एनएसटी न्यूज, भोपाल। मध्यप्रदेश में खेल प्रतिभाओं की खोज और संवर्धन को नई दिशा देने के लिए प्रदेश सरकार बड़े स्तर पर खेल ढांचे का विस्तार करने जा रही है। खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने बुधवार को टैलेंट सर्च अभियान की समीक्षा बैठक में घोषणा की कि प्रदेश के प्रत्येक जिले में फीडर सेंटर स्थापित किए जाएंगे। साथ ही विधानसभा क्षेत्रों में विकसित किए जा रहे नए स्टेडियमों को भी फीडर सेंटर के रूप में विकसित किया जाएगा।
संचालनालय खेल एवं युवा कल्याण विभाग के मेजर ध्यानचंद हॉल में आयोजित बैठक में मंत्री सारंग ने अधिकारियों और खेल प्रशिक्षकों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों के खिलाड़ियों को स्थानीय स्तर पर ही बेहतर प्रशिक्षण और सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश खेल अकादमियों के क्षेत्र में पहले ही देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है और अब फीडर सेंटर नेटवर्क के माध्यम से भी राष्ट्रीय स्तर पर नेतृत्व स्थापित करेगा।
मंत्री सारंग ने कहा कि प्रदेश में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। आवश्यकता केवल उन्हें सही समय पर पहचानने और उचित अवसर उपलब्ध कराने की है। इसी उद्देश्य से खेलवार और क्षेत्रवार टैलेंट सर्च अभियान संचालित किए जाएंगे। जिन क्षेत्रों में किसी विशेष खेल की संभावनाएं अधिक हैं, वहां विशेष अभियान चलाए जाएंगे।
उन्होंने स्कूलों, कॉलेजों, समर कैंपों और शिक्षा विभाग के साथ समन्वय बढ़ाने पर जोर देते हुए कहा कि अधिक से अधिक बच्चों और युवाओं को खेल गतिविधियों से जोड़ना सरकार का लक्ष्य है। खेलो इंडिया स्मॉल सेंटर, फीडर सेंटर और खेल अकादमियों के लिए प्रतिभा खोज की प्रक्रिया को एकीकृत रूप से संचालित किया जाएगा।
बैठक में खेल अकादमियों में सीटें बढ़ाने और प्रतिभा चयन प्रक्रिया को तकनीक आधारित बनाने पर भी चर्चा हुई। मंत्री ने कहा कि आधुनिक आईटी सॉल्यूशंस और एथलीट मैनेजमेंट सिस्टम के माध्यम से खिलाड़ियों की प्रगति की नियमित निगरानी की जाएगी।
उन्होंने कहा कि खेलों को जनआंदोलन बनाने के लिए सोशल मीडिया, मीडिया संस्थानों, जनप्रतिनिधियों और जिला प्रशासन की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। यह अभियान केवल अल्पकालिक योजना नहीं, बल्कि प्रदेश में मजबूत खेल संस्कृति विकसित करने का दीर्घकालिक मिशन है।


