Divya Deshmukh: विश्व चैंपियन बनकर नागपुर लौटीं दिव्या, परिवार और कोच को दिया जीत का श्रेय

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नागपुर: फिडे महिला शतरंज विश्व कप 2025 की चैंपियन दिव्या देशमुख बुधवार को अपने गृह नगर नागपुर लौटीं। इस ऐतिहासिक जीत के बाद नागपुर पहुंची दिव्या ने अपनी सफलता का श्रेय अपने परिवार और अपने पहले कोच राहुल जोशी को दिया। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने कहा कि यह जीत उनके साथ खड़े सभी लोगों की मेहनत और समर्थन का परिणाम है। नागपुर एयरपोर्ट पर पहुंचने पर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया। उनके परिवार के साथ-साथ प्रशंसक भी बड़ी संख्या में मौजूद थे। महाराष्ट्र शतरंज संघ के अध्यक्ष परिणय फुके भी इस मौके पर मौजूद रहे। 19 वर्षीय दिव्या ने सोमवार को महिला विश्व कप जीतकर इतिहास रच दिया। वह यह खिताब जीतने वाली सबसे कम उम्र की खिलाड़ी बन गईं। उन्होंने जॉर्जिया के बटुमी शहर में खेले गए ऑल-इंडियन फाइनल में अनुभवि कोनेरू हम्पी को टाई-ब्रेकर मुकाबले में हराया।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार दिव्या देशमुख ने नागपुर पहुंचने पर कहा कि मुझे यह स्नेह पाकर बहुत खुशी हुई। यह देखकर अच्छा लग रहा है कि इतनी भीड़ मेरा स्वागत करने के लिए यहां इक्ट्ठा हुई है। मैं बहुत खुश हूं। दिव्या देशमुख ने अपनी जीत का श्रेय अपनी बहन, परिवार के सदस्यों और अपने पहले कोच राहुल जोशी को दिया। उन्होंने कहा, ‘मेरे पहले कोच चाहते थे कि मैं ग्रैंड मास्टर बनूं, मैं इस जीत का श्रेय उन्हें देती हूं।’ किशोरावस्था की चैंपियन दिव्या ने कहा कि ग्रैंड स्विस टूर्नामेंट में भाग लेने से पहले वह कुछ दिन आराम करेंगी। दिव्या को दो अगस्त को एक सार्वजनिक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय मंत्री व नागपुर सांसद नितिन गडकरी सम्मानित करेंगे। दिव्या देशमुख के परिवार के सदस्यों ने उनकी उपलब्धि की सराहना की और कहा कि उन्होंने परिवार, नागपुर, महाराष्ट्र और भारत को गौरवान्वित किया है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इस चैंपियन खिलाड़ी की चाची स्मिता देशमुख ने कहा, ‘हम बहुत खुश हैं कि दिव्या ने हमारे परिवार, नागपुर और भारत को गौरवान्वित किया है। भारत ने इतने वर्षों बाद यह महिला शतरंज विश्व कप जीता है। हम भगवान को धन्यवाद देना चाहते हैं। उनके माता-पिता की इतने वर्षों की कड़ी मेहनत आखिरकार रंग लाई है। हमारी खुशी का ठिकाना नहीं है और हमारे खुशी के आंसू रुक नहीं रहे हैं। हम चाहते हैं कि दिव्या भविष्य में और अधिक सफलता प्राप्त करें और भारत को गौरवान्वित करें। हम उनके घर लौटने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।’

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