नई दिल्ली : कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत की स्टार महिला मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन ने 75 किलोग्राम भारवर्ग के फाइनल में ऑस्ट्रेलिया की एम्मा-सू ग्रीनट्री का सामना किया। मुकाबले की शुरुआत से ही दोनों मुक्केबाजों ने आक्रामक अंदाज अपनाया और एक-दूसरे पर लगातार तेज पंच लगाए। पहले राउंड में दोनों के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली, लेकिन जजों के फैसले में लवलीना थोड़ा पीछे रहीं। दूसरे राउंड में उन्होंने अपेक्षाकृत रक्षात्मक रणनीति अपनाई, हालांकि अंतिम क्षणों में दमदार पंच लगाकर शानदार वापसी की और मुकाबले को बराबरी की टक्कर तक पहुंचा दिया। पूरे मुकाबले में दोनों खिलाड़ियों ने बेहतरीन कौशल और जुझारूपन का प्रदर्शन किया।
लवलीना का शानदार प्रदर्शन, रजत पदक से किया देश का नाम रोशन
तीसरे राउंड में लवलीना आक्रामक नजर आईं और विरोधी बॉक्सर थोड़ी थकी हुई दिखीं। लवलीना ने ऑस्ट्रेलिया की बॉक्सर को इस राउंड में पूरी तरह से छका दिया और उनका डिफेंस भी शानदार रहा। हालांकि तीसरे राउंड के आखिरी 30 सेकंड में ऑस्ट्रेलिया की बॉक्सर में जोरदार प्रहार करते हुए लवलीना को बैकफुट पर धकेल दिया और मैच को 4-1 से जीत लिया। लवलीना गोल्ड नहीं जीत पाईं और उन्हें सिल्वर से संतोष करना पड़ा।
बॉक्सिंग रिंग में सचिन सिवाच का जलवा, भारत को दिलाया स्वर्ण पदक
पुरुषों के 60 किलोग्राम भारवर्ग के फाइनल मुकाबले में भारत के सचिन सिवाच का सामना नामिबिया के ट्रायअगेन मॉर्निंग न्डेवेलो के साथ हुआ। पहले राउंड में सचिन ने ताबड़तोड़ प्रहार से बढ़त बनाई तो वहीं दूसरे राउंड में भी सचिन का आक्रमण जारी रहा, लेकिन उनके हर आक्रमण का जवाब नामिबिया के बॉक्सर के पास था और उन्होंने इस राउंड में बढ़त बना ली। तीसरे और फाइनल राउंड में सचिन के अटैक के समाने नामिबिया के बॉक्सर पूरी तरह से धराशाई हो गए और इस मुकाबले को सचिन ने जीत लिया।ये बॉक्सिंग में भारत का छठा गोल्ड मेडल रहा।


