नई दिल्ली। केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मंसुख मांडविया ने रविवार को मेजर ध्यानचंद राष्ट्रीय स्टेडियम से देशव्यापी 82वें ‘फिट इंडिया संडे ऑन साइकिल’ अभियान का नेतृत्व किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि साइकिलिंग केवल फिटनेस का माध्यम नहीं, बल्कि प्रदूषण कम करने और जीवाश्म ईंधन (फॉसिल फ्यूल) पर बढ़ती निर्भरता को कम करने का प्रभावी उपाय भी है। इस बार अभियान का आयोजन देशभर में 15 हजार से अधिक स्थानों पर आयुष्मान आरोग्य मंदिर और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के सहयोग से किया गया। इसमें लाखों स्वास्थ्यकर्मियों और आम नागरिकों ने भाग लेकर फिटनेस और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

दिसंबर 2024 में शुरू हुए ‘फिट इंडिया संडे ऑन साइकिल’ अभियान ने अब जन आंदोलन का रूप ले लिया है। अब तक इस अभियान में 30 लाख से अधिक लोग सीधे भाग ले चुके हैं, जबकि वर्ष 2025 से अब तक 8 करोड़ से अधिक लोगों तक फिट इंडिया अभियान का संदेश पहुंच चुका है। नई दिल्ली में हॉकी ओलंपियन और एशियन चैंपियंस ट्रॉफी स्वर्ण पदक विजेता प्रीति दुबे, फिट इंडिया चैंपियन चारुल मलिक तथा आयुष मंत्रालय की योग एवं वेलनेस विशेषज्ञ अनीता सोलंकी ने भी इंडिया गेट और कर्तव्य पथ पर साइकिल रैली में हिस्सा लिया। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग अपनी साइकिल लेकर पहुंचे, जबकि फिट इंडिया की ओर से भी साइकिल उपलब्ध कराई गईं।
डॉ. मांडविया ने कहा, “यदि हर व्यक्ति रविवार को केवल एक घंटे साइकिल चलाए तो वह न केवल स्वयं को फिट रख सकता है, बल्कि प्रदूषण कम करने, देश के ईंधन संसाधनों की बचत करने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने में भी योगदान दे सकता है। फिट इंडिया आंदोलन से प्रेरित होकर देशभर के लाखों युवा अब नियमित साइकिलिंग को अपना रहे हैं।” आयुष्मान आरोग्य मंदिर के राज्य कार्यक्रम अधिकारी डॉ. अंशुल मुद्गल ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य लोगों तक रोकथाम आधारित स्वास्थ्य सेवाओं (प्रिवेंटिव हेल्थकेयर) का संदेश पहुंचाना है। उन्होंने बताया कि दिल्ली में अब तक 415 आयुष्मान आरोग्य मंदिर शुरू किए जा चुके हैं और उनका मुख्य उद्देश्य लोगों को बीमार होने से पहले ही स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना है। इस अभियान में दौड़, योग, जुम्बा और अन्य फिटनेस गतिविधियों के साथ बच्चों के लिए गेम जोन भी बनाया गया, जिसमें लूडो, शतरंज, कैरम, टेबल टेनिस, फुटसल और बैडमिंटन जैसी गतिविधियां शामिल रहीं।


