FIFA World Cup: महज 5 लाख आबादी वाले केप वर्डे ने विश्व कप में रचा इतिहास, स्पेन की जीत थामी

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नई दिल्ली: फीफा वर्ल्ड कप 2026 का पांचवां दिन बड़ी टीमों के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हुआ। टूर्नामेंट में पहली बार उतरी केप वर्डे ने यूरोपीय चैंपियन स्पेन को गोलरहित बराबरी पर रोककर सभी को चौंका दिया। वहीं मिस्र ने मजबूत बेल्जियम के खिलाफ शानदार प्रदर्शन करते हुए मुकाबला 1-1 से ड्रॉ कराया। इसके अलावा ग्रुप एच में उरुग्वे भी सऊदी अरब के खिलाफ जीत दर्ज करने में नाकाम रहा और दोनों टीमों के बीच मुकाबला 1-1 की बराबरी पर खत्म हुआ। इन नतीजों ने साफ कर दिया है कि इस बार वर्ल्ड कप में छोटी टीमें भी बड़े उलटफेर करने का दम रखती हैं।

करीब पांच लाख की आबादी वाले छोटे से द्वीपीय देश केप वर्डे ने अपने पहले ही वर्ल्ड कप मैच में ऐसा प्रदर्शन किया, जिसकी शायद ही किसी ने उम्मीद की हो। टीम ने खिताब की प्रबल दावेदार स्पेन को 0-0 की बराबरी पर रोक दिया। इस ऐतिहासिक नतीजे के सबसे बड़े नायक 40 साल के गोलकीपर वोजिन्हा रहे, जिन्होंने पूरे मैच में शानदार बचाव करते हुए स्पेन के स्टार खिलाड़ियों को गोल करने का मौका नहीं दिया। स्पेन के लिए फेरान टोरेस सबसे करीब पहुंचे, लेकिन उनका एक शॉट क्रॉसबार से टकरा गया। बाद में भी वोजिन्हा ने कई बेहतरीन सेव किए।

दिलचस्प बात यह रही कि मैच के अंतिम पलों में केप वर्डे के पास जीत हासिल करने का मौका भी था, लेकिन डाइनी बोर्गेस का हेडर स्पेन के गोलकीपर उनाई सिमोन ने बचा लिया। युवा स्टार लामिन यामाल को मैदान पर उतारने के बावजूद स्पेन जीत का रास्ता नहीं खोज सका।

ग्रुप जी में मिस्र ने बेल्जियम को कड़ी चुनौती देते हुए 1-1 से ड्रॉ खेला। मुकाबले के 19वें मिनट में मोहम्मद सलाह के शानदार पास पर इमाम आशूर ने गोल कर मिस्र को बढ़त दिलाई। यह उनका इंटरनेशनल करियर का पहला गोल भी था। मिस्र ने लंबे समय तक इस बढ़त को बनाए रखा और बेल्जियम के स्टार खिलाड़ियों से सजी टीम को परेशान किया। हालांकि, 66वें मिनट में किस्मत ने उनका साथ नहीं दिया। थॉमस म्यूनियर के खतरनाक क्रॉस को रोकने की कोशिश में डिफेंडर मोहम्मद हानी ने गेंद अपने ही गोल में डाल दी और बेल्जियम को बराबरी का गोल मिल गया।

ग्रुप एच के दूसरे मुकाबले में सऊदी अरब और उरुग्वे के बीच भी रोमांचक मुकाबला देखने को मिला। सऊदी अरब ने पहले हाफ में अब्दुलेलाह अल अमरी के गोल की बदौलत बढ़त बना ली। उरुग्वे के अनुभवी गोलकीपर फर्नांडो मुस्लेरा ने इस मैच में इतिहास रच दिया। 39 साल और 364 दिन की उम्र में वह वर्ल्ड कप में उरुग्वे का प्रतिनिधित्व करने वाले सबसे उम्रदराज खिलाड़ी बन गए।

दूसरे हाफ में उरुग्वे ने मैच पर पकड़ मजबूत करने के लिए लगातार आक्रामक खेल दिखाया। फेडेरिको विनास और मैनुएल उगार्ते ने कई बार गोल करने की कोशिश की, लेकिन सऊदी अरब की मजबूत रक्षापंक्ति के सामने सफलता नहीं मिल सकी। आखिरकार मुकाबला खत्म होने से 10 मिनट पहले मैक्सी अराउजो ने शानदार गोल दागकर उरुग्वे को बराबरी दिलाई और टीम को हार से बचा लिया। इसके बाद उरुग्वे ने जीत के लिए आखिरी मिनटों तक पूरा जोर लगाया, लेकिन सऊदी अरब के बेहतरीन डिफेंस के चलते मुकाबला 1-1 की बराबरी पर समाप्त हुआ।

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