मेलबर्न: ग्लासगो में 2026 में होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों से हॉकी, कुश्ती और शूटिंग का बाहर होना तय लग रहा है, क्योंकि मेजबान शहर ग्लास्गो लागत में कटौती करना चाहता है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, लेकिन अंतरराष्ट्रीय हॉकी महासंघ (एफआईएच) और राष्ट्रमंडल खेल महासंघ दोनों इस पर चुप्पी साधे हुए हैं। ग्लासगो खेलों के आयोजक नेट बॉल, रोड रेसिंग को भी खेलों से हटाना चाहते हैं। आयोजन पहले ऑस्ट्रेलिया के विक्टोरिया में होना था पर वह बढ़ती लागत के कारण मेजबानी से हट गया था। इसके बाद स्कॉटलैंड ने मेजबानी के लिए कदम बढ़ाया। खेलों का कार्यक्रम मंगलवार को घोषित होना है जिसमें महज 10 खेल शामिल किए जाएंगे। बर्मिंघम 2022 में 19 खेल थे।
इससे पहले भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के अध्यक्ष संजय सिंह ने राष्ट्रमंडल खेल महासंघ (सीजीएफ) से आग्रह किया कि इस खेल को 2026 राष्ट्रमंडल खेलों में बरकरार रखा जाए। राष्ट्रमंडल खेलों का आयोजन पहले ऑस्ट्रेलियाई राज्य विक्टोरिया में होना था, लेकिन अब यह स्कॉटलैंड में हो सकता है। इस कारण डब्ल्यूएफआई को इस बात की संभावना कम लगती है कि स्कॉटलैंड इसके लिए राजी हो। भारत राष्ट्रमंडल खेलों में कुश्ती में सबसे सफल देशों में से एक है जिसने 2022 तक इस खेल में 114 पदक जीते हैं।
कुश्ती पिछले तीन खेलों में राष्ट्रमंडल खेलों का हिस्सा रही है। पिछली बार कुश्ती को 2006 में इन खेलों में जगह नहीं मिली थी जब बास्केटबॉल ने इसकी जगह ले ली थी। इससे पहले 1998 में 10 पिन बॉलिंग को शामिल करने के लिए कुश्ती को खेलों की सूची से हटा दिया गया था। स्कॉटलैंड की राजधानी ग्लास्गो का 2026 राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी करना लगभग तय है क्योंकि विक्टोरिया इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता के आयोजन की भारी लागत का हवाला देते हुए मेजबानी से पीछे हट गया था।


