लंदन: गत चैम्पियन लिवरपूल ने जज्बात से भरे मुकाबले में बर्नमाउथ को 4-2 से हराकर प्रीमियर लीग में जीत के साथ अपना अभियान शुरू किया और दिवंगत फुटबॉलर डियोगो जोटा को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस मैच में एक खिलाड़ी नस्लीय टिप्पणी का भी शिकार हुआ। लिवरपूल ने दो गोल की बढ़त गंवाने के बाद 88वें मिनट में फेडरिको चिएसा और स्टॉपेज टाइम में मोहम्मद सालाह के गोल से जीत सुनिश्चित की। इससे पहले हुगो एकिटिके और कोडी गाकपो ने लिवरपूल को 2-0 से बढ़त दिलाई थी। मैच 28वें मिनट में कुछ देर के लिए रुका जब बूर्नमाउथ के फॉरवर्ड अंतोइने सेमेन्यो ने रैफरी एंथोनी टेलर से शिकायत की कि एक दर्शक ने उन पर नस्लीय टिप्पणी की है। टीम के मैनेजर ने कहा कि टिप्पणी करने वाले को पहचान लिया गया है। घाना के 25 वर्ष के सेमेन्यो को उनके साथी खिलाड़ियों ने ढांढस बंधाया।
सेमेन्यो ने 64वें और 76वें मिनट में गोल करके लिवरपूल की बढ़त घटा दी थी। यह लिवरपूल का पहला प्रतिस्पर्धी मैच था, जो पिछले पांच साल के लोकप्रिय खिलाड़ी डियोगो जोटा और उनके भाई आंद्रे सिल्वा की तीन जुलाई को हुए कार हादसे में मौत के बाद खेला गया। मैच शुरू होने से पहले प्रशंसकों ने हाथ में पुर्तगाल के इन दोनों खिलाड़ियों के सम्मान में ‘डीजे20’ और ‘एएस30’ के प्लेकार्ड ले रखे थे। लिवरपूल के खिलाड़ियों ने मैदान पर एक घेरा बनाकर दिवंगत जोटा और उनके भाई को सम्मान दिया, जबकि दोनों टीमों के खिलाड़ियों और स्टाफ ने काली पट्टी बांधकर संवेदनशीलता व्यक्त की। आखिरी सीटी बजने के बाद मोहम्मद सालाह अपने आंसू नहीं रोक सके और कोप स्टैंड के सामने खड़े रहे। उन्होंने मैच में अपने गोल के बाद डियोगो जोटा की याद में जश्न भी मनाया।


