धर्मशाला. हिमाचल प्रदेश का अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम, धर्मशाला, एक बार फिर बड़े मुकाबले की मेजबानी के लिए तैयार हो रहा है। 14 दिसंबर को भारत और साउथ अफ्रीका के बीच तीसरा और निर्णायक टी-20 मैच यहां खेला जाएगा। इस हाई-वोल्टेज मैच के लिए स्टेडियम की आउटफील्ड को नया रूप दिया जा रहा है। हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (HPCA) ने मैदान से पुरानी मिक्स घास हटाकर सर्दियों में उगने वाली राई घास लगाने का काम शुरू कर दिया है। यह घास सर्द मौसम में तेजी से बढ़ती है और खिलाड़ियों के लिए बेहतरीन आउटफील्ड उपलब्ध कराती है।
आउटफील्ड में नई राई घास, सब-एयर सिस्टम भी मौजूद
HPCA अधिकारियों के अनुसार अगले हफ्ते तक पुरानी घास पूरी तरह हटा दी जाएगी। इसके बाद राई घास का बीज बोया जाएगा, जिसे उगने में करीब 22 से 25 दिन लगेंगे। इस प्रक्रिया से दिसंबर में एकदम नई और हरी-भरी आउटफील्ड तैयार हो जाएगी। इससे पहले 2019 में मैदान पर एडवांस सब-एयर सिस्टम लगाया गया था, जिसमें राई और बरमूडा घास दोनों का इस्तेमाल किया गया था। हालांकि मिक्स घास की वजह से पैच बनने लगे थे, इसलिए अब केवल राई घास पर भरोसा किया जा रहा है। HPCA सचिव अवनीश परमार ने कहा कि यह घास पहले भी सफलतापूर्वक इस्तेमाल की जा चुकी है और खिलाड़ी इसमें आराम से खेल पाते हैं।
धर्मशाला में क्रिकेट का इतिहास और रोमांच
धर्मशाला स्टेडियम समुद्र तल से 1,457 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है और इसकी क्षमता करीब 23,000 दर्शकों की है। यह स्टेडियम 2003 में बना और अब तक 1 टेस्ट, 6 वनडे और 11 टी-20 मुकाबलों की मेजबानी कर चुका है। यहां 2013 में पहला अंतरराष्ट्रीय मैच भारत और इंग्लैंड के बीच खेला गया था। मार्च 2024 में भारत-इंग्लैंड टेस्ट के बाद करीब 21 महीने बाद धर्मशाला एक और अंतरराष्ट्रीय मैच की मेजबानी करेगा। अब सभी की निगाहें इस पर टिकी हैं कि क्या टीम इंडिया घरेलू मैदान पर साउथ अफ्रीका के खिलाफ इस मैच में जीत दर्ज कर सीरीज अपने नाम कर पाएगी।


