षा की जाए, ताकि अंजुल नामदेव को न्याय मिल सके।”
स्वतंत्र समीक्षा की मांग, आंदोलन की चेतावनी
इस विवाद के सामने आने के बाद खेल प्रेमियों और मध्य प्रदेश के खेल संगठनों में भारी आक्रोश है। कोच द्वारा सौंपे गए तकनीकी वीडियो क्लिप में स्पर्धा की गलतियां साफ दिखाई दे रही हैं। अब देखना यह होगा कि भारतीय वुशु एसोसिएशन और खेल मंत्रालय इस गंभीर शिकायत पर क्या एक्शन लेता है, क्योंकि दांव पर देश के गौरव अंजुल नामदेव का भविष्य और एशियाई खेलों में भारत का पदक है।


