एनएसटी न्यूज, भोपाल। उम्र अगर हौसले को रोक दे, तो सपने अधूरे रह जाते हैं। लेकिन अगर हौसला उम्र से बड़ा हो, तो इतिहास रचता है। कुछ ऐसा ही कर दिखाया है इंदौर के अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी जगराम जाट ने, जिन्होंने 46वीं नेशनल मास्टर्स एथलेटिक्स चैंपियनशिप में दो स्वर्ण पदक जीतकर न सिर्फ मध्यप्रदेश, बल्कि पूरे देश को गर्व का अवसर दिया।
केरल के तिरुवंतपुरम में 28 जनवरी से 1 फरवरी तक आयोजित इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में देशभर से अनुभवी और जुझारू एथलीट शामिल हुए। कठिन प्रतिस्पर्धा, बेहतर सुविधाओं और अनुभवी खिलाड़ियों के बीच जगराम जाट ने हाई जंप और ट्रिपल जंप दोनों स्पर्धाओं में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किए।
यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि मास्टर्स एथलेटिक्स वह मंच है, जहां खिलाड़ी केवल ताकत से नहीं, बल्कि अनुभव, अनुशासन और मानसिक मजबूती से जीत दर्ज करते हैं। जगराम जाट ने साबित कर दिया कि खेल के प्रति समर्पण और निरंतर अभ्यास के सामने उम्र सिर्फ एक संख्या है।
संसाधनों की कमी, सीमित सुविधाएं और रोजमर्रा की जिम्मेदारियों के बावजूद जगराम जाट ने अभ्यास नहीं छोड़ा। सुबह की कड़ी ट्रेनिंग, तकनीक पर लगातार काम और आत्मविश्वास ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया। उनका यह सफर आज उन युवाओं और वरिष्ठ खिलाड़ियों दोनों के लिए प्रेरणा है, जो किसी न किसी कारण से अपने सपनों को टाल देते हैं। दोहरा स्वर्ण पदक जीतने के बाद जगराम जाट को इंदौर सहित पूरे प्रदेश से खेल प्रेमियों, प्रशिक्षकों और खिलाड़ियों ने बधाइयां दीं।

