एशियन गेम्स 2026 से बाहर हुईं दिव्यांशी, भावुक वीडियो में छलका दर्द

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नई दिल्ली : एशियन गेम्स 2026 के लिए भारतीय वुशु टीम में शामिल की गईं दिव्यांशी चौधरी का एक भावुक वीडियो सामने आया है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार वीडियो में दिव्यांशी टीम से बाहर किए जाने के बाद बेहद निराश और मानसिक रूप से परेशान नजर आ रही हैं। उन्होंने वीडियो में अपने जीवन को लेकर बेहद गंभीर और भावुक बातें कही हैं। दरअसल, दिव्यांशी को एशियन गेम्स 2026 के लिए चुनी गई भारतीय वुशु टीम में शुरुआत में शामिल किया गया था, लेकिन बाद में फिटनेस से जुड़ी वजहों के चलते अंतिम समय में उनका नाम टीम से हटा दिया गया। टीम से बाहर होने के बाद उनकी निराशा इस वीडियो में साफ दिखाई दे रही है।

दिव्यांशी ने आत्महत्या की बात कही, वीडियो में छलका दर्द

वूशू टीम से बाहर किए जाने के बाद दिव्यांशी ने लगभग 9 मिनट का एक वीडियो बनाया और इसमें उन्होंने अपनी पूरी कहानी रोते-रोते बताई और चयन प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए आत्महत्या करने की भी बात कही। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने इस वीडियो में दावा किया कि जून में हुए फाइनल सेलेक्शन ट्रायल में उन्होंने 60 किलोग्राम भारवर्ग में रोशिबीना देवी को दो बार हराया था और अब रोशिबीना को उनकी जगह टीम में शामिल कर लिया गया।

दिव्यांशी का आरोप- जानबूझकर टीम से हटाया नाम

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार दिव्यांशी ने कहा कि वो पूरी तरह से फिट हैं, लेकिन इसके बावजूद फिटनेस का हवाला देते हुए टीम से उनका नाम हटा दिया गया जबकि उन्हें भारतीय टीम की जर्सी और किट भी मिल चुकी थी और सेरेमनी भी हो चुकी थी। वहीं दिव्यांशी का कहना है कि उन्हें श्रीनगर कैंप के दौरान कंधे में चोट लगी थी। फिर उन्होंने डॉक्टर को दिखाया था और उन्हें टेपिंग के साथ खेलने की सलाह दी गई थी। दिव्यांशी ने दावा किया कि उनकी एमआरआई रिपोर्ट कोच और फेडरेशन के पास थी और डॉक्टर ने उन्हें खेलने के लिए सक्षम बताया था।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार दिव्यांशी ने जब चयन में पक्षपात का आरोप लगाया तो इसके बाद वुशु एसोसिएशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष जितेंद्र सिंह ने कहा कि दिव्यांशी चोटिल हैं और इसी वजह से उन्हें एशियन गेम्स में नहीं भेजा जा रहा। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उनका कहना है कि दिव्यांशी जिस मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर खुद को फिट बता रही हैं, वह निजी डॉक्टर की रिपोर्ट है जबकि एसएआई की मेडिकल रिपोर्ट में उन्हें पूरी तरह फिट नहीं बताया गया है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इस मामले पर दिव्यांशी के पिता सुनील कुमार सुंडा का कहना है कि उनकी बेटी फाइनल चयन ट्रायल में पहले स्थान पर रही थी। इसके बाद वह तीन महीने तक एसएआई के भारतीय वुशु टीम कैंप में तैयारी करती रही। चोट के बावजूद दिव्यांशी ने चीन में इंटरनेशनल टूर्नामेंट में हिस्सा लिया और सिल्वर मेडल जीता था। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार दिव्यांशी के पिता का दावा है कि एशियन गेम्स के लिए दिव्यांशी का चयन हो चुका था और जापान के लिए अंतिम एंट्री भी कन्फर्म थी। बाद में उनका नाम हटाकर रोशिबीना देवी को शामिल किया गया।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार दिव्यांशी और उनके पिता ने ये भी आरोप लगाया कि श्रीनगर कैंप के दौरान रोशिबीना देवी ने जानबूझकर दिव्यांशी के कंधे में चोट पहुंचाई। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार वुशु एसोसिएशन के अध्यक्ष ने इस आरोप से इनकार किया और कहा कि उन्होंने कहा कि वुशु मार्शल आर्ट का खेल है और मुकाबले के दौरान चोट लगना संभव है। आपको बता दें कि दिव्यांशी 60 किलोग्राम भारवर्ग में खेलती हैं और उन्होंने साल 2024 जूनियर वर्ल्ड वुशु चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज मेडल और फिर जून 2026 में चीन में हुए टूर्नामेंट में सिल्वर मेडल जीता था।

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