टोरंटो. फीफा विश्व कप 2026 में कनाडा भले ही अपनी पहली जीत दर्ज नहीं कर पाया, लेकिन टोरंटो में बोस्निया-हर्जेगोविना के खिलाफ 1-1 से ड्रॉ खेलकर उसने इतिहास जरूर रच दिया। कनाडा ने पहली बार अपने घर में पुरुष फुटबॉल विश्व कप का मैच खेला और साथ ही विश्व कप इतिहास का पहला अंक भी हासिल किया। मैच के शुरुआती दौर में बोस्निया ने मेजबान टीम के उत्साह पर पानी फेर दिया था। टीम ने शुरुआती बढ़त बनाकर लंबे समय तक मुकाबले में पकड़ बनाए रखी। हालांकि 79वें मिनट में कनाडा के स्ट्राइकर साइल लारिन ने बराबरी का गोल दागकर पूरे स्टेडियम को जश्न में डुबो दिया। इस गोल के साथ कनाडा का 1986 से चला आ रहा विश्व कप में लगातार हार का सिलसिला भी समाप्त हो गया।
टोरंटो स्टेडियम में हजारों प्रशंसकों ने लाल रंग की जर्सी पहनकर अपनी टीम का समर्थन किया। स्टेडियम का माहौल किसी उत्सव से कम नहीं था। विभिन्न आयु वर्ग के प्रशंसक इस ऐतिहासिक क्षण के गवाह बने। मैच से पहले कनाडा के प्रसिद्ध संगीत कलाकार माइकल बब्ले और एलानिस मॉरिसेट ने प्रस्तुति देकर माहौल को और भी खास बना दिया। मुकाबले में दोनों टीमों ने पारंपरिक 4-4-2 फॉर्मेशन के साथ खेला। खेल में संघर्ष और जोश तो भरपूर था, लेकिन तकनीकी गुणवत्ता अपेक्षित स्तर की नहीं दिखी। कनाडा की पासिंग सफलता दर 73 प्रतिशत रही, जबकि बोस्निया की केवल 61 प्रतिशत रही।
मैच के बाद कनाडा के मुख्य कोच जेसी मार्श ने माना कि उनकी टीम पहले हाफ में अपनी क्षमता के अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर सकी। उन्होंने कहा कि मध्यांतर के दौरान खिलाड़ियों को दिए गए संदेशों का असर दूसरे हाफ में साफ दिखाई दिया और टीम ने शानदार वापसी की। दिलचस्प बात यह रही कि गोल करने वाले साइल लारिन शुरुआती एकादश का हिस्सा नहीं थे। उन्हें अंतिम चरण में मैदान पर उतारा गया और उन्होंने लगभग अपने पहले ही प्रभावी स्पर्श में गोल कर टीम को हार से बचा लिया।
हालांकि कई प्रशंसकों को इस बात का अफसोस रहा कि कनाडा जीत हासिल नहीं कर सका, क्योंकि अधिकांश समय वह बेहतर टीम नजर आई। दूसरी ओर बोस्निया ने अपने अनुभवी 40 वर्षीय स्ट्राइकर एडिन जेको को शुरुआती एकादश में नहीं उतारा था और उनकी टीम केवल कुछ सेट पीस मौकों पर ही खतरनाक दिखी। अब विश्व कप का रोमांच वैंकूवर की ओर बढ़ेगा, जहां अगला मुकाबला ऑस्ट्रेलिया और तुर्किये के बीच खेला जाएगा। कनाडा की टीम अपना अगला मैच कतर के खिलाफ खेलेगी। यदि मेजबान टीम जीत दर्ज करने में सफल रहती है, तो नॉकआउट चरण में पहुंचने की उसकी उम्मीदें काफी मजबूत हो जाएंगी।


